गया जी: शेरघाटी किशोर हत्या केस में नया मोड़, दुष्कर्म के आरोप के बाद FSL और पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर टिकी जांच

Updated:
विज्ञापन
मृतक के परिजन

मृतक के परिजन

Gaya Ji minor murder case: शेरघाटी थाना क्षेत्र में 15 वर्षीय किशोर की मौत का मामला अब पेचीदा हो गया है. चोरी के शक में मॉब लिंचिंग से शुरू हुई यह घटना अब दुष्कर्म के आरोप के बाद सुनियोजित हत्या की ओर इशारा कर रही है. सच्चाई FSL और पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर टिकी है.

विज्ञापन

Gaya Ji minor murder case: गया जिले के शेरघाटी थाना क्षेत्र के झौर गांव में 15 वर्षीय किशोर पंकज उर्फ बंडा मांझी की मौत का मामला अब पेचीदा होता जा रहा है. शुरुआत में यह मामला चोरी के शक में हुई मॉब लिंचिंग के रूप में सामने आया था, लेकिन जांच के दौरान घटनाक्रम ने नया मोड़ ले लिया है. अब पुलिस के सामने दो अलग-अलग दावे हैं और पूरे मामले की सच्चाई फॉरेंसिक साइंस लैब (एफएसएल) तथा पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर टिकी हुई है.

मृतक की मां ने लगाया साजिशन हत्या का आरोप

मृतक की मां मुनिया देवी ने आरोप लगाया है कि उनके बेटे को कुछ लोगों ने पकड़कर उसके हाथ-पैर बांध दिए और बेरहमी से पिटाई कर उसकी हत्या कर दी. परिजनों का कहना है कि यह भीड़ की हिंसा नहीं, बल्कि सुनियोजित हत्या का मामला है.

युवती के आरोप से जांच ने लिया नया मोड़

मामले में उस समय नया मोड़ आ गया, जब एक युवती ने शेरघाटी थाना में आवेदन देकर आरोप लगाया कि घटना वाली रात पंकज ने उसके साथ दुष्कर्म किया था. इस आरोप के सामने आने के बाद पुलिस अब घटना के सभी पहलुओं की जांच कर रही है.

FSL और पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार

दोनों पक्षों के अलग-अलग दावों के बीच गया पुलिस वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर जांच आगे बढ़ा रही है. डीएसपी संदीप कुमार, सर्किल इंस्पेक्टर नेयाज अहमद और शेरघाटी थानाध्यक्ष प्रमोद कुमार के नेतृत्व में पुलिस टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण किया है. राज्य फॉरेंसिक साइंस लैब (एफएसएल) की टीम ने घटनास्थल से महत्वपूर्ण साक्ष्य एकत्र किए हैं. वहीं, दुष्कर्म का आरोप लगाने वाली युवती का बयान दर्ज कर उसका मेडिकल परीक्षण कराने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है.

शक के आधार पर दो लोगों को हिरासत में लिया गया

इस दोहरे विवाद पर एसएचओ प्रमोद कुमार का कहना है कि पुलिस हत्या और दुष्कर्म, दोनों एंगल्स की अलग-अलग और निष्पक्ष जांच कर रही है. पोस्टमार्टम रिपोर्ट, एफएसएल के साक्ष्य और मेडिकल रिपोर्ट ही यह तय करेंगे कि कौन सा पक्ष सच बोल रहा है. फिलहाल शक के आधार पर दो लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है. जांच में जो भी थ्योरी सही साबित होगी, पुलिस उसी के आधार पर विधिसम्मत और सख्त कार्रवाई करेगी.

Also Read: कौन हैं देवेश कुमार? पत्रकार से BJP नेता बने, अब मंत्री दीपक प्रकाश के लिए MLC पद से दिया इस्तीफा


विज्ञापन
निखिल अनुराग

लेखक के बारे में

By निखिल अनुराग

मूलतः निखिल अनुराग. पेशे से पत्रकार. बुद्ध की धरती पर जन्म. बिहार का सबसे नवीनतम जिला (अरवल) से ताल्लुक. पढ़ाई की शुरूआत गांव से ही. फिर गंगा के तट पटना पहुंचा. ज्ञान की धरती से कुछ तालीम हासिल कर राष्ट्रीय राजधानी की ओर कूच. पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएट. नोएडा की धरती पर विद्वतजन से कुछ न कुछ सीखा. करंट अफ़ेयर्स, राजनीति, खेल, अंतरराष्ट्रीय संबंध, गाँव, खेत-किसान पसंदीदा टॉपिक. स्कूल, कॉलेज युनिवर्सिटी में यूथ से गपशप करना एनर्जी का अतिरिक्त स्रोत. साल 2020 में नोएडा से शुरू हुई इस लेखन यात्रा कलम, डेस्कटॉप, लैपटॉप के की-बोर्ड से होते हुए स्मार्ट फोन तक पहुंच गयी. ज्यों-ज्यों उम्र बढ़ रही है, सीखने, पढ़ने, लिखने की भूख भी बढ़ रही है.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन