गया जी जिला पर्षद बोर्ड की बैठक में कई एजेंडों पर मुहर, विकास कार्यों के लिए 40 करोड़ रुपये मंजूर

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बैठक में शामिल जिला पर्षद अध्यक्ष नैना कुमारी, उपाध्यक्ष डॉ शीतल प्रसाद यादव व अन्य | Prabhat Khabar Network

गया जी जिला पर्षद की बैठक में वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 40 करोड़ रुपये के विकास फंड को मंजूरी मिली है. इस राशि से क्षेत्र में विकास कार्यों को गति दी जाएगी, जिसमें आंतरिक आय वृद्धि और अध्यक्ष-उपाध्यक्ष द्वारा विकास कार्यों पर खर्च शामिल है.

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Gaya Ji Development Fund 2026 : गया जी में जिला पर्षद बोर्ड की सामान्य बैठक शनिवार को आंबेडकर मार्केट स्थित जिला पर्षद के सभागार में आयोजित हुई. बैठक में सर्वसम्मति से कई एजेंडों पर मुहर लगी. बैठक की अध्यक्षता पर्षद की अध्यक्ष नैना कुमारी ने की.

उन्होंने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए जिला पंचायत विकास योजना के निर्माण पर चर्चा करते हुए पर्षदों से कार्य योजनाओं को ई-ग्राम स्वराज पोर्टल तथा ई-पंचायत बिहार पोर्टल पर 15 अगस्त से पहले अपलोड करने का सुझाव दिया.

उन्होंने बताया कि 16वें वित्त आयोग के अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2026-27 में 40 करोड़ रुपये जिला पर्षद को उपलब्ध कराए गए हैं. इन रुपयों से पर्षद अपने क्षेत्र में विकास को गति देंगे.

राशि का आवंटन और खर्च का विवरण

उन्होंने बताया कि उक्त राशि में से 20 प्रतिशत यानी आठ करोड़ रुपये जिला पर्षद के आंतरिक आय स्रोत की वृद्धि के मद में खर्च किया जाएगा. वहीं शेष बचे 32 करोड़ का 10 प्रतिशत अध्यक्ष व उपाध्यक्ष द्वारा विकास कार्यों में खर्च किया जाएगा.

शेष बचे 29.80 करोड़ रुपये को बराबर-बराबर हिस्से में 46 पार्षदों में वितरित किया गया है. उन्होंने बताया कि 16वें वित्त आयोग के मद से प्राप्त करीब 63 लाख रुपये के अलावा षष्ठम वित्त आयोग मद से प्रत्येक पर्षद को मिलने वाले करीब 20 लाख रुपये यानी कुल करीब 83 लाख रुपये से पर्षद अपने-अपने क्षेत्र में विकास कार्यों को गति दे सकेंगे. इन रुपयों को पर्षद अनटायर्ड व टाइड मद में खर्च कर सकेंगे.

टाइड और अनटाइड मद में योजनाओं का निर्धारण

जिला पर्षद उपाध्यक्ष डॉ. शीतल प्रसाद यादव ने बताया कि पर्षद सदस्यों को मिलने वाले इन रुपयों को टाइड व अनटाइड मद में खर्च करना होगा.

उन्होंने बताया कि सोलर आधारित हाई मास्ट लाइट लगाने, सरकारी भवनों की चहारदीवारी को बनाने, शवदाह, विद्युत शवदाह निर्माण, बस स्टैंड, ऑटो स्टैंड, यात्री शेड, सीसीटीवी कैमरा को स्थापित करने के कार्यों को अनटाइड मद में रखा गया है.

उन्होंने बताया कि पर्षद को मिलने वाले रुपयों में से आधे का उपयोग वे अनटाइड मद योजनाओं के क्रियान्वयन पर खर्च कर सकेंगे. बाकी बची आधी राशि का उपयोग टाइड मद में उन्हें खर्च करना होगा.

उन्होंने बताया कि सामुदायिक शौचालय का निर्माण, सिंचाई क्षमता वृद्धि के लिए चेक डैम, आहर, पइन का निर्माण, नदी के पुराने धार की पुनर्स्थापना करने का कार्य, तीन एकड़ से अधिक जल संग्रहण क्षेत्र व सार्वजनिक तालाबों का जीर्णोद्धार व निर्माण, छठ घाट का निर्माण, पेयजल आपूर्ति की व्यवस्था, पक्की नाली के रास्ते हर खेत तक सिंचाई का पानी उपलब्ध कराने के लिए नाले का निर्माण से जुड़ी विकास योजनाओं पर खर्च करना होगा.

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बैठक के दौरान संविधान की 11वीं अनुसूची में दर्शाए गए 29 विषयों पर योजनाओं के क्रियान्वयन करने का प्रस्ताव भी सर्वसम्मति से पारित किया गया.

बैठक में विभिन्न बैठकों में पारित हुई लंबित योजनाओं के क्रियान्वयन पर भी विचार-विमर्श किया गया.

पर्दों की नाराजगी और बैठक में उपस्थिति

बैठक का संचालन जिला पर्षद के अपर मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी अवनीत कुमार सिन्हा ने किया. श्री सिन्हा द्वारा बताया गया कि सरकारी स्तर पर सीसी निर्माण व चापाकल लगाने की योजना समाप्त कर दी गई है.

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इन योजनाओं की समाप्ति पर पर्षदों में काफी नाराजगी देखी गई. शनिवार को आयोजित इस बैठक में 46 में से केवल 29 पर्षद ही शामिल हुए.


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Niraj Kumar

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