गोपालगंज में अर्द्धवार्षिक परीक्षा खत्म, 230 सीआरसी केंद्रों पर आज से जांची जायेंगी कॉपियां
AI से बनाई गई तस्वीर
गोपालगंज जिले में कक्षा एक से आठवीं तक की अर्द्धवार्षिक परीक्षा संपन्न हो चुकी है। अब सोमवार से उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन कार्य शुरू होगा। 26 सितंबर को अभिभावकों के सामने परिणाम खोले जाएंगे।
Gopalganj News : गोपालगंज जिले के सभी सरकारी और सरकारी सहायता प्राप्त प्रारंभिक व मध्य विद्यालयों में कक्षा एक से आठवीं तक की अर्द्धवार्षिक परीक्षा शनिवार को संपन्न हो गयी. अब सोमवार से उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन का काम शुरू होगा. 21 से 25 सितंबर तक जिले के 230 सीआरसी केंद्रों पर कक्षा तीन से आठवीं तक की कॉपियों की जांच करायी जायेगी. मूल्यांकन में पारदर्शिता बनाये रखने के लिए दूसरे विद्यालयों के शिक्षकों की ड्यूटी लगायी गयी है. बीआरसी और सीआरसी स्तर से शिक्षकों की प्रतिनियुक्ति भी कर दी गयी है.
15 से 20 सितंबर तक हुई अर्द्धवार्षिक परीक्षा
जिले के सरकारी और सरकारी सहायता प्राप्त विद्यालयों में 15 से 20 सितंबर तक अर्द्धवार्षिक परीक्षा आयोजित की गयी. कक्षा एक और दो के बच्चों का मौखिक मूल्यांकन किया गया, जबकि कक्षा तीन से आठवीं तक के विद्यार्थियों की लिखित परीक्षा हुई.
परीक्षा के दौरान किसी तरह की गड़बड़ी नहीं हो, इसके लिए विद्यालय स्तर से लेकर जिला स्तर तक निगरानी की व्यवस्था की गयी थी. विभाग ने परीक्षा के संचालन और व्यवस्था पर नजर रखने के लिए प्रखंडवार भी जिम्मेदारी तय की थी.
230 सीआरसी केंद्रों पर जांची जायेंगी कॉपियां
परीक्षा समाप्त होने के बाद अब उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन की प्रक्रिया शुरू होगी. 21 से 25 सितंबर तक कक्षा तीन से आठवीं तक की कॉपियों की जांच 230 सीआरसी केंद्रों पर की जायेगी. संबंधित शिक्षकों को दूसरे विद्यालयों की उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन की जिम्मेदारी दी गयी है.
दूसरे स्कूल के शिक्षकों से कॉपियां जांचवाने का उद्देश्य मूल्यांकन प्रक्रिया में पारदर्शिता बनाये रखना है. इससे शिक्षक अपने विद्यालय के विद्यार्थियों की उत्तर पुस्तिकाओं की जांच नहीं करेंगे. मूल्यांकन पूरा होने के बाद विद्यार्थियों के अंक और ग्रेड मूल्यांकन पंजी, मूल्यांकन प्रपत्र और प्रगति पत्रक में दर्ज किये जायेंगे.
बच्चों की सीखने की स्थिति का होगा आकलन
मूल्यांकन के बाद केवल परीक्षा के अंक ही नहीं, बल्कि बच्चों की शैक्षणिक स्थिति का भी आकलन किया जायेगा. विभाग यह देखेगा कि किन विद्यार्थियों को पढ़ाई में अतिरिक्त सहायता की जरूरत है. कमजोर प्रदर्शन करने वाले बच्चों के लिए आगे की पढ़ाई में सुधार की रणनीति तैयार की जायेगी.
26 सितंबर को अभिभावकों के सामने खुलेगा रिजल्ट
मूल्यांकन पूरा होने के बाद 26 सितंबर को सभी विद्यालयों में शिक्षक-अभिभावक बैठक आयोजित की जायेगी. इस दौरान अभिभावकों को उनके बच्चों के परीक्षा परिणाम और शैक्षणिक प्रगति की जानकारी दी जायेगी. शिक्षकों की ओर से बच्चों की कमजोरियों और बेहतर प्रदर्शन वाले विषयों के बारे में भी अभिभावकों को जानकारी दी जायेगी.
विभाग का उद्देश्य केवल परीक्षा लेकर अंक देना नहीं, बल्कि बच्चों की वास्तविक सीखने की स्थिति को सामने लाना है. इसके आधार पर विद्यार्थियों की शैक्षणिक जरूरत के अनुसार आगे की पढ़ाई की योजना तैयार की जायेगी.
जिला नियंत्रण कक्ष से होगी निगरानी
अर्द्धवार्षिक मूल्यांकन की पूरी प्रक्रिया पर जिला स्तर से भी निगरानी रखी जायेगी. परीक्षा और मूल्यांकन से जुड़ी किसी भी समस्या की तत्काल सूचना के लिए जिला नियंत्रण कक्ष बनाया गया है. आरपी सिंह को इसका नोडल अधिकारी बनाया गया है. तकनीकी और अन्य कर्मियों की भी प्रतिनियुक्ति की गयी है.
डीइओ अमरेंद्र कुमार पांडेय ने बताया कि अर्द्धवार्षिक मूल्यांकन की प्रक्रिया निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार करायी गयी है. अब उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन का काम शुरू होगा. मूल्यांकन में पारदर्शिता के लिए दूसरे विद्यालयों के शिक्षकों की ड्यूटी लगायी गयी है. पूरी प्रक्रिया पर विभाग की नजर रहेगी.
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