भाकपा ने बनाई राष्ट्रव्यापी पदयात्रा की रणनीति, 6 से 15 अगस्त तक गांव-गांव चलाया जाएगा जनसंपर्क अभियान

Author Niraj kumar|Edited by Yuvraj Ratan
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बैठक में शामिल लोग

Gaya Ji News : भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) ने आगामी कार्यक्रमों की रूपरेखा तय करते हुए 6 से 15 अगस्त तक राष्ट्रव्यापी पदयात्रा का ऐलान किया है. इस दौरान केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ जनजागरण अभियान चलाया जाएगा. साथ ही 1 सितंबर को दिल्ली में होने वाली 'बदलाव जरूरी है' रैली में बड़ी संख्या में शामिल होने का आह्वान किया गया है.

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Gaya Ji News : भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) के विभिन्न जन संगठनों की बैठक मणिभूषण भवन स्थित पार्टी कार्यालय में सीताराम यादव की अध्यक्षता में आयोजित की गई. बैठक में आगामी कार्यक्रमों की रूपरेखा तय करते हुए 6 से 15 अगस्त तक जिले के सभी प्रखंडों के गांवों में राष्ट्रव्यापी पदयात्रा निकालने का निर्णय लिया गया. साथ ही 1 सितंबर को नई दिल्ली में प्रस्तावित 'बदलाव जरूरी है' रैली में बड़ी संख्या में भागीदारी सुनिश्चित करने का आह्वान किया गया.

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6 से 15 अगस्त तक गांव-गांव पहुंचेगी पदयात्रा

बैठक में निर्णय लिया गया कि राष्ट्रव्यापी पदयात्रा के दौरान मजदूरों, किसानों और आम लोगों के बीच केंद्र सरकार की नीतियों को लेकर जनजागरण अभियान चलाया जाएगा. इस दौरान पेट्रोल, डीजल और रसोई गैस की बढ़ती कीमतों को वापस लेने, कॉरपोरेट समर्थक नीतियों का विरोध करने, किसानों और मजदूरों के अधिकारों की रक्षा, सांप्रदायिकता और नव-फासीवाद का विरोध, बिहार में भूमि सुधार के अधूरे कार्यों को पूरा करने, बाढ़ और सुखाड़ की स्थायी समस्या का समाधान तथा हत्या, अपराध और महिला हिंसा पर रोक लगाने जैसे मुद्दों को प्रमुखता से उठाया जाएगा.

दिल्ली रैली में शामिल होने का किया आह्वान

बैठक में कार्यकर्ताओं से 1 सितंबर को नई दिल्ली में आयोजित होने वाली भाकपा की 'बदलाव जरूरी है' रैली में बड़ी संख्या में शामिल होने का आह्वान किया गया. नेताओं ने कहा कि रैली के माध्यम से जनविरोधी नीतियों के खिलाफ देशव्यापी आवाज बुलंद की जाएगी.

पेपर लीक और शिक्षा व्यवस्था पर उठाए सवाल

बैठक को संबोधित करते हुए भाकपा की राज्य कार्यकारिणी के सदस्य सीताराम शर्मा ने कहा कि पेपर लीक के मुद्दे पर कई दिनों से जंतर-मंतर पर धरना और आमरण अनशन जारी है. उन्होंने आरोप लगाया कि पेपर लीक की घटनाओं से परेशान होकर कई छात्रों ने आत्महत्या की है. उन्होंने शिक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग करते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की.

कई नेताओं ने रखे अपने विचार

बैठक को रामबली मांझी, जग नारायण प्रसाद, राजकुमार शर्मा (मुखिया), महिला नेत्री किरण प्रकाश, किसान नेता यमुना यादव, खेत मजदूर यूनियन के रामबालक जमादार, छात्र नेता आसिफ अजर, युवा नेता रामजगन गिरी, विजय कुमार पान सहित कई नेताओं ने संबोधित किया. सभी वक्ताओं ने संगठन को मजबूत करने और जनसरोकार से जुड़े मुद्दों पर व्यापक आंदोलन चलाने पर जोर दिया.

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