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मिट्टी का दीया जलाएं, पर्यावरण बचाएं अभियान के तहत चलाया गया जागरूकता अभियान

Updated at : 25 Oct 2024 10:19 PM (IST)
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मिट्टी का दीया जलाएं, पर्यावरण बचाएं अभियान के तहत चलाया गया जागरूकता अभियान

धन की देवी मां लक्ष्मी की पूजा की तैयारी को लेकर सभी अपने अपने घरों की साफ-सफाई में जुटे है. जल्द ही दीपों का त्योहार आने वाला है.

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हाजीपुर.

धन की देवी मां लक्ष्मी की पूजा की तैयारी को लेकर सभी अपने अपने घरों की साफ-सफाई में जुटे है. जल्द ही दीपों का त्योहार आने वाला है. त्योहार को लेकर लेकर लोग जोर-शोर से तैयारी कर रहे हैं. सबसे खास त्योहार दीपावली को लेकर हर कोई अपने सगे-संबंधियाें के साथ खुशियां बांटने की तैयारी में जुटा है. ऐसे समय में प्रभात खबर सभी लोगों के घरों काे खुशियों की रोशनी से रोशन करने वाले मिट्टी दीया बनाने वाले कलाकार के घर भी खुशियाें कर दिवाली मनाने के लिए विशेष रूप से मिट्टी के दीया जलाएं, पर्यावरण बचाएं अभियान चला रही है.

इस अभियान के माध्यम से प्रभात खबर लोगों से अपील करती है कि इस दिवाली को खास बनाने के लिए अपने गांव समाज में मिट्टी के दीया बनाने वालों से दीया खरीद कर अपने घर के साथ साथ उनके घरों को भी खुशियाें की रोशनी से रोशन करने के लिए आगे बढ़े. दीपावली का त्योहार आने में अब मात्र कुछ दिन ही शेष रह गये है. त्योहार में सभी के घर खुशियों की रोशनी पहुंचे इसके लिए प्रभात खबर द्वारा चलाये जा रहे अभियान के तहत पातेपुर के निरपुर गांव स्थित विश्वनाथ राय डिग्री कॉलेज में मिट्टी के दीया जलाएं, पर्यावरण बचाएं अभियान के तहत जागरूकता अभियान चलाया गया. अभियान के दौरान कॉलेज के व्यवस्थापक प्रशांत कुमार के नेतृत्व में छात्र-छात्राओं ने मिट्टी के दीया जला कर लोगों से दीपावली में अधिक से अधिक घरों में मिट्टी के दीया जलाने की अपील की. वहीं कॉलेज के प्राचार्य अशोक कुमार द्विवेदी ने छात्र-छात्राओं को दिवाली के मौके पर मिट्टी के दीया जलाने की शपथ दिलायी.

झालर लाइट मानव जीवन पर डाल रहा प्रतिकूल प्रभाव :

जागरूकता अभियान के दौरान कॉलेज के प्राचार्य ने छात्र-छात्राओं को संबोधित करते हुए दीपावली में मिट्टी का दीया जलाने के संबंध में विस्तार से प्रकाश डाला. बताया गया कि आधुनिक युग में लोग पुरानी परंपरा को भूल रहे हैं. मिट्टी के दीया जलाने का पौराणिक मान्यता के साथ वैज्ञानिक दृष्टिकोण से भी मानव के लिए काफी फायदेमंद है. मिट्टी के दीया में घी या सरसों तेल से जलाये जाने वाले दीप जहां लोगों को खुद जलकर लोगों को उजियारा देने का संदेश देते हैं वहीं पर्यावरण को सुरक्षित रखने में भी सहायता प्रदान करती है. आजकल लोग झालर लाइटों से अपने घर को सजाते हैं, लेकिन झालर लाइटों पर कीट पतंग आकर्षित हाेते हैं, लेकिन नष्ट नहीं होते हैं.

प्रभात खबर के अभियान की लोगों ने की सराहना :

विश्वनाथ राय डिग्री कॉलेज में छात्राें के बीच चलाये गये जागरूकता अभियान में शामिल बाजार के लोगाें ने प्रभात खबर के इस अभियान की प्रशंसा के साथ सराहना की. कॉलेज के व्यवस्थापक प्रशांत कुमार ने बताया कि प्रभात खबर समय समय पर जन सरोकार से जुड़ी मुद्दों को लेकर आये दिन जागरूकता अभियान के साथ ज्वलंत मुद्दों को भी प्रमुखता से लोगों के बीच पहुंचाती है. दीपावली के मौके पर कुम्हार जाति के लोगों के आजीविका का श्रोत मिट्टी के दीया एवं अन्य सामानों के महत्ता को लेकर जागरूकता अभियान चला रही है. इससे मिट्टी के कलाकारों के घरों में खुशियों के साथ पौराणिक परंपरा को भी समाज में जान डालने का काम कर रही है.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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