गोपालगंज में UP की वोटर लिस्ट में नाम होने पर शिक्षिका निलंबित: फर्जीवाड़े और दोहरे निवास प्रमाण पत्र पर DEO का बड़ा एक्शन
गोपालगंज जिले की एक शिक्षिका को उत्तर प्रदेश की मतदाता सूची में नाम पाए जाने और संदिग्ध प्रमाणपत्रों के इस्तेमाल के आरोप में निलंबित कर दिया गया है. जिला शिक्षा पदाधिकारी ने इस मामले में कड़ी कार्रवाई की है.
Gopalganj News: जिले के कुचायकोट प्रखंड अंतर्गत उच्च माध्यमिक विद्यालय बलिवन रायमल में पदस्थापित शिक्षिका प्रियंका साह को शिक्षा विभाग ने तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है. उत्तर प्रदेश की मतदाता सूची में नाम दर्ज होने और नियुक्ति के दौरान संदिग्ध प्रमाणपत्रों के इस्तेमाल की शिकायत सही पाए जाने के बाद जिला शिक्षा पदाधिकारी (डीईओ) अमरेंद्र कुमार पाण्डेय ने यह कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई की है. शिक्षिका के खिलाफ अलग से विभागीय आरोपपत्र (प्रपत्र 'क') गठित किया जा रहा है.
यूपी की मतदाता सूची में नाम और वोट डालने का आरोप
कुशीनगर जिले के सलेमगढ़ निवासी राम प्रवेश द्वारा शिक्षा विभाग को सौंपे गए साक्ष्यों के आधार पर यह कार्रवाई की गई है:
- वोटर लिस्ट में नाम: वर्ष 2021 की उत्तर प्रदेश की अंतिम निर्वाचक नामावली में शिक्षिका का नाम क्रम संख्या 4146 पर दर्ज पाया गया.
- मतदान का दावा: शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि शिक्षिका ने वहां अपने मताधिकार का भी प्रयोग किया है.
- ई-डिस्ट्रिक्ट पोर्टल रिकॉर्ड: शिकायत में उत्तर प्रदेश सरकार के ई-डिस्ट्रिक्ट पोर्टल पर 9 अगस्त 2015 को किए गए आवेदन के आधिकारिक विवरण का भी हवाला दिया गया.
एक नियुक्ति, दो अलग-अलग जिलों के निवास व जाति प्रमाणपत्र
जांच के दौरान शिक्षिका के आवासीय और जाति प्रमाणपत्रों में भी भारी विसंगतियां उजागर हुईं:
- आवेदन के समय: शिक्षिका ने नियुक्ति के समय गोपालगंज जिले के उचकागांव थाना क्षेत्र अंतर्गत वृंदावन तकिया का जाति एवं निवास प्रमाणपत्र प्रस्तुत किया था.
- सुनवाई के दौरान: वहीं विभागीय जांच और सुनवाई के समय पश्चिम चंपारण जिले के बैरिया प्रखंड स्थित भितहां निजामत का प्रमाणपत्र उपलब्ध कराया गया.
तथ्य छिपाने और अवैध वेतन निकासी पर गिरी गाज
उपलब्ध अभिलेखों और जांच रिपोर्ट की समीक्षा के बाद शिक्षा विभाग ने प्रथम दृष्टया आरोपों को बेहद गंभीर माना है.
"शिक्षिका द्वारा वास्तविक तथ्यों को छिपाकर शिक्षक नियोजन का अनुचित लाभ लेने, विभाग को गुमराह करने, अवैध रूप से सरकारी वेतन भुगतान प्राप्त करने और बिहार सरकारी सेवक आचरण नियमावली के प्रतिकूल कार्य करने के आरोप प्रथम दृष्टया प्रमाणित पाए गए हैं. निलंबन अवधि में शिक्षिका का मुख्यालय प्रखंड संसाधन केंद्र (बीआरसी) सिधवलिया नियत किया गया है, जहां उन्हें केवल नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता देय होगा." — अमरेंद्र कुमार पाण्डेय, जिला शिक्षा पदाधिकारी, गोपालगंज
आपके शहर में
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए