शिक्षा विभाग में भ्रष्टाचार पर सख्ती, डीईओ ने लागू की 'जीरो टॉलरेंस' नीति

Updated:
विज्ञापन
शिक्षा विभाग में हो रहे भ्रष्टाचार पर होगी डीइओ की ''''जीरो टॉलरेंस'''' नीति, रिश्वत लेते पकड़े गए तो नौकरी तक जाएगी

जिला शिक्षा कार्यालय

Gopalganj News : गोपालगंज में शिक्षा विभाग ने भ्रष्टाचार के खिलाफ 'जीरो टॉलरेंस' नीति लागू की है. जिला शिक्षा पदाधिकारी ने सभी कर्मचारियों के लिए कड़े नियम जारी किए हैं. रिश्वत या उपहार स्वीकार करने पर तत्काल कार्रवाई होगी.

विज्ञापन

Gopalganj News : शिक्षा विभाग में भ्रष्टाचार और अवैध वसूली पर रोक लगाने के लिए जिला शिक्षा पदाधिकारी (डीईओ) अमरेन्द्र कुमार पाण्डेय ने बड़ा प्रशासनिक कदम उठाया है. बुधवार को जारी कार्यालय आदेश में विभाग के सभी नियमित, संविदा और आउटसोर्सिंग कर्मियों के लिए भ्रष्टाचार के खिलाफ 'जीरो टॉलरेंस' नीति लागू करने की घोषणा की गई है.

रिश्वत और उपहार लेने पर होगी कड़ी कार्रवाई

कार्यालय आदेश में स्पष्ट किया गया है कि किसी भी सरकारी कार्य के बदले रुपये लेना, रिश्वत मांगना या किसी प्रकार का उपहार स्वीकार करना पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा. यदि कोई अधिकारी या कर्मचारी ऐसा करते हुए पकड़ा जाता है तो उसके खिलाफ सरकारी सेवा नियमावली के तहत तत्काल विभागीय और कानूनी कार्रवाई की जाएगी. आवश्यकता पड़ने पर निलंबन से लेकर सेवा समाप्ति तक की कार्रवाई भी की जा सकती है.

पारदर्शिता और निष्पक्षता बनाए रखने का निर्देश

डीईओ अमरेन्द्र कुमार पाण्डेय ने कहा कि जिला शिक्षा कार्यालय की निष्पक्षता, पारदर्शिता और विश्वसनीयता बनाए रखना विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकता है. इसे ध्यान में रखते हुए सभी अधिकारियों और कर्मियों को ईमानदारी के साथ कार्य करने तथा किसी भी प्रकार की वित्तीय अनियमितता से दूर रहने का निर्देश दिया गया है.

शिक्षकों और बाहरी लोगों से पैसे लेने पर पूरी तरह रोक

आदेश में कहा गया है कि कार्यालय परिसर में या किसी भी सरकारी कार्य के एवज में किसी शिक्षक, विद्यालय प्रतिनिधि अथवा अन्य बाहरी व्यक्ति से नकद राशि, उपहार या किसी भी प्रकार का आर्थिक लेनदेन नहीं किया जाएगा. यदि किसी अधिकारी या कर्मचारी के खिलाफ ऐसी शिकायत सही पाई जाती है तो इसे गंभीर कदाचार मानते हुए कठोर कार्रवाई की जाएगी.

48 घंटे के भीतर शिकायतों का होगा निपटारा

जिला शिक्षा पदाधिकारी ने सीएम डैशबोर्ड, सीपीग्राम्स, जिला जनता दरबार और मुख्यमंत्री सहयोग पोर्टल से प्राप्त शिकायतों के त्वरित निष्पादन का निर्देश दिया है. सभी संबंधित पदाधिकारियों और कर्मियों को 48 घंटे के भीतर शिकायतों का निस्तारण सुनिश्चित करना होगा. देरी या लापरवाही होने पर संबंधित कर्मी की जवाबदेही तय की जाएगी.

भ्रष्टाचार की सूचना देने वालों की पहचान रहेगी गोपनीय

कार्यालय आदेश में आम नागरिकों, शिक्षकों और शिक्षा विभाग से जुड़े सभी कर्मियों से अपील की गई है कि यदि कोई अधिकारी या कर्मचारी रिश्वत मांगता है अथवा किसी वित्तीय अनियमितता में शामिल है तो इसकी सूचना सीधे जिला शिक्षा पदाधिकारी को दें. सूचना देने वाले व्यक्ति की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी, ताकि लोग बिना किसी भय के भ्रष्टाचार के खिलाफ शिकायत दर्ज करा सकें.


विज्ञापन
Prabhat Khabar News Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar News Desk

यह प्रभात खबर का न्यूज डेस्क है। इसमें बिहार-झारखंड-ओडिशा-दिल्‍ली समेत प्रभात खबर के विशाल ग्राउंड नेटवर्क के रिपोर्ट्स के जरिए भेजी खबरों का प्रकाशन होता है।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन