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दिल्ली मेट्रो के विशेषज्ञों ने की छपरा-हाजीपुर एनएच की जांच, हो सकती है कई बड़े अधिकारियों पर कार्रवाई

विशेषज्ञों की टीम ने हाजीपुर, दिघवारा, शीतलपुर, छपरा के विष्णुपुरा, टेक्निवास आदि आरओबी व बड़े पुल की जांच के विभिन्न बिंदुओं के तहत निर्माण कार्यों की जांच की. दिल्ली से आयी टीम के साथ एनएचएआइ पटना व छपरा के पदाधिकारी भी मौजूद रहे.

छपरा (सदर). छपरा-हाजीपुर के बीच 66 किलोमीटर लंबे निर्माणाधीन एनएच 19 की सड़क पर बने आरओबी, बड़े पुल, फ्लाइओवर आदि की जांच दिल्ली मेट्रो की विशेषज्ञों की टीम ने सोमवार को किया. इस दौरान विशेषज्ञों की टीम ने हाजीपुर, दिघवारा, शीतलपुर, छपरा के विष्णुपुरा, टेक्निवास आदि आरओबी व बड़े पुल की जांच के विभिन्न बिंदुओं के तहत निर्माण कार्यों की जांच की. दिल्ली से आयी टीम के साथ एनएचएआइ पटना व छपरा के पदाधिकारी भी मौजूद रहे. सुबह 9 बजे ही दिल्ली मेट्रो के विशेषज्ञों की टीम सभी निर्माण कार्यों खासकर आरओबी, फ्लाइओवर तथा बड़े पुलों का बारी-बारी से जांच किया. जिससे यह पता लगया जा सके कि आखिर किन-किन कमियों के कारण निर्माण के कुछ ही दिन बाद छपरा शहर से पुरब बाइपास में निर्मित विषुणपुरा आरओबी तथा उत्तर पश्चिम में अवस्थित टैक्निवास आरओबी कुछ ही दिनों के बाद टूटने लगा.

मंत्रालय को सौंपेंगे रिपोर्ट

जांच से जुड़े पदाधिकारियों ने जांच के विभिन्न पहलुओं एवं गुणवत्ता में कमी के विभिन्न विषयों के संबंध में पूछे जाने पर कहा कि वे अपनी रिपोर्ट भूतल परिवहन विभाग को देंगे. इस संबंध में वे जांच के बाद अपनी विस्तृत रिपोर्ट तैयार करेंगे. दिल्ली मेट्रो के विशेषज्ञों की टीम के द्वारा जांच के बाद रिपोर्ट आने के बाद निर्माण से जुड़ी कमियों का खुलासा होने के बाद इसके निर्माण से जुड़े विभिन्न पदाधिकारियों एवं कर्मियों के साथ-साथ संवेदक के खिलाफ कार्रवाई को लेकर भी विभाग में चर्चा है. डीएमआर की टीम ने निर्माण में उपयोग किए गये सामग्री यथा सीमेंट आदि के नमूने भी ले जाने की बात बतायी जाती है. जिससे यह पता चल सके कि और कौन-कौन से निर्माण खराब गुणवत्ता के कारण कमजोर है.

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पूर्व में भी दो आरओबी का जांच विशेषज्ञों की टीम ने की थी

मालूम हो कि फरवरी मार्च में वाहनों के परिचालन के लिए शुरू हुए विशेणटोला आरओबी तथा टेक्निवास आरओबी अगस्त के प्रथम पखवारे में टूटने के बाद से इन दोनों आरओबी पर वाहनों का परिचालन एनएचएआइ के द्वारा रोक दिया गया है. वहीं विभागीय विशेषज्ञों की टीम ने पूर्व में भी आकर दोनों आरओबी की जांच की थी. जिसमें टेकनिवास आरओबी की जांच रिपोर्ट एनएचएआइ छपरा को मिलने के बाद संवेदक द्वारा शीघ्र ही उसके डेक को तोड़कर पुन: निर्माण करने की तैयारी की जा रही है.

आनेवाला है विशेणटोला आरओबी का भी जांच रिपोर्ट

वहीं एक दो दिनों में विशेणटोला आरओबी का भी जांच रिपोर्ट आने वाला है. परंतु, इस बार जांच के लिए पहुंची डीएमआर की टीम ने आरओबी के डेक के अलावे अन्य विभिन्न निर्माण कार्यों की जांच की. मालूम हो कि 2011 में छह सौ करोड़ की लागत से छपरा-हाजीपुर 66 किलोमीटर लंबे सड़क एवं आरओबी, बड़े पुल एवं फ्लाइओवर का निर्माण शुरू हुआ था. परंतु, निर्धारित अवधि के तिगुने समय बाद भी निर्माण कार्य पूरा नहीं होने के कारण अब इसकी लागत 11 सौ करोड़ हो गयी है.

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