बोधगया में एसएसबी ने मनाया हिंदी दिवस, डिजिटल युग में हिंदी को और सशक्त बनाने पर दिया जोर
हिंदी दिवस समारोह में एसएसबी के डीआइजी व अन्य पदाधिकारी | Prabhat Khabar Network
सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) ने हिंदी दिवस समारोह का आयोजन किया, जिसमें हिंदी के ऐतिहासिक, साहित्यिक और सांस्कृतिक महत्व पर जोर दिया गया. डिजिटल युग में भाषा को और मजबूत बनाने के तरीकों पर भी चर्चा हुई.
एसएसबी के डीआइजी (विशेष प्रचालन) मानवेन्द्र की अध्यक्षता में 29 वाहिनी, सशस्त्र सीमा बल के परिसर में हिंदी दिवस समारोह का आयोजन किया गया, जिसमें मुख्य अतिथि ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए हिंदी भाषा के ऐतिहासिक, साहित्यिक एवं सांस्कृतिक महत्व पर प्रकाश डाला.
हिंदी दिवस का इतिहास और राजभाषा के रूप में स्वीकार्यता
मुख्य अतिथि ने बताया कि 14 सितंबर 1949 को संविधान सभा द्वारा हिंदी को देवनागरी लिपि में संघ की राजभाषा के रूप में स्वीकार किए जाने की स्मृति में प्रत्येक वर्ष 14 सितंबर को हिंदी दिवस मनाया जाता है. इस अवसर पर हिंदी के अधिकाधिक प्रयोग को बढ़ावा देने, राजभाषा के रूप में हिंदी के प्रभावी क्रियान्वयन तथा कार्यालयी कार्यों में हिंदी के सरल एवं सहज प्रयोग पर बल दिया गया.
डिजिटल युग में हिंदी और नयी पीढ़ी को जोड़ने की जरूरत
साथ ही, वर्तमान तकनीकी एवं डिजिटल युग में हिंदी को और अधिक सशक्त बनाने तथा नयी पीढ़ी को हिंदी भाषा एवं साहित्य से जोड़ने की आवश्यकता पर भी चर्चा की गयी. उन्होंने हिंदी के महत्व पर प्रकाश डालते हुए सभी कार्मिकों से अपने दैनिक एवं कार्यालयी कार्यों में हिंदी के अधिकाधिक प्रयोग का आह्वान किया.
सांस्कृतिक विरासत और अधिकारियों की उपस्थिति
उन्होंने कहा कि हिंदी केवल संचार का माध्यम नहीं, बल्कि हमारी सांस्कृतिक विरासत और भावनात्मक एकता की महत्वपूर्ण कड़ी है. हिंदी का विकास अन्य भारतीय भाषाओं के सम्मान एवं सहयोग के साथ किया जाना चाहिए. इस कार्यक्रम के दौरान द्वितीय कमान अधिकारी असीम उपाध्याय, अंजय रजक, दिनेश कुमार सहित अन्य अधिकारी व जवान मौजूद रहे.
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