त्वरित न्याय को लोक अदालत कारगर प्लेटफाॅर्म : जिला जज
Published by : Prabhat Khabar Digital Desk Updated At : 15 Dec 2019 12:17 AM
बेतिया : नेशनल लोक अदालत में पक्षकारों को त्वरित न्याय मिलता है. नेशनल लोक अदालत में वादों का निष्पादन सुलह एवं समझौते के आधार पर किया जाता है. देश में लगभग तीन करोड़ मामले विभिन्न न्यायालयों में विचाराधीन हैं. त्वरित न्याय दिलाने के लिए लोक अदालत कारगर प्लेटफार्म है. लोक अदालत में किसी प्रकार का […]
बेतिया : नेशनल लोक अदालत में पक्षकारों को त्वरित न्याय मिलता है. नेशनल लोक अदालत में वादों का निष्पादन सुलह एवं समझौते के आधार पर किया जाता है. देश में लगभग तीन करोड़ मामले विभिन्न न्यायालयों में विचाराधीन हैं. त्वरित न्याय दिलाने के लिए लोक अदालत कारगर प्लेटफार्म है. लोक अदालत में किसी प्रकार का खर्च नहीं लगता है.
उक्त बातें जिला जज अभिमन्यु लाल श्रीवास्तव ने नेशनल लोक अदालत के उद्घाटन के मौके पर कही. उन्होंने व्यवहार न्यायालय परिसर के एडीआर बिल्डिंग में नेशनल लोक अदालत का उद्घाटन जिला जज ने विभिन्न न्यायिक पदाधिकारियों के साथ मिलकर संयुक्त रूप से किया. इस दौरान जिला जज ने लोगों से लोक अदालत के माध्यम से विवादों का निपटारा कराने की अपील की. षष्ठम अपर जिला जिला एवं सत्र न्यायाधीश सगीर अहमद ने कहा कि लोक अदालत में मामलों को सुलह करने के लिए दोनों पक्षों को आगे आना होता है.
वही विधिक सेवा प्राधिकार के सचिव सह एसीजेएम धीरेंद्र कुमार राजा जी ने कहा कि लोक अदालत के माध्यम से लोगों को सस्ता, सहज और सुलभ न्याय मिलता है. लोक अदालत के निर्णय के विरुद्ध कोई अपील नहीं किया जा सकता है. इस दौरान सुलह व समझौता के आधार पर 633 वादों का निष्पादन किया गया.
इस समारोह का संचालन वरीय अधिवक्ता आरसी पाठक ने किया. इस मौके पर अपर जिला जज सुरेंद्र कुमार, अरुण कुमार, राजनारायण निगम, सीजेएम जयराम प्रसाद, एसीजेएम योगेश शरण त्रिपाठी, न्यायिक दंडाधिकारी बृजेश कुमार, राज कपूर, मनोज कुमार, मुंसिफ पंकज पांडेय समेत विभिन्न बैंकों के पदाधिकारी अधिवक्ता एवं पक्षकार उपस्थित रहे.
नरकटियागंज : भूमि से संबंधित विवादों का निपटारा हरेक जनता दरबार में ऑन द स्पॉट किया जा सकता है. इसे अधिकारी अपने प्रमुखता में शामिल कर पीड़ित पक्ष को न्याय दिला सकते है. उक्त बातें शिकारपुर थाना परिसर में आयोजित जनता दरबार में वरीय उप समाहर्ता सह प्रभारी सीओ कुमारी पूर्णिमा ने कही.
प्रभारी सीओ ने कहा कि पुलिस और अंचल के कर्मी व अधिकारी मिल कर भूमि से संबंधित समस्याओं का निपटारा आसानी से कर सकते हैं. इसके लिए भूमि से संबंधित कागजातों की सही तरीके से जांच करना अनिवार्य है.
जनता दरबार में आए फरियादियो की सुनवाई करते हुए वरीय उपसमहर्ता ने विभिन्न मामलों का ऑन द स्पाॅट निबटारा किया तथा कुछ मामलों में साक्ष्य के अभाव में अगली सुनवाई में दोनों पक्षों को उपस्थित होने का निर्देश दिया.जनता दरबार में सुनवाई करते हुए प्रभारी सीओ ने बताया कि शिकारपुर थाना के गोखूला गांव निवासी सीता देवी तथा संतोषी साह के बीच भूमि संबंधी विवाद चल रहा है.
जिसमें प्रथम पक्ष सीता देवी है. और दुसरा पक्ष संतोषी साह है. दोनों पक्षों को बुलाया गया था. जिसमें दुसरा पक्ष अनुपस्थित था. दोनों पक्षों को अपना अपना साक्ष्य प्रस्तुत करने के लिए अगली सुनवाई में बुलाया गया है.
इसी तरह मुरली पिपरा गांव के रविशंकर तिवारी तथा नृपेंद्र तिवारी के बीच विवाद है, जिसकी जांच थाना एवं अंचल स्तर से करने के बाद दोनों को बुलाया गया था. लेकिन दोनों पक्ष अनुपस्थित थे. दोनों पक्षो को अगली सुनवाई में उपस्थित होने का निर्देश दिया गया है. मौके पर सीओ सत्येन्द्र कुमार दत्त, प्रभारी थानाध्यक्ष लक्ष्मण प्रसाद सिंह व अंचल कर्मी मौजूद रहे.
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