मगध विश्वविद्यालय में पीएचडी कोर्सवर्क का ओरिएंटेशन, गुणवत्तापूर्ण शोध और आधुनिक अनुसंधान पर दिया गया जोर

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ओरिएंटेशन कार्यक्रम का उद्घाटन करते कुलपति व अन्य  | Prabhat Khabar Network

ओरिएंटेशन कार्यक्रम का उद्घाटन करते कुलपति व अन्य | Prabhat Khabar Network

मगध विश्वविद्यालय के भूगोल विभाग में सत्र 2022-23 के लिए पीएचडी कोर्सवर्क का ओरिएंटेशन कार्यक्रम आयोजित किया गया. कार्यक्रम का शुभारंभ कुलपति प्रो दिलीप कुमार केशरी और अन्य अतिथियों द्वारा दीप प्रज्ज्वलन कर किया गया, जिसमें शोधार्थियों को गुणवत्तापूर्ण और समाजोपयोगी अनुसंधान पर विशेष बल देने को कहा गया.

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मगध विश्वविद्यालय के भूगोल विभाग में मंगलवार को पीएचडी कोर्सवर्क (सत्र 2022-23) का ओरिएंटेशन कार्यक्रम आयोजित किया गया. कार्यक्रम का शुभारंभ कुलपति प्रो दिलीप कुमार केशरी, कुलसचिव डॉ बी के मंगलम, प्रॉक्टर डॉ के डी वर्मा, भूगोल विभागाध्यक्ष प्रो बासुदेव प्रसाद, विशेष आमंत्रित सेवानिवृत्त प्राध्यापक प्रो राणा प्रताप तथा पूर्व विभागाध्यक्ष प्रो उपेंद्र कुमार द्वारा संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलन के साथ किया गया.

इसमें स्वागत भाषण देते हुए विभागाध्यक्ष ने कहा कि पीएचडी कोर्सवर्क केवल औपचारिक शैक्षणिक प्रक्रिया नहीं, बल्कि शोधार्थियों को वैज्ञानिक चिंतन, आलोचनात्मक दृष्टिकोण और समाजोपयोगी अनुसंधान की दिशा प्रदान करने वाला बौद्धिक मंच है.

उन्होंने कहा कि भूगोल एक ऐसा विषय है जो स्थान, समाज और पर्यावरण के मध्य अंतर्संबंधों को समझते हुए नीति-निर्माण एवं सतत विकास के लिए उपयोगी ज्ञान उपलब्ध कराता है.

कुलपति और कुलसचिव ने शोधार्थियों को किया संबोधित

अपने अध्यक्षीय संबोधन में कुलपति प्रो दिलीप कुमार केशरी ने शोधार्थियों से नियमित रूप से कक्षाओं में उपस्थित रहने तथा शोध प्रशिक्षण को गंभीरतापूर्वक ग्रहण करने का आग्रह किया. उन्होंने कहा कि पीएचडी सर्वोच्च शैक्षणिक उपाधि है और शोधार्थियों को शोध पत्र लेखन, शोध प्रबंध निर्माण, संदर्भ प्रबंधन, अकादमिक प्रस्तुतीकरण, डेटा विश्लेषण तथा आधुनिक अनुसंधान उपकरणों और तकनीकों का समुचित ज्ञान प्राप्त करना चाहिए.

उन्होंने यह भी कहा कि गुणवत्तापूर्ण शोध वही है जो समाज, राष्ट्र और मानवता के समक्ष उपस्थित वास्तविक समस्याओं के समाधान में सार्थक योगदान दे. कुलसचिव डॉ बी के मंगलम ने भूगोल में अनुसंधान की व्यापक उपयोगिता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि पृथ्वी, पर्यावरण और मानव जीवन के बदलते संबंधों को समझने में भौगोलिक शोध की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है.

उन्होंने शोध पद्धति, डेटा की प्रामाणिकता, संदर्भों की शुद्धता तथा अनुसंधान नैतिकता को उच्च स्तरीय शोध की अनिवार्य शर्त बताया.

धन्यवाद ज्ञापन और गणमान्य लोगों की उपस्थिति

कार्यक्रम का धन्यवाद ज्ञापन डॉ मीनाक्षी प्रसाद ने किया. कार्यक्रम में मंच संचालन डॉ पिंटू कुमार ने किया. इस अवसर पर विभाग के शिक्षक डॉ नीरज कुमार सिंह, डॉ लखभद्र सिंह नरूका, डॉ प्रीति कुमारी, राकेश कुमार, डॉ अवनीश कुमार, एवं डॉ हिमांशु रजक सहित बड़ी संख्या में नवप्रवेशित शोधार्थी तथा स्नातकोत्तर के विद्यार्थी उपस्थित थे. कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान के साथ हुआ.


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Kalendra Pratap Singh

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By Kalendra Pratap Singh

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