वैशाली की बहू विजया लक्ष्मी बनीं असिस्टेंट प्रोफेसर, शादी के बाद भी नहीं छोड़ी पढ़ाई, जानिए सफलता की कहानी
विजया लक्ष्मी की फाइल फोटो
Assistant Professor Examination Success : महनार की विजया लक्ष्मी ने असिस्टेंट प्रोफेसर परीक्षा पास कर परिवार का नाम रोशन किया. जानिए उनके संघर्ष और सफलता की पूरी कहानी.
Assistant Professor Examination Success : वैशाली जिले के महनार प्रखंड के लोदीपुर चकपहाड़ गांव की बहू विजया लक्ष्मी ने 211 डिग्री कॉलेज के लिए आयोजित असिस्टेंट प्रोफेसर परीक्षा में सफलता हासिल कर परिवार, गांव और जिले का गौरव बढ़ाया है. विवाह के बाद भी लगातार पढ़ाई जारी रखते हुए उन्होंने यह उपलब्धि हासिल की. उनकी सफलता अब क्षेत्र की बेटियों और युवाओं के लिए प्रेरणा बन गई है.
महनार की बहू ने बढ़ाया वैशाली का गौरव
हाजीपुर के महनार प्रखंड अंतर्गत लोदीपुर चकपहाड़ गांव की पुत्रवधु विजया लक्ष्मी ने अंग्रेजी विषय में 211 डिग्री कॉलेज के लिए आयोजित असिस्टेंट प्रोफेसर परीक्षा में सफलता हासिल की है. वह स्थानीय रामसुंदर सिंह की पुत्रवधु हैं और सारण जिले के मकेर प्रखंड के दादनपुर गांव निवासी सेवानिवृत्त शिक्षक रामजी सिंह की पौत्री हैं. इस सफलता से परिवार और पूरे क्षेत्र में खुशी का माहौल है.
शिक्षा के दम पर हासिल किया नया मुकाम
विजया लक्ष्मी की प्रारंभिक शिक्षा मुजफ्फरपुर के ऑक्सफोर्ड सीनियर सेकेंडरी स्कूल से हुई. इसके बाद उन्होंने बीआरए बिहार विश्वविद्यालय, मुजफ्फरपुर से अंग्रेजी विषय में स्नातक और वर्ष 2023 में स्नातकोत्तर की पढ़ाई पूरी की. शिक्षा के प्रति उनका समर्पण ही इस सफलता की मजबूत नींव बना.
शादी के बाद भी नहीं रुकी पढ़ाई
वर्ष 2024 में विजया लक्ष्मी का विवाह राहुल कुमार सिंह से हुआ, जो श्रम संसाधन एवं प्रवासी श्रमिक कल्याण विभाग के उप श्रमायुक्त कार्यालय, दरभंगा में कार्यरत हैं. विवाह के बाद भी ससुराल के सहयोग और प्रोत्साहन से उन्होंने अपनी पढ़ाई जारी रखी. इसी दौरान उन्होंने तीन बार यूजीसी नेट परीक्षा भी उत्तीर्ण की और अपनी तैयारी लगातार जारी रखी.
परिवार के सहयोग को बताया सफलता की सबसे बड़ी ताकत
वर्तमान में विजया लक्ष्मी अपने पति और सास जयमाला देवी के साथ हाजीपुर में रहकर अध्ययन कर रही हैं. उन्होंने अपनी सफलता का श्रेय दादाजी, माता-पिता, पति, सास, भाई, मित्रों तथा मायके और ससुराल के सभी परिजनों को दिया. उनका कहना है कि परिवार के निरंतर सहयोग और प्रेरणा ने उन्हें अपने लक्ष्य तक पहुंचने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई.
किसान की बेटी बनीं असिस्टेंट प्रोफेसर
विजया लक्ष्मी के पिता अवधेश कुमार किसान हैं, जबकि उनकी माता किरण देवी गृहिणी हैं. उनके बड़े भाई विजेता विक्रम सरकारी सेवा की तैयारी कर रहे हैं. वहीं, उनके जेठ रौशन कुमार सिंह मुजफ्फरपुर में इंडियन बैंक में प्रबंधक के पद पर कार्यरत हैं. परिवार के सभी सदस्यों ने उनकी उपलब्धि पर खुशी जताई है.
गांव और परिवार में खुशी का माहौल
असिस्टेंट प्रोफेसर परीक्षा में सफलता मिलने के बाद विजया लक्ष्मी के मायके और ससुराल दोनों जगह खुशी का माहौल है. ग्रामीणों और शुभचिंतकों ने उन्हें बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की. उनकी सफलता क्षेत्र की अन्य छात्राओं के लिए भी प्रेरणास्रोत मानी जा रही है.
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