बिहारः फाइलेरिया की दवा खाने के बाद दो दर्जन छात्रों की तबीयत बिगड़ी, पढ़िए क्या है पूरा मामला

Updated at : 21 Sep 2023 9:16 PM (IST)
विज्ञापन
बिहारः फाइलेरिया की दवा खाने के बाद दो दर्जन छात्रों की तबीयत बिगड़ी, पढ़िए क्या है पूरा मामला

श्री सुंदर उच्च सिंह प्लस 2 विद्यालय मुक्तापुर में जारी राष्ट्रीय फाइलेरिया उन्मूलन कार्यक्रम का एसडीओ दिलीप कुमार व बीडीओ देवेंद्र कुमार ने निरीक्षण किया.

विज्ञापन

बिहार के समस्तीपुर जिले में राजकीय प्राथमिक विद्यालय, बोचहा बाहापार के करीब दो दर्जन छात्रों को फाइलेरिया उन्मूलन अभियान के शुभारंभ के दिन दवा खाने के बाद अचानक तबीयत खराब हो गयी. जिसे अभिभावकों ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया. अस्पताल में मौजूद डॉ. वीरेंद्र कुमार ने सभी छात्रों की प्राथमिक उपचार किया, जहां सभी बच्चों की स्थिति खतरे से बाहर बतायी गयी है. अभिभावकों ने बताया कि बच्चों को विद्यालय में छुट्टी होने के दौरान फाइलेरिया की दवा खिलाई गयी थी. 2-3 घंटे बीतने के बाद बच्चों को सिरदर्द, जी मिचलाना, उल्टी व बेहोशी की स्थिति उत्पन्न होने लगी.

इसे देख अभिभावकों के बीच अफरातफरी उत्पन्न होने लगी. बीमार बच्चों को अपने-अपने संसाधनों से अस्पताल में भर्ती कराया गया. जिसमें करीब डेढ़ दर्जन छात्रों को प्राथमिक उपचार के बाद वहीं करीब आधे दर्जन छात्रों की स्थिति सामान्य होने पर अस्पताल से छुट्टी दी गयी. सूचना पर अस्पताल पहुंच कर विधायक प्रतिनिधि रवीश कुमार सिंह ने स्थिति का जायजा लिया. घटना पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए क्षेत्रीय विधायक राजेश कुमार सिंह ने कहा कि यदि अभियान से पहले स्वास्थ्य विभाग की ओर से जनजागरूकता अभियान क्षेत्र में संचालित किया जाता तो लोगों के बीच भ्रम व घबराहट की स्थिति नहीं उत्पन्न होती.

बीसीएम राहुल सत्यार्थी ने बताया कि एमडीए योजना के तहत फाइलेरिया की दवा एल्बेंडाजोल, आइवरमेक्टिन (5 वर्ष से ऊपर के बच्चों को) डीइसी दवा छात्रों को खिलायी गयी थी. इसमें कुछ बच्चों में उल्टी और सिर में दर्द की शिकायत हो सकती है. वहीं, कुछ बच्चे अगर खाली पेट होंगे, उन्हें भी यह दवा असर करती है. इससे घबराने की जरूरत नहीं है.

कल्याणपुर में फाइलेरिया की गोली खाने के बाद आठ बच्चे बीमार

कल्याणपुर उत्क्रमित उच्च विद्यालय, मोरवाड़ा में स्वास्थ्य विभाग की टीम द्वारा बच्चे-बच्चियों को फाइलेरिया उन्मूलन कार्यक्रम के तहत दवा खिलायी गयी. जिसके बाद 8 बच्चे बीमार हो गये. इसमें तीन की स्थिति खराब होने पर निजी क्लीनिक भर्ती कराया गया, जहां इलाज के बाद उसे घर भेज दिया गया. इसमें जूरखा गांव के कैलाश राय की पुत्री आरती कुमारी, ब्रह्मदेव साह का पुत्र अंकित कुमार व साधु राय का पुत्र प्रिंस कुमार के नाम शामिल हैं.

पीएचसी प्रभारी डाॅ बीके ठाकुर ने बताया कि फाइलेरिया की गोली स्वास्थ्य के लिए लाभदायक है. इसका कोई भी नुकसान नहीं है. वैसे फाइलेरिया के कुछ अंश होने वाले बच्चों में तत्काल कुछ समस्या होती है. यह अपनेआप ठीक हो जाता है. दूसरी ओर श्री सुंदर उच्च सिंह प्लस 2 विद्यालय मुक्तापुर में जारी राष्ट्रीय फाइलेरिया उन्मूलन कार्यक्रम का एसडीओ दिलीप कुमार व बीडीओ देवेंद्र कुमार ने निरीक्षण किया. पदाधिकारियों ने छात्र-छात्राओं को फाइलेरिया से बचाव के लिए दवा खाने को उत्प्रेरित किया. मौके पर प्रभारी प्रधानाध्यापक धर्मेंद्र कुमार, पीरामल के इंद्रमणि प्रसाद, यूनिसेफ के शंकर सुमन, संजय कुमार, रंजीत कुमार, मिलन कुमारी आदि थे.   

विज्ञापन
RajeshKumar Ojha

लेखक के बारे में

By RajeshKumar Ojha

Senior Journalist with more than 20 years of experience in reporting for Print & Digital.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन