गोपालगंज में शिक्षकों का चार दिवसीय TARL प्रशिक्षण शुरू: बच्चों के सीखने के स्तर अनुसार होगी पढ़ाई, निपुण बिहार पर जोर

Updated:
विज्ञापन

प्रशिक्षण देते शिक्षिका.

WhatsApp चैनल से जुड़ेंगूगल पर प्रभात खबर चुनें

गोपालगंज में शिक्षा विभाग ने 'टीचिंग एट द राइट लेवल' (TARL) पर चार दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला का शुभारंभ किया है. इसका उद्देश्य शिक्षकों को बच्चों की सीखने की क्षमता के अनुसार पढ़ाने की प्रभावी तकनीकें सिखाना है.

विज्ञापन

Gopalganj News: शिक्षा विभाग के सभागार में बुनियादी साक्षरता एवं संख्यात्मक दक्षता (एफएलएन) को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से ‘टीचिंग एट द राइट लेवल’ (टीएआरएल) आधारित चार दिवसीय गैर-आवासीय प्रशिक्षण का आगाज हुआ. 15 से 18 सितंबर 2026 तक चलने वाले इस प्रशिक्षण कार्यशाला का विधिवत उद्घाटन डीपीओ शिवम, प्रथम संस्था के हेमंत कुमार एवं नोडल पदाधिकारी आरपी सिंह ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया. पहले दिन जिले के विभिन्न प्रखंडों से पहुंचे 60 शिक्षकों ने इसमें हिस्सा लिया, जहां उन्हें बच्चों की वर्तमान सीखने की क्षमता को समझकर पढ़ाने की प्रभावी तकनीकें सिखाई गईं.

विज्ञापन
फोटो:- दीप प्रज्वलित करते डीपीओ व अन्य  फोटो:- डीपीओ को भेट देती शिक्षिका भावना कुमारी फोटो:- प्रशिक्षण में शामिल शिक्षक फोटो :- प्रशिक्षण देते शिक्षिका   | Prabhat Khabar Network
दीप प्रज्वलित करते डीपीओ व अन्य.

आकलन के बाद समान स्तर के बच्चों का बनेगा समूह

प्रशिक्षण के दौरान प्रशिक्षकों ने स्पष्ट किया कि शिक्षण कार्य केवल पाठ्यक्रम समाप्त करने तक सीमित न रहकर बाल-केंद्रित होना चाहिए. इसके तहत शिक्षकों को निर्देशित किया गया कि वे कक्षा में बच्चों का सरल आकलन कर उनके वास्तविक अधिगम स्तर की पहचान करें. इसके बाद समान क्षमता वाले बच्चों के छोटे समूह बनाकर खेल-खेल में गतिविधि आधारित शिक्षण कराया जाए, जिससे सीखने में पिछड़ रहे बच्चों को भी बिना किसी हिचक के आगे बढ़ने का समान अवसर मिल सके.

फोटो:- दीप प्रज्वलित करते डीपीओ व अन्य  फोटो:- डीपीओ को भेट देती शिक्षिका भावना कुमारी फोटो:- प्रशिक्षण में शामिल शिक्षक फोटो :- प्रशिक्षण देते शिक्षिका   | Prabhat Khabar Network
डीपीओ को भेट देती शिक्षिका भावना कुमारी.

बच्चों में बुनियादी दक्षता और आत्मविश्वास बढ़ाना जरूरी

कार्यशाला को संबोधित करते हुए अधिकारियों ने आधुनिक शैक्षणिक दृष्टिकोण को अपनाने पर बल दिया.

"टीएआरएल पद्धति का मुख्य ध्येय रटंत प्रणाली को खत्म कर प्रत्येक बच्चे को उसकी गति और समझ के अनुसार शिक्षा देना है. जब शिक्षक बच्चों की व्यक्तिगत जरूरतों के अनुरूप गतिविधि आधारित माहौल तैयार करेंगे, तो उनमें बुनियादी साक्षरता और गणितीय समझ के साथ-साथ सीखने का आत्मविश्वास भी बढ़ेगा." — शिक्षा विभाग, गोपालगंज
फोटो:- दीप प्रज्वलित करते डीपीओ व अन्य  फोटो:- डीपीओ को भेट देती शिक्षिका भावना कुमारी फोटो:- प्रशिक्षण में शामिल शिक्षक फोटो :- प्रशिक्षण देते शिक्षिका   | Prabhat Khabar Network
दीप प्रज्वलित करते डीपीओ व अन्य.

निपुण बिहार के लक्ष्यों की प्राप्ति के लिए संयुक्त प्रयास

कार्यशाला में जिला तकनीकी टीम के सदस्य राकेश भारती, श्वेता गुप्ता सहित मास्टर ट्रेनर भूपेश कुमार, मिथिलेश तिवारी, भावना कुमारी एवं शाकम्भरी ने शिक्षकों को प्रायोगिक सत्रों के माध्यम से पाठ योजना और गतिविधि संचालन का अभ्यास कराया. अधिकारियों ने जिले के सभी शिक्षकों, प्रधानाध्यापकों और शिक्षा पदाधिकारियों से एकजुट होकर कार्य करने का आह्वान किया, ताकि विद्यालयों में आनंददायक वातावरण बने और 'निपुण बिहार' के संकल्प को शत-प्रतिशत पूरा किया जा सके.

Also Read: गोपालगंज के थावे में दर्दनाक सड़क हादसा: ससुराल जा रहे बाइक सवार परिवार को दूसरी बाइक ने मारी टक्कर, महिला की मौत

आपके शहर में

विज्ञापन

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन