आरोपित लिपिक को छुट्टी देने में एसडीएम से स्पष्टीकरण
Updated at : 12 Dec 2019 2:05 AM (IST)
विज्ञापन

बेतिया : सदर अनुमंडल कार्यालय में रिश्वतखोरी का मामला उजागर होने के बाद जिलाधिकारी डॉ निलेश रामचंद्र देवरे ने कड़ा रूख अख्तियार किया है. मामले में प्राथमिकी दर्ज कराने के बाद आरोपित लिपिक कुणाल कश्यप का अवकाश स्वीकृत करने में एसडीएम विद्यानाथ पासवान खुद फंस गये हैं. इनपर आरोपित लिपिक को जानबूझकर बचाने के प्रयास […]
विज्ञापन
बेतिया : सदर अनुमंडल कार्यालय में रिश्वतखोरी का मामला उजागर होने के बाद जिलाधिकारी डॉ निलेश रामचंद्र देवरे ने कड़ा रूख अख्तियार किया है. मामले में प्राथमिकी दर्ज कराने के बाद आरोपित लिपिक कुणाल कश्यप का अवकाश स्वीकृत करने में एसडीएम विद्यानाथ पासवान खुद फंस गये हैं. इनपर आरोपित लिपिक को जानबूझकर बचाने के प्रयास का आरोप लग रहा है. मंगलवार को एसडीएम कार्यालय जांच के लिए पहुंचे एडीएम की जांच रिपोर्ट पर डीएम डॉ देवरे ने 24 घंटे के भीतर एसडीएम से जवाब तलब की है.
जिलाधिकारी ने इसे कर्तव्य में लापरवाही एवं अनियमितता बरतने का मामला बताया है. डीएम डॉ देवरे ने बताया कि मंगलवार को अपर समाहर्ता नंदकिशोर साह ने सदर अनुमंडल कार्यालय का औचक निरीक्षण किया था.
निरीक्षण के बाद उनसे प्राप्त प्रतिवेदन में उल्लेख किया गया है कि निरीक्षण में कार्यालय में कार्यरत लिपिक सुधा फेलिक्स अनुपस्थित पायी गयीं. जबकि कार्यालय के लिपिक कश्यप कुणाल 30 नवंबर से लगातार अनुपस्थित पाए गए. इनका आकस्मिक अवकाश आवेदन 30 नवंबर से 5 दिसंबर तक स्वीकृत पाया गया.
जबकि छह दिसंबर से आज तक उपस्थिति पंजी खाली था. डीएम ने बताया कि पूर्व में भ्रष्टाचार के मामले में कश्यप कुणाल एवं संविदा मुक्त कार्यालय परिचारी विमल कुमार पर प्रिवेंशन ऑफ क्रप्शन एक्ट एवं भादवि की धारा के तहत 29 नवंबर को ही प्राथमिकी दर्ज करायी गयी है.
जबकि उनका अवकाश संबंधी आवेदन भी 29 नवंबर को ही स्वीकृत किया गया है. उन्होंने कहा कि ऐसा प्रतीत होता है कि जानबूझ कर लिपिक को बचाने के लिए जिस दिन प्राथमिकी दर्ज की गयी उसी दिन आरोपित लिपिक का आकस्मिक अवकाश स्वीकृत कर लिया गया है. उन्होंने इस मामले में एसडीएम से 24 घंटे के भीतर जवाब मांगा है.
इसके साथ ही अनाधिकृत रूप से कार्यालय से अनुपस्थित लिपिक पर क्या कार्रवाई की गयी है, इस मामले में भी एसडीएम से प्रतिवेदन की मांग की गयी है. बता दें कि अगस्त 2019 में सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ था, जिसमें लिपिक कुणाल कश्यप व नियोजन मुक्त परिचारी विमल कुमार पर रिश्वत लेने का मामला बताया गया है.
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
विज्ञापन
लेखक के बारे में
By Prabhat Khabar Digital Desk
यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए
विज्ञापन




