गया : नगर आयुक्त के सरकारी आवास से सटे जीआरडीए (विकास शाखा) भवन काफी समय से जीर्णोद्धार की बाट जोह रहा है. लेकिन, निगम प्रशासन को इस ओर ध्यान नहीं है. रखरखाव नहीं होने के कारण यह भवन कभी भी जमींदोज हो सकता है. इस भवन में चल रहे निगम के चार ऑफिस के कर्मचारी दहशत में हैं. क्योंकि कई बार छत का प्लास्टर उखड़ कर नीचे आ चुका है.
वर्ष 2015 में इस भवन के स्थान पर मार्केट कॉम्प्लेक्स बनाने की योजना बनी थी. इसके लिए बकायदा निगम सभागार में कई एजेंसियों ने पावर प्वाइंट प्रजेंटेशन दिया था. लेकिन, यह योजना खटाई में पड़ गयी. यहां हाउसिंग फोर ऑल योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना के कार्यालय की स्थिति भी खराब है. यहां सभी कार्यालय मिला कर 15 कर्मचारी तैनात हैं.
दीवारों पर पड़ी दरारें : यहां स्वच्छ भारत मिशन का कार्यालय चलता है. इस कार्यालय में घुसते ही बाहर के हिस्से में दीवार पर लंबी दरार दिखायी देती है. कार्यालय में प्रवेश करते ही जगह-जगह दीवारों पर क्रेक दिखता है. ऊपरी हिस्से में शेड लगा है, जो जगह-जगह से उखड़ चुका है. लोहे के एंगिल पर शेड को कसा गया है. एंगिल में जंग लग चुका है, जो कई जगह से कमजोर हो गया है. कुछ वर्ष पूर्व ही शेड का हिस्सा गिर गया था. हालांकि इस हादसे में कर्मचारियों को कोई चोट नहीं आयी थी.
बालू गिरा, लेकिन नहीं हो सका निर्माण : चार वर्ष पूर्व यहां इ-म्यूनिसिपैलिटी का ऑफिस शुरू हुआ. जीअारडीए भवन के जिस कक्ष में ऑफिस शुरू हुआ वह पूरी तरह से जर्जर है. कमरे की दिवारों में क्रेक है.
इसके अलावा ऊपरी हिस्सा काफी हद तक नीचे आ चुका है. यहां मृत्यु प्रमाण पत्र, जन्म प्रमाण पत्र बनता है. शुरू में इस भवन की मरम्मत के लिए बालू भी गिराया गया, लेकिन भवन की मरम्मत नहीं हो सकी. यहां आमलोगों के लिए शेड लगना था, वह भी कब का खत्म हो चुका.
