गोपालगंज में शिक्षकों की छुट्टी प्रक्रिया बदली, अब ई-शिक्षाकोष पोर्टल से करना होगा आवेदन

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कैंपस-   अब तय प्रारूप में ही मिलेगा शिक्षकों को अवकाश, ऑनलाइन व्यवस्था लागू होते ही बंद होगा ऑफलाइन आवेदन

गोपालगंज जिले के सरकारी शिक्षकों के लिए अवकाश लेने के नियमों में बदलाव किया गया है. अब सभी प्रकार के अवकाश के लिए ई-शिक्षाकोष पोर्टल पर आवेदन करना अनिवार्य होगा. विशेष परिस्थितियों में ऑफलाइन आवेदन की अनुमति है, लेकिन ऑनलाइन व्यवस्था लागू होने पर यह बंद हो जाएगी.

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Gopalganj News: जिले के सरकारी विद्यालयों में कार्यरत शिक्षकों के अवकाश लेने की प्रक्रिया में बदलाव किया गया है. अब शिक्षकों को छुट्टी के लिए निर्धारित प्रक्रिया का पालन करना होगा. जिला शिक्षा विभाग कार्यालय की स्थापना शाखा के डीपीओ विनय कुमार सुमन ने सभी प्रखंड शिक्षा पदाधिकारियों (बीईओ) को निर्देश जारी कर नई व्यवस्था लागू करने को कहा है.

निर्देश के अनुसार, प्राथमिक, मध्य, माध्यमिक और उच्च माध्यमिक विद्यालयों में कार्यरत प्रधानाध्यापक, प्रधान शिक्षक, सहायक शिक्षक, विशिष्ट शिक्षक और विद्यालय अध्यापक (स्थानीय निकाय के शिक्षकों को छोड़कर) अब केवल विभाग द्वारा निर्धारित प्रारूप में ही अवकाश के लिए आवेदन करेंगे.

यह व्यवस्था शिक्षा विभाग, बिहार सरकार द्वारा जारी पूर्व दिशा-निर्देशों के अनुपालन में लागू की गई है. सभी प्रकार के अनुमान्य अवकाश के लिए निर्धारित आवेदन प्रपत्र का उपयोग करना अनिवार्य होगा.

मातृत्व और प्रसव अवकाश के लिए विशेष प्रपत्र जरूरी

विभाग ने स्पष्ट किया है कि मातृत्व अवकाश और प्रसव अवकाश के मामलों में पहले से निर्धारित विशेष प्रपत्र को आवेदन के साथ संलग्न करना होगा. आवेदन करने से पहले संबंधित शिक्षक और आवेदन को अग्रसारित करने वाले पदाधिकारी को बिहार सेवा संहिता एवं विभागीय प्रावधानों का पालन सुनिश्चित करना होगा.

ई-शिक्षाकोष पोर्टल से होगा आवेदन

शिक्षा विभाग ने निर्देश दिया है कि विशेष परिस्थितियों को छोड़कर सभी शिक्षक अवकाश लेने से पहले अपना आवेदन ई-शिक्षाकोष पोर्टल पर अपलोड करेंगे.

यदि आवेदन के साथ किसी अतिरिक्त दस्तावेज की आवश्यकता होगी तो उसे भी पोर्टल के माध्यम से ही उपलब्ध कराना होगा. फिलहाल ऑनलाइन अवकाश स्वीकृति प्रणाली पूरी तरह लागू नहीं होने तक ऑफलाइन आवेदन स्वीकार किए जाएंगे.

विभाग ने साफ किया है कि ऑनलाइन व्यवस्था शुरू होने के बाद किसी भी परिस्थिति में ऑफलाइन आवेदन पर विचार नहीं किया जाएगा.

विद्यालय में पढ़ाई प्रभावित नहीं होनी चाहिए

डीपीओ विनय कुमार सुमन ने बताया कि अवकाश की अनुशंसा करने से पहले प्रधानाध्यापक और प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी को यह सुनिश्चित करना होगा कि विद्यालय में शिक्षकों की पर्याप्त उपलब्धता बनी रहे और विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित न हो.

उन्होंने बताया कि जिला कार्यालय में भेजे जाने वाले प्रत्येक आवेदन के साथ संबंधित विद्यालय के प्रधानाध्यापक का पत्रांक व दिनांक सहित अग्रसारण और प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी का अनुमोदन अनिवार्य होगा. इसके बाद ही जिला शिक्षा कार्यालय अवकाश स्वीकृति पर अंतिम निर्णय लेगा.

ऑनलाइन रिकॉर्ड से बढ़ेगी पारदर्शिता

शिक्षा विभाग का मानना है कि नई व्यवस्था लागू होने से शिक्षकों के अवकाश स्वीकृति की प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और समयबद्ध होगी. साथ ही अवकाश से संबंधित पूरा रिकॉर्ड ऑनलाइन उपलब्ध रहेगा, जिससे अनियमितताओं पर भी रोक लगेगी.

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