सूखे की आशंका काे देख तैयार करें वैकल्पिक फसल प्लान : मंत्री

Updated at : 22 Jul 2018 9:08 AM (IST)
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सूखे की आशंका काे देख तैयार करें वैकल्पिक फसल प्लान : मंत्री

गया : कम बारिश की वजह से मगध प्रमंडल के सभी पांचों जिलाें में सुखाड़ की आशंका बनी हुई है. धान की राेपनी प्रभावित हाे रही है. किसी भी जिले में पांच प्रतिशत से अधिक क्षेत्र में धान की राेपनी नहीं हाे पायी है. सभी जिलों में सामान्य से 56 से 78 प्रतिशत तक कम […]

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गया : कम बारिश की वजह से मगध प्रमंडल के सभी पांचों जिलाें में सुखाड़ की आशंका बनी हुई है. धान की राेपनी प्रभावित हाे रही है. किसी भी जिले में पांच प्रतिशत से अधिक क्षेत्र में धान की राेपनी नहीं हाे पायी है. सभी जिलों में सामान्य से 56 से 78 प्रतिशत तक कम बारिश हुई है, जबकि पिछले साल जुलाई में लक्ष्य के 20 प्रतिशत धान की राेपनी हाे गयी थी. सर्किट हाउस में शनिवार की शाम मगध प्रमंडल के सभी जिलाें के डीएआे, आत्मा के परियाेजना निदेशक, उद्यान पदाधिकारी, भूमि व पाैधा संरक्षण पदाधिकारियाें व अनुमंडल कृषि पदाधिकारियाें के साथ सुखाड़ की समीक्षा बैठक करते हुए मंत्री डॉ प्रेम कुमार ने उक्त बातें कहीं.
धान के बिचड़े काे बचा कर रखें किसान : उन्हाेंने स्थिति के मद्देनजर कृषि विभाग से जुड़े अधिकारियाें काे निर्देश दिया कि विलंब से ही सही यदि वर्षा हाे जाती है, ताे किसान धान की राेपनी करना चाहेंगे.
ऐसे में जरूरी है कि वह अपने धान के बिचड़े काे बचा कर रखें. इसके लिए उन्हें डीजल सब्सिडी का लाभ समय पर मिल जाये. मंत्री ने कहा कि सुविधा व सहज केंद्राें के माध्यम से किसानाें का रजिस्ट्रेशन करा कर धान का बिचड़ा बचाने के लिए डीजल अनुदान का लाभ दिलवाया जाये. मंत्री ने कृषि विज्ञान केंद्र, मानपुर के प्रधान कृषि वैज्ञानिक को आगामी वर्षाें के लिए कार्य याेजना तैयार करने का निर्देश दिया.
सामुदायिक नर्सरी याेजना से धान के बिचड़े की आपूर्ति करायी जाये
उन्हाेंने कहा कि सरकार द्वारा चलायी जा रही धान की सामुदायिक नर्सरी याेजना से भी धान के बिचड़ों की आपूर्ति जा सकती हैं. कम समय में तैयार हाेने वाले धान की प्रजाति की सीधी बुआई करायी जा सकती है. साथ ही वैकल्पिक फसल की तैयारी के लिए क्षेत्र विशेष के मद्देनजर वैकल्पिक फसल, बीज व अन्य आवश्यक उपादानाें का आकलन करने काे कहा. यह भी कहा कि समय पर किसानाें काे इन्हें उपलब्ध कराने की तैयारी करनी चाहिए, ताकि किसान वैकल्पिक खेती कर सकें. मंत्री ने अधिकारियाें से कहा कि सभी सूखा प्रभावित पंचायताें के प्रभावित किसानाें काे आकस्मिक फसल याेजना का लाभ दिया जाये.
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