29 साल बाद मिला इंसाफ: जमीन विवाद में हत्या के 6 दोषियों को आजीवन कारावास, गोपालगंज कोर्ट का बड़ा फैसला
सजा होने के बाद कोर्ट से निकलते लोग
Gopalganj Court: 29 साल के लंबे इंतजार के बाद आखिरकार पीड़ित परिवार को इंसाफ मिला है. जमीन के छोटे से टुकड़े को लेकर हुए विवाद में हुई हत्या के मामले में 6 दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई है. यह फैसला गोपालगंज की जिला एवं सत्र न्यायाधीश प्रथम संजीव कुमार सिंह की अदालत ने सुनाया है.
Gopalganj Court: जमीन के छोटे से टुकड़े को लेकर हुए विवाद में मारपीट कर हत्या करने के करीब 29 वर्ष पुराने मामले में आखिरकार पीड़ित परिवार को इंसाफ मिल गया. जिला एवं सत्र न्यायाधीश प्रथम संजीव कुमार सिंह की अदालत ने मामले की सुनवाई पूरी करते हुए छह आरोपितों को दोषी करार दिया और सभी को आजीवन कारावास की सजा सुनायी.
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अदालत ने दोषियों पर 50-50 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है. अर्थदंड की राशि का भुगतान नहीं करने पर सभी को छह-छह माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी.
दोषी करार दिये गये आरोपितों में तीन सगे भाई जगत मिश्र, नरसिंह मिश्र और हरेंद्र मिश्र के अलावा अरविंद मिश्र, संजय मिश्र और प्रमोद मिश्र शामिल हैं. सजा सुनाये जाने के बाद सभी दोषियों को मंडल कारा, गोपालगंज भेज दिया गया.
सजा सुनते ही छलक पड़े आरोपितों के आंसू
अदालत का फैसला आने के बाद दोषियों के चेहरे पर मायूसी साफ दिखाई दी. सजा सुनाये जाने के साथ ही कई आरोपितों की आंखों से आंसू छलक पड़े. घटना के करीब तीन दशक बाद आये फैसले ने मामले को फिर से चर्चा में ला दिया.
बेलवा मिश्र गांव में घेराबंदी कर हुई थी हत्या
मामला भोरे थाना क्षेत्र के बेलवा मिश्र गांव का है. गांव निवासी जय प्रकाश मिश्र की जमीन के एक छोटे से टुकड़े को लेकर विवाद हुआ था. इसी विवाद में 13 दिसंबर 1996 को लाठी-डंडे से मारपीट कर उनकी हत्या कर दी गयी थी.
बताया गया कि वारदात के दौरान चारों तरफ से घेराबंदी कर घटना को अंजाम दिया गया था. घटना के बाद मृतक के परिजनों की ओर से गांव के ही 10 लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करायी गयी थी.
आरोप पत्र दाखिल होने के बाद मामले की सुनवाई सत्र न्यायालय में शुरू हुई. लंबी कानूनी प्रक्रिया के बीच पीड़ित पक्ष को न्याय के लिए करीब 29 वर्षों तक इंतजार करना पड़ा.
ट्रायल के दौरान चार आरोपितों की हो गयी मौत
मामले की सुनवाई और ट्रायल के दौरान चार आरोपितों की मौत हो गयी. इनमें वशिष्ठ मिश्रा, विद्या मिश्रा, वासुदेव मिश्रा और रंजन मिश्रा शामिल थे. वहीं, मामले में बचे छह आरोपितों के खिलाफ सुनवाई जारी रही.
अभियोजन और बचाव पक्ष की दलीलें सुनी गयीं
मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से एपीपी धर्मदेव सिंह और अधिवक्ता मार्कण्डेय मिश्र ने अपनी दलीलें रखीं. वहीं बचाव पक्ष की ओर से अधिवक्ता अवधेश तिवारी ने अदालत के समक्ष पक्ष रखा.
अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने और प्रस्तुत साक्ष्यों का अवलोकन करने के बाद छह आरोपितों को दोषी पाया और सभी को आजीवन कारावास की सजा सुनायी. फैसले के बाद दोषियों को न्यायिक हिरासत में लेकर मंडल कारा, गोपालगंज भेज दिया गया.
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