Sawan Nag Panchami: सावन की नागपंचमी आज, बिहार के विभिन्न शिव मंदिरों में उमड़ी भक्तों की भीड़

शास्त्रों के अनुसार इस दिन अष्टनागों की पूजा की जाती है. सावन की नागपंचमी (Nag Panchami) में खास पूजा-पाठ का विधान है. इस दिन विधि-विधान से पूजा-पाठ करने पर भक्तों की सभी मनोकामनाएं पूरी होती है.
बिहार में आज 2 अगस्त को नागपंचमी का पर्व मनाया जा रहा है. हिंदू धर्म सावन की नागपंचमी का खास महत्व होता है, इसलिए सावन की नागपंचमी में खास पूजा पाठ का विधान है. बता दें कि यह दिन नाग देवता की पूजा के लिए समर्पित होता है. हिंदू धर्म सावन की नागपंचमी का खास महत्व होता है. इसलिए सावन की नागपंचमी में खास पूजा-पाठ का विधान है.
मान्यता है कि नाग पंचमी के दिन नाग देवता की पूजा करने से सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं. धर्म के जानकरों की मानें तो इस दिन नाग की पूजा करने से सांपों के कारण होने वाला किसी भी प्रकार का भय खत्म हो जाता है. नागपंचमी के दिन नाग देवता को विभिन्न प्रकार के पकवानों का भोग लगाया जाता है.
शास्त्रों के अनुसार इस दिन अष्टनागों की पूजा की जाती है. सावन की नागपंचमी में खास पूजा-पाठ का विधान है. इस दिन विधि-विधान से पूजा-पाठ करने पर भक्तों की सभी मनोकामनाएं पूरी होती है. इस खास दिन का लाभ उठाने के लिए अहले सुबह से ही मंदिरों में शिवभक्तों की भीड़ उमड़ रही है. अगर आप मंदिर जाकर पूजा नहीं कर पा रहें है तो आप घर पर भी नागपंचमी की पूजा कर सकते हैं. इसके लिए सबसे पहले पूजा के स्थान को अच्छे से साफ कर लें. इसके बाद लकड़ी की चौकी पर एक लाल रंग का कपड़ा बिछाएं. इसके बाद गोबर, मिट्टी से बने नाग या फिर नाग देवता की मूर्ति यहां स्थापित करें. इसके बाद घी का दीपक जलाएं. फिर नाग देवती की मूर्ति का जल और दूध से अभिषेक करें और धान का लावा भी समर्पित करें.
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, जो भी व्यक्ति इस दिन विधि विधान से नाग देवता की पूजा करता है उसे भगवान शिव की कृपा प्राप्त होती है. साथ ही मनुष्य और उसके परिवार को नाग भय भी नहीं रहता है. पूजा के साथ साथ इस दिन कई लोग भगवान शिव का आशीर्वाद प्राप्त करने के लिए व्रत भी करते हैं. इसके अलावा काल सर्प दोष से मुक्ति पाने के लिए नाग पंचमी का दिन सबसे उत्तम ह. धर्म ग्रंथों में कहा गया है कि सर्प धन दायक होते हैं. इसलिए सांपो को मारना नहीं चाहिए बल्कि, उनकी पूजा करनी चाहिए. मान्यता है कि जहां सांप पूंछ पटकर चले जाता है वहां धन की कोई कमी नहीं होती है.
पौराणिक कथाओं और मान्यताओं के अनुसार नागपंचमी के दिन नागदेवता की पूजा करने से व्यक्ति को राहु-केतु जैसे ग्रहों के दुष्प्रभााव से बचा जा सकता है. अपने जीवन के कष्टों को कम करने के लिए नाग पंचमी के दिन भगवान शिव का रुद्राभिषेक करने और उन्हें चांदी के नाग नागिन का जोड़ा अर्पित करने से विशेष लाभ मिलता है.
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