सतीश को 11 साल बाद सामने देख छलक पड़ीं आंखें
Author Prabhat khabar digital desk
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हायाघाट : एपीएम थाना क्षेत्र के मनोरथा गांव के तुलसीडीह निवासी स्व़ रामविलास चौधरी के पुत्र सतीश चौधरी 11 साल बाद शनिवार को बांग्लादेश के जेल से रिहा हो कर अपने गांव तुलसीडीह पहुंचा. सतीश के गांव पहुंचने पर परिजन व ग्रामीणों ने गाजे-बाजे के साथ उसका भव्य स्वागत किया. सतीश की मां कालो देवी, […]
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हायाघाट : एपीएम थाना क्षेत्र के मनोरथा गांव के तुलसीडीह निवासी स्व़ रामविलास चौधरी के पुत्र सतीश चौधरी 11 साल बाद शनिवार को बांग्लादेश के जेल से रिहा हो कर अपने गांव तुलसीडीह पहुंचा. सतीश के गांव पहुंचने पर परिजन व ग्रामीणों ने गाजे-बाजे के साथ उसका भव्य स्वागत किया.
सतीश की मां कालो देवी, पत्नी अमोला देवी, बहन सुनीता देवी व सावित्री देवी ने थाल में दिया सजा कर आरती उतारी. वहीं ग्रामीणों ने फूलों के माले से लाद दिया. गांव में जश्न का माहौल था. जम कर आतिशबाजी हुई. परिजनों के साथ-साथ ग्रामीणों ने भी होली व दीपावली एक साथ मनाई. सतीश की एक झलक देखने के लिए सैकड़ो की संख्या में लोग उमड़ पड़े. स्वागत में बने पंडाल में मंच पर सतीश को बैठा कर सभी ने आरती उतारी और भारत माता के जयकारा लगाया. सनद हो कि सतीश मानसिक रुप से बीमार चल रहा है. हालांकि उसने अपनी मां, पत्नी, भाई सहित गांव के बूढ़े-बुजुर्ग को पहचान लिया. सतीश गांव के लोगों से मिल कर खुश दिखा.
गांव की महिलाएं भी सतीश से बात करने व मिलने के लिए बैचेन थी. सभी ने बारी-बारी से सतीश से मिल कर उसका हाल-चाल जाना. ग्रामीणों के साथ मानवाधिकार कार्यकर्ता विशाल रंजन दफ्तुआर, सतीश के बहनोई मनोज चौधरी, सुरेश चौधरी, भाई मुकेश चौधरी. संजय दास, बैद्यनाथ दास, भोला सहनी, गौतम लाल देव आदि मौजूद थे.
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