गोपालगंज में बाल श्रम पर डीएम का कड़ा रुख: हर महीने 4 बाल श्रमिकों को मुक्त कराने का लक्ष्य, होटल-ढाबों और ईंट-भट्ठों पर होगी छापेमारी
डीएम की समीक्षा बैठक में शामिल अधिकारी.
गोपालगंज के जिला पदाधिकारी ने बाल श्रम उन्मूलन को लेकर कड़ा रुख अपनाया है. उन्होंने हर महीने कम से कम चार बाल श्रमिकों को मुक्त कराने और होटलों, गैराजों व ईंट-भट्ठों पर नियमित औचक छापेमारी का आदेश दिया है. डीएम ने विमुक्त बच्चों के त्वरित पुनर्वास और शिक्षा पर भी जोर दिया है.
Gopalganj News: गोपालगंज समाहरणालय में मंगलवार को आयोजित समीक्षा बैठक के दौरान जिला पदाधिकारी ने बाल श्रम उन्मूलन को लेकर सख्त तेवर दिखाए हैं. श्रम संसाधन एवं प्रवासी श्रमिक कल्याण विभाग की योजनाओं की प्रगति की समीक्षा करते हुए डीएम ने श्रम अधीक्षक को स्पष्ट निर्देश दिया कि विभागीय लक्ष्य के अनुरूप जिले में हर महीने कम से कम चार बाल श्रमिकों को अनिवार्य रूप से विमुक्त कराया जाए.
होटल, गैराज और ईंट-भट्ठों पर नियमित औचक जांच के आदेश
बाल श्रम के संभावित अड्डों पर शिकंजा कसने के लिए डीएम ने अधिकारियों को प्रो-एक्टिव दृष्टिकोण अपनाने का निर्देश दिया:
- संभावित कार्यस्थलों की निगरानी: होटल, ढाबा, दुकानें, मोटर गैराज, औद्योगिक कार्यशालाएं और ईंट-भट्ठों को चिन्हित कर नियमित जांच अभियान चलाने को कहा गया है.
- शिकायत का इंतजार न करें: डीएम ने हिदायत दी कि टीम केवल किसी शिकायत के मिलने का इंतजार न करे, बल्कि औचक निरीक्षण करे.
- नियोक्ताओं पर सख्त कार्रवाई: यदि किसी प्रतिष्ठान में बाल श्रमिक काम करते पाए जाते हैं, तो संबंधित नियोक्ता के खिलाफ श्रम कानूनों के तहत सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए और बच्चे को तत्काल मुक्त कराया जाए.
अगस्त में सिर्फ एक विमुक्ति पर जताई नाराजगी, पुनर्वास पर जोर
समीक्षा के दौरान जब श्रम अधीक्षक ने बताया कि अगस्त माह में बरौली प्रखंड क्षेत्र से मात्र एक बाल श्रमिक को मुक्त कराया गया है, तो डीएम ने इसे लक्ष्य के मुकाबले काफी कम और असंतोषजनक बताया. उन्होंने क्षेत्रवार योजना बनाकर छापेमारी में तेजी लाने को कहा.
"बाल श्रम से बच्चों को छुड़ाना केवल कागजी खानापूर्ति नहीं होना चाहिए. विमुक्त कराए गए प्रत्येक बच्चे का त्वरित पुनर्वास अभियान का अनिवार्य हिस्सा बने. इन बच्चों को अनिवार्य रूप से शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ा जाए और कल्याणकारी योजनाओं का सीधा लाभ दिया जाए, ताकि वे किसी भी परिस्थिति में दोबारा बाल श्रम के दलदल में न धकेले जाएं." — जिलाधिकारी, गोपालगंज
सामाजिक सुरक्षा व प्रवासी मजदूर दुर्घटना अनुदान योजना की स्थिति
बैठक के दौरान श्रम विभाग की प्रमुख सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के निष्पादन की भी समीक्षा की गई:
- बिहार शताब्दी असंगठित कामगार सामाजिक सुरक्षा योजना: कुल प्राप्त 27 आवेदनों में से 26 को स्वीकृत कर भुगतान हेतु विभाग को अग्रसारित कर दिया गया है, जबकि 1 आवेदन तकनीकी कारणों से अस्वीकृत हुआ.
- बिहार राज्य प्रवासी मजदूर दुर्घटना अनुदान योजना: प्राप्त 2 आवेदनों में से 1 स्वीकृत और 1 अस्वीकृत पाया गया. डीएम ने सभी पात्र लाभार्थियों के दावों का समयबद्ध निष्पादन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया.
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