साधारण किसान परिवार की बेटी प्रगति कुमारी ने 70वीं बीपीएससी में गाड़ा सफलता का झंडा, बनीं स्टेट टैक्स असिस्टेंट कमिश्नर

Author Vikas Jha
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हाजीपुर की प्रगति कुमारी बनीं स्टेट टैक्स असिस्टेंट कमिश्नर। फोटो- प्रभात खबर

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BPSC 70th Result: वैशाली जिले के लालगंज प्रखंड अंतर्गत भटौली भगवान गांव की बेटी प्रगति कुमारी ने 70वीं बीपीएससी संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा में शानदार सफलता हासिल की है. एक साधारण किसान परिवार में जन्मी प्रगति ने विपरीत परिस्थितियों और सीमित संसाधनों के बावजूद इस कठिन परीक्षा को पास कर स्टेट टैक्स असिस्टेंट कमिश्नर का प्रतिष्ठित पद प्राप्त किया है. वर्तमान में शिक्षिका के रूप में कार्यरत प्रगति की इस बड़ी उपलब्धि से पूरे क्षेत्र में हर्ष का माहौल है.

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BPSC 70th Result: कहते हैं कि सपनों की कोई जात, वर्ग या आर्थिक हैसियत नहीं होती. अगर इरादे मजबूत हों तो गांव की पगडंडियों से निकलकर भी सफलता के शिखर तक पहुंचा जा सकता है. वैशाली जिले के लालगंज प्रखंड के भटौली भगवान गांव की बेटी प्रगति कुमारी ने इस कहावत को पूरी तरह सच साबित कर दिया है. साधारण किसान परिवार में जन्मी प्रगति ने बीपीएससी की 70वीं संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा में सफलता हासिल कर स्टेट टैक्स असिस्टेंट कमिश्नर का पद प्राप्त किया है. उनकी इस ऐतिहासिक कामयाबी से न केवल उनके परिवार का, बल्कि पूरे जिले का मान बढ़ा है.

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सरकारी स्कूल से की प्रारंभिक पढ़ाई

प्रगति के पिता लालमोहन पासवान एक साधारण किसान हैं, जबकि उनकी माता शिक्षिका हैं. सीमित संसाधनों वाले परिवार में पली-बढ़ी प्रगति के लिए यह सफर बिल्कुल भी आसान नहीं था. उन्होंने अपनी प्रारंभिक पढ़ाई-लिखाई गांव के ही सरकारी विद्यालय से पूरी की. गांव की बेटी होने के नाते समाज की तमाम चुनौतियां और विपरीत परिस्थितियां उनके सामने खड़ी थीं, लेकिन उन्होंने कभी अपने सपनों को छोटा नहीं होने दिया. उनके माता-पिता की भी एक ही इच्छा थी कि उनकी बेटी पढ़-लिखकर परिवार और समाज का नाम रोशन करे. प्रगति ने भी इस अटूट विश्वास को अपनी ताकत बनाया और निरंतर आगे बढ़ती रहीं.

शिक्षिका की नौकरी के साथ जारी रखा संघर्ष

उच्च शिक्षा हासिल करने के बाद प्रगति ने बीपीएससी शिक्षक भर्ती परीक्षा उत्तीर्ण की और भगवान शंकर उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, लालगंज में शिक्षिका के रूप में अपनी सेवा शुरू की. स्कूल में बच्चों के भविष्य को संवारने के साथ-साथ उन्होंने अपने प्रशासनिक अधिकारी बनने के सपनों की उड़ान भी जारी रखी. नौकरी की दोहरी जिम्मेदारियों के बीच पढ़ाई के लिए समय निकालना बेहद कठिन काम था, लेकिन प्रगति ने हार नहीं मानी. वे दिनभर बच्चों को पढ़ाने के बाद देर रात तक सिविल सर्विसेज परीक्षा की तैयारियों में जुटी रहती थीं.

BPSC Success Story : असफलता को बनाया जीत की सीढ़ी

बीपीएससी की 69वीं परीक्षा में उन्होंने प्रारंभिक परीक्षा (PT) पास कर ली थी, लेकिन मुख्य परीक्षा (Mains) में उन्हें सफलता नहीं मिल सकी थी. यह असफलता किसी भी अभ्यर्थी के हौसले को तोड़ सकती थी, मगर प्रगति ने इसे अपनी कमजोरी नहीं, बल्कि अगली सफलता की सीढ़ी बना लिया. उन्होंने अपनी कमियों को सुधारा और पहले से अधिक मेहनत कर अपने दूसरे ही प्रयास में बीपीएससी 70वीं परीक्षा में सफलता का परचम लहरा दिया. आज प्रगति कुमारी की सफलता सिर्फ एक नौकरी पाने की कहानी नहीं, बल्कि संघर्ष, धैर्य, आत्मविश्वास और बेटियों की शक्ति की एक अद्भुत मिसाल बन गई है.

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