दोस्त के साथ मिल कर खुद के अपहरण का किया नाटक, शिक्षक पिता से मांगी डेढ़ लाख रुपये की फिरौती

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सांकेतिक फोटो

Gopalganj News: गोपालगंज में विजयीपुर थाना क्षेत्र के जगदीशपुर गांव के एक युवक ने अपने दोस्त के साथ मिल कर खुद अपना अपहरण कर लिया तथा अपने पिता से 1.5 लाख की फिरौती की मांग कर ली.

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Gopalganj News: गोपालगंज में में विजयीपुर थाना क्षेत्र के जगदीशपुर गांव के एक युवक ने अपने दोस्त के साथ मिल कर खुद अपना अपहरण कर लिया तथा अपने पिता से 1.5 लाख की फिरौती की मांग कर ली. पीड़ित पिता ने 14 अगस्त को इकलौते पुत्र के अपहरण का मामला दर्ज करा दिया. इसके बाद पुलिस ने 24 घंटे के अंदर मामले का खुलासा कर दिया. शुक्रवार को हथुआ एसडीपीओ आनंद कुमार गुप्ता ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान मामले का खुलासा करते हुए बताया कि विजयीपुर थाना क्षेत्र के जगदीशपुर गांव के अशोक कुमार मांझी ने अपने पुत्र हेमंत कुमार का अपहरण कर लेने तथा अज्ञात अपहरणकर्ताओं के द्वारा डेढ़ लाख की रंगदारी मांगने की प्राथमिकी दर्ज करायी. इसके बाद हथुआ एसडीपीओ के नेतृत्व में विजयीपुर थानाध्यक्ष मनीष कुमार, सब इंस्पेक्टर बबन मंडल सहित एसआइटी ने मामले की छानबीन शुरू कर दी.

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खुद का अपहरण करने की बात कबूली

इसमें अपहृत को पुलिस ने यूपी के देवरिया जिले के खुखुंदु थाना क्षेत्र के गाजी गांव से बरामद किया. उसके दोस्त राजन कुमार के घर से गिरफ्तार किया गया. इसके बाद टीम दोनों को बरामद कर थाने लायी. पूछताछ के दौरान रुपये के लालच में दोस्त से मिल कर खुद का अपहरण कर लेने की बात स्वीकार की. पुलिस ने इनके पास से रंगदारी की मांग के लिए उपयोग किये गये दो मोबाइल तथा एक सिमकार्ड भी बरामद किया है. वहीं गिरफ्तार हेमंत कुमार मांझी व उसके दोस्त राजन कुमार को पुलिस ने न्यायिक हिरासत में भेज दिया है.

शिक्षक पिता से मांग रहे थे डेढ लाख रुपये की फिरौती

विजयीपुर थाना क्षेत्र के जगदीशपुर गांव में हुए शिक्षक अशोक मांझी के पुत्र हेमंत कुमार के अपहरण के मामले में पुलिस ने जहां खुलासा किया है. हथुआ एसडीपीओ ने जानकारी देते हुए बताया कि बीए का छात्र हेमंत कुमार अपने दोस्त के साथ खुद अपना अपहरण करने की साजिश रची थी. जिसमें वह मोबाइल से पिता से डेढ लाख रुपये की फिरौती मांग कर रहा था.

पिता ने 10 हजार खाते में दिए

पिता ने अपहृत पुत्र के पेटीएम में 10 हजार रुपये अपहरण होने के बाद डाल दिये थे. इसके बाद बाकी के एक लाख 40 हजार फिरौती की मांग कर रहा था. नहीं देने पर पुत्र की हत्या कर देने की धमकी मिल रही थी. इसके बाद परेशान पिता ने पुलिस को इसकी जानकारी दी. टेक्निकल सेल के सहयोग से एसआइटी की टीम ने छापेमारी शुरू की. वहां नालंदा के एक व्यक्ति के नाम से फिरौती में उपयोग किये गये सिम की पहचान की गयी. छानबीन में उक्त व्यक्ति को निर्दोष करार देते हुए छोड़ दिया गया. इसके बाद पुलिस ने यूपी के देवरिया जिले के खुखुंदु गांव में उसके दोस्त राजन कुमार के घर से बरामद किया.

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