फर्जी वीडियो मामले में एक और यूट्यूबर गिरफ्तार, तमिलनाडु पुलिस ने मुजफ्फरपुर से उपेंद्र सहनी को उठाया

Published at :19 Mar 2023 8:23 PM (IST)
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फर्जी वीडियो मामले में एक और यूट्यूबर गिरफ्तार, तमिलनाडु पुलिस ने मुजफ्फरपुर से उपेंद्र सहनी को उठाया

बिहार के मजदूरों की पिटाई का फर्जी वीडियो सोशल मीडिया पर फैलाने के आरोप में तमिलनाडु पुलिस ने रविवार को एक और युवक को गिरफ्तार किया है. इधर यूट्यूबर मनीष कश्यप उर्फ त्रिपुरारी तिवारी को 22 मार्च तक न्यायिक हिरासत में जेल भेजा गया है.

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पटना. बिहार के मजदूरों की पिटाई का फर्जी वीडियो सोशल मीडिया पर फैलाने के आरोप में तमिलनाडु पुलिस ने रविवार को एक और युवक को गिरफ्तार किया है. इधर यूट्यूबर मनीष कश्यप उर्फ त्रिपुरारी तिवारी को 22 मार्च तक न्यायिक हिरासत में जेल भेजा गया है. फर्जी वीडियो मामले में बिहार की आर्थिक आपराधिक शाखा और तमिलनाडु पुलिस लगातार छापेमारी कर रही है. इसी क्रम में रविवार को मुजफ्फरपुर से एक और गिरफ्तारी हुई है. मुजफ्फरपुर के सदर थाना क्षेत्र से उपेंद्र सहनी को तमिलनाडु पुलिस ने गिरफ्तार किया है. तमिलनाडु में केस दर्ज होने के बाद त्रिपुर पुलिस मामले की जांच के लिए मुजफ्फरपुर पहुंची थी.

रिमांड पर लेगी तमिलनाडु पुलिस

बिहार पुलिस के सहयोग से तमिलनाडु की त्रिपुर पुलिस ने फर्जी वीडियो वायरल करने के मामले में उपेंद्र सहनी को धड़ दबोचा. फिलहाल उसे गिरफ्तार कर तमिलनाडु पुलिस अपने साथ लेकर रवाना हुई है. इससे पहले, तमिलनाडु के सार्वजनिक क्षेत्र के सचिव डी जगन्नाथन ने दक्षिणी राज्य में उत्तर भारतीय प्रवासी मजदूरों पर कथित हमले की खबरों को बिहार के साथ राज्य के संबंधों को बाधित करने के लिए “झूठा प्रचार” करार दिया. जगन्नाथन ने मामले को लेकर राज्य के अधिकारियों के साथ एक परामर्श बैठक भी की. तमिलनाडु की साइबर क्राइम थाने की वरिष्ठ निरीक्षक ए चित्रादेवी अपनी टीम के साथ शनिवार को मुजफ्फरपुर पहुंची और आरोपी को गिरफ्तार कर लिया. फर्जी वायरल वीडियो मामले में यह दूसरी गिरफ्तारी है. इससे पहले मनीष कश्यप को पुलिस ने गिरफ्तार किया था. एक आधिकारिक बयान में कहा गया है कि अदालत में पेश किए जाने के बाद उपेंद्र को ट्रांजिट रिमांड पर तमिलनाडु ले जाया जाएगा.

मनीष से अभी और होगी पूछताछ

वहीं यूट्यूबर मनीष कश्यप ने पूछताछ के दौरान बिहार पुलिस के सामने रविवार को अपनी गलती स्वीकार कर ली है. इतना ही नहीं मनीष से पूछताछ के दौरान बिहार के एक बड़े नेता का नाम भी पुलिस को बताया है. मनीष के मुंह से निकले बिहार के उस नेता का नाम आनेवाले दिनों में बिहार की सियासत को प्रभावित कर सकता है. हालांकि पुलिस ने अब तक उस नेता का नाम सार्वजनिक नहीं किया गया है. पुलिस अब उस नेता पर कभी भी शिकंजा कस सकती है. बिहार पुलिस की आर्थिक अपराध इकाई यानि ईओयू ने रविवार को उसे कोर्ट में पेश किया. जहां से उसे जेल भेज दिया गया. ईओयू ने कहा है कि वह सोमवार को कोर्ट में अर्जी देकर मनीष कश्यप को रिमांड पर देने का अनुरोध करेगी. ईओयू का दावा है कि मनीष कश्यप से कई राज उगलवाना अभी बाकी है.

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