दुराचार मामला : असम के पुलिस अधिकारी ने बच्चों का जाना हाल
Edited by Prabhat Khabar Digital Desk
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कार्बीआंगलोंग के एएसपी ने गया पहुंच कर बच्चों की जुबानी जानी पूरी कहानी गया : बोधगया के मस्तीपुर मुहल्ला स्थित प्रज्ञा ज्योति बुद्धिस्ट नोविस स्कूल एंड मेडिटेशन सेंटर चलाने वाले भंते संघ प्रिय द्वारा बच्चों के साथ दुराचार का मामला खुलने पर असम पुलिस जांच के लिए गया पहुंची. असम के कार्बीआंगलोंग जिले से पहुंचे […]
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कार्बीआंगलोंग के एएसपी ने गया पहुंच कर बच्चों की जुबानी जानी पूरी कहानी
गया : बोधगया के मस्तीपुर मुहल्ला स्थित प्रज्ञा ज्योति बुद्धिस्ट नोविस स्कूल एंड मेडिटेशन सेंटर चलाने वाले भंते संघ प्रिय द्वारा बच्चों के साथ दुराचार का मामला खुलने पर असम पुलिस जांच के लिए गया पहुंची. असम के कार्बीआंगलोंग जिले से पहुंचे एएसपी ने 15 बच्चों से असम भवन पहुंच कर पूछताछ की.
बच्चों के अभिभावक टीम में शामिल सह आरोपित बौद्ध भिक्षु के खिलाफ मुकदमा करने वाले अरुण विकास चकमा ने बताया कि कार्बीआंगलोंग जिले से पहुंचे पुलिस पदाधिकारी ने शुक्रवार की देर शाम असम भवन पहुंच कर पूरी घटना की जानकारी ली. पुलिस पदाधिकारी ने यह भी जाना कि यहां कोई परेशानी तो नहीं हो रही है. उन्होंने अपना प्राइवेट नंबर भी दिया है व कहा है कि किसी तरह की दिक्कत होने पर तुरंत सूचित करें. सूत्रों का कहना है कि जिला पुलिस व आइबी के अधिकारी भी आरोपित भिक्षु के क्रियाकलाप को खंगालने में जुटे हैं. पुलिस इस बिंदु की भी जांच कर रही है कि उक्त बौद्ध भिक्षु बंगाल या बांग्लादेश का तो रहनेवाला नहीं.
शुरू में आरोपित भिक्षु के बांग्लादेशी होने की बात सामने आ रही थी. इधर बच्चों का कोर्ट में बयान दर्ज होने के बाद उनके यहां रहने में कई तरह की परेशानी सामने आयी है. अरुण विकास चकमा ने बताया कि वह कुछ दिक्कत सह कर भी इस घटना के खिलाफ इसलिए अब तक खड़े हैं कि आगे कोई भी इस तरह की घटना करने का साहस नहीं करे व बच्चों के साथ घिनौनी हरकत करनेवाले को सजा मिल सके.
यहां रहने, खाने व बच्चों के इलाज को लेकर बहुत परेशानी झेलनी पड़ रही है. दो दिनों से दो बच्चों की काफी तबीयत खराब है. अपने पैसों से निजी क्लिनिक में इलाज कराना पड़ रहा है. कोर्ट में बयान दर्ज कराते समय भी एक बच्चे की तबीयत खराब हो गयी, जिसे डॉक्टर के पास ले जाना पड़ा.
मुकदमा करनेवाले ने कहा, यहां हो रही है थोड़ी परेशानी
यह है पूरा मामला : असम के कई जिलों के साथ मिजोरम, अरुणाचल प्रदेश व त्रिपुरा के ग्रामीण इलाकों से बच्चों को बुद्धिज्म की शिक्षा देने के लिए बोधगया के मस्तीपुर मुहल्ला स्थित प्रज्ञा ज्योति बुद्धिस्ट नोविस स्कूल एंड मेडिटेशन सेंटर में रखा गया था. इसमें बच्चों के परिजन को एक भंते ने मुंबई से सूचना दी कि बच्चों के साथ गलत किया जा रहा है.
यहां पहुंचने पर परिजन ने सूचना को सही पाया. 15 बच्चों को परिजन लेकर असम जा रहे थे. इस दौरान गाड़ी छूट जाने पर ये सभी गया के श्मशान घाट रोड स्थित असम भवन में रात गुजारने के लिए पहुंच गये और इसकी खबर यहां मीडियाकर्मियों को लग गयी. इसके बाद ही बच्चों के साथ दुराचार किये जाने का मामला उजागर हो सका था. मामला उजागर होते ही पुलिस के वरीय अधिकारी की पहल पर आरोपित भिक्षु को गिरफ्तार कर लिया गया और उसके खिलाफ बोधगया थाने में प्राथमिकी दर्ज करायी गयी.
दुराचार के मामले में बयान दर्ज
गया : बच्चों के साथ किये गये दुराचार मामले में शनिवार को कोर्ट में बब्चों का बयान दर्ज कराया गया. न्यायिक दंडाधिकारी प्रथम श्रेणी सुभाष कुमार की अदालत में सभी बच्चों का 164 के तहत बयान रिकाॅर्ड किया गया है. गौरतलब है कि शुक्रवार को अनुवादक के नहीं रहने के कारण बच्चों का बयान दर्ज नहीं हो सका था. सीडब्ल्यूसी द्वारा अनुवादक उपलब्ध कराने के बाद शनिवार को दंडाधिकारी के समक्ष 15 बच्चों का अदालत में बयान दर्ज हो सका.
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