गोपालगंज में SNA स्पर्श मॉड्यूल में बदलाव, BRP करेंगे ऑनलाइन एंट्री, जिला लेखापाल जांच और DPO देंगे अंतिम मंजूरी
AI से बनाई गई तस्वीर
सरकारी स्कूलों में मध्याह्न भोजन (PM पोषण) योजना की ऑनलाइन निगरानी अब अधिक पारदर्शी होगी. शिक्षा विभाग ने नए नियमों के तहत BRP, जिला लेखापाल और जिला कार्यक्रम पदाधिकारी की जिम्मेदारियां तय की हैं.
Gopalganj News : गोपालगंज के सरकारी प्राथमिक और मध्य विद्यालयों में बच्चों को मिलने वाले मध्याह्न भोजन यानी पीएम पोषण योजना की ऑनलाइन निगरानी व्यवस्था में बड़ा बदलाव किया गया है. राज्य स्तर पर योजना की समीक्षा के बाद शिक्षा विभाग ने एसएनए स्पर्श मॉड्यूल के तहत स्कूल लेवल हायरार्की को संशोधित कर दिया है. अब योजना से जुड़े ऑनलाइन काम की जिम्मेदारी केवल स्कूल के वरिष्ठ शिक्षक और प्रधानाध्यापक तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि इसकी निगरानी प्रखंड से लेकर जिला स्तर तक के अधिकारी करेंगे.
बीआरपी को बनाया गया मेकर, जिला स्तर पर होगी जांच
शिक्षा विभाग के अनुसार, मध्याह्न भोजन योजना के निदेशक विनायक मिश्र की ओर से संशोधित व्यवस्था की जानकारी दी गयी है. पहले प्रत्येक विद्यालय के वरिष्ठ शिक्षक को मेकर और प्रधानाध्यापक या हेड टीचर को चेकर व अप्रूवर की जिम्मेदारी दी गयी थी. अब इस व्यवस्था में बदलाव कर दिया गया है.
संशोधित व्यवस्था के तहत प्रत्येक प्रखंड के पीएम पोषण योजना के प्रखंड साधन सेवी यानी बीआरपी को मेकर बनाया गया है. वहीं, प्रत्येक जिले के जिला लेखापाल, एमडीएम यानी पीएम पोषण को चेकर की जिम्मेदारी दी गयी है. जिला कार्यक्रम पदाधिकारी, एमडीएम यानी पीएम पोषण को अप्रूवर बनाया गया है.
स्कूल से जिला तक तय होगी जिम्मेदारी
नयी व्यवस्था में पीएम पोषण योजना से जुड़े ऑनलाइन काम के प्रत्येक स्तर की जिम्मेदारी स्पष्ट कर दी गयी है. बीआरपी स्तर से योजना से संबंधित ऑनलाइन जानकारी की एंट्री की जायेगी. इसके बाद जिला लेखापाल दर्ज की गयी जानकारी की जांच करेंगे. जांच के बाद जिला कार्यक्रम पदाधिकारी की ओर से अंतिम मंजूरी दी जायेगी.
इस बदलाव से ऑनलाइन प्रक्रिया में होने वाली देरी या किसी तरह की गड़बड़ी की जिम्मेदारी संबंधित स्तर पर तय की जा सकेगी. विभाग का उद्देश्य ऑनलाइन मॉड्यूल में दर्ज होने वाली सूचनाओं की निगरानी को अधिक व्यवस्थित करना है.
राज्य स्तरीय समीक्षा के बाद बदली गयी व्यवस्था
एसएनए स्पर्श मॉड्यूल की कार्यप्रणाली और पीएम पोषण योजना की ऑनलाइन निगरानी को लेकर राज्य स्तर पर समीक्षा की गयी थी. समीक्षा के दौरान योजना की ऑनलाइन प्रक्रिया और जिम्मेदारी तय करने से जुड़े बिंदुओं पर चर्चा के बाद स्कूल लेवल हायरार्की में संशोधन किया गया है.
विभाग का मानना है कि पीएम पोषण योजना की ऑनलाइन प्रक्रिया में सही और समय पर जानकारी दर्ज होना निगरानी के लिए महत्वपूर्ण है. नयी व्यवस्था में स्कूल स्तर से आगे बढ़कर प्रखंड और जिला स्तर के अधिकारियों को जिम्मेदारी दिये जाने से ऑनलाइन रिपोर्टिंग की निगरानी और जवाबदेही का दायरा बढ़ेगा.
डीपीओ को संशोधित व्यवस्था लागू कराने का निर्देश
निदेशालय की ओर से सभी जिला कार्यक्रम पदाधिकारियों को संशोधित व्यवस्था के अनुसार आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है. विभाग ने स्पष्ट किया है कि नयी हायरार्की को सक्षम प्राधिकार की मंजूरी प्राप्त है.
अब पीएम पोषण योजना से संबंधित ऑनलाइन प्रक्रिया इसी संशोधित व्यवस्था के अनुसार संचालित होगी. इससे योजना के ऑनलाइन काम में जिम्मेदारी के स्तर को स्पष्ट करने के साथ-साथ निगरानी व्यवस्था को भी प्रखंड और जिला स्तर तक मजबूत करने की कोशिश की गयी है.
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