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नक्सल प्रभावित इलाकों में लोकतंत्र को मिला जबरदस्त समर्थन

Updated at : 11 Nov 2025 4:39 PM (IST)
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नक्सल प्रभावित इलाकों में लोकतंत्र को मिला जबरदस्त समर्थन

निर्वाचन आयोग के विश्वास और जिला प्रशासन के सतत प्रयासों का परिणाम

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निर्वाचन आयोग के विश्वास और जिला प्रशासन के सतत प्रयासों का परिणाम.

डुमरिया नक्सल प्रभावित इलाकों में इस बार लोकतंत्र को मिला समर्थन

फोटो- असहाय केा मतदान केन्द्र तक ले जाते सुरक्षा कर्मी.

प्रतिनिधि,डुमरिया

डुमरिया. निर्वाचन आयोग के विश्वास और जिला प्रशासन के सतत प्रयासों से गया जिले के डुमरिया नक्सल प्रभावित इलाकों में इस बार लोकतंत्र को मिला समर्थन. इमामगंज विधान सभा क्षेत्र के डुमरिया प्रखंड में नक्सल प्रभावित बूथों पर लोकतंत्र का उत्सव देखने को मिला. सुबह से ही मतदाताओं की लंबी कतार रही. महिलाओं ने बढ-चढ का हिस्सा लिया. जिन क्षेत्रों में पहले मतदान का प्रतिशत बेहद कम रहता था. वहां इस बार मतदाताओं ने लोकतंत्र में अपनी आस्था का परिचय दिया. पहले भय और असुरक्षा के कारण मतदान प्रतिशत काफी कम रहता था. जबकि, इस बार इन बूथों में शानदार वोटिंग रही. जिला प्रशासन के विशेष प्रयासों से इस बार स्थिति में उल्लेखनीय सुधार हुआ है. विशेष रूप से दुर्गम क्षेत्रों के छकरबंधा, पिछुलिया, तारचुआं, अनवरवन सलैया, खरदाग, भोकहा, भदवर, चहरा-पहरा, मतदान केंद्र जो लंबे समय से नक्सली गतिविधियों से प्रभावित रहे हैं. वहां मतदान शांतिपूर्ण और उत्साहपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ.

प्रशासन का प्रयास लाया रंग

जिला प्रशासन ने इन इलाकों में सुरक्षा बलों की तैनाती के साथ-साथ मतदाता जागरूकता अभियानों का भी प्रभावी संचालन किया. विशेष रूप से स्वीप कार्यक्रम, एवं प्रचार-प्रसार के माध्यम से मतदान के प्रति जागरूक किया गया. इन प्रयासों का परिणाम यह रहा कि दुर्गम एवं नक्सल प्रभावित क्षेत्रो में भय का महौल नही रहा. मतदाता भयमुक्त वातावरण में मतदान किया. यह न केवल प्रशासनिक सफलता का प्रतीक है, बल्कि ग्रामीण जनता के लोकतंत्र में बढ़ते विश्वास का भी परिचायक है.

यह लोकतंत्र की है सच्ची जीत

मतदाताओं ने गर्व से कहा कि वे चाहते हैं कि उनके गांवों में विकास और शांति की प्रक्रिया निरंतर जारी रहे, और मतदान के माध्यम से वे इस दिशा में अपनी भूमिका निभा रहे हैं. ग्रामीणों ने अपने गांव में मतदान केंद्र को बने रहने पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि यह लोकतंत्र की सच्ची जीत है. प्रखंड निर्वाचन पदाधिकारी ने कहा कि यह सफलता स्थानीय प्रशासन, सुरक्षा बलों और ग्रामीण जनता के सामूहिक सहयोग से संभव हुई है.इस प्रकार नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में इस बार का मतदान न केवल सुरक्षा की दृष्टि से शांतिपूर्ण रहा, बल्कि लोकतंत्र के प्रति जनभागीदारी और आस्था का अद्भुत उदाहरण बन गया.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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MANOJ MISHRA

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By MANOJ MISHRA

MANOJ MISHRA is a contributor at Prabhat Khabar.

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