चेतावनी के बाद भी सड़क पर फिर से कब्जा, पैदल चलना हुआ दुश्वार

नगर परिषद द्वारा बड़े तामझाम के साथ चलाया गया अतिक्रमण हटाओ अभियान अब सवालों के घेरे में है.
डुमरांव. नगर परिषद द्वारा बड़े तामझाम के साथ चलाया गया अतिक्रमण हटाओ अभियान अब सवालों के घेरे में है. नया थाना से लेकर राज गोला रोड होते हुए छठिया पोखरा तक कुछ दिन पहले सड़क किनारे लगे सैकड़ों दुकानों के शेड, बोर्ड, सीढ़ी और चबूतरे तोड़कर रास्ते को अतिक्रमण मुक्त कराया गया था. फुटपाथी दुकानदारों और ठेला-खमचा लगाने वालों को सख्त चेतावनी भी दी गयी थी. लेकिन यह सख्ती महज दो दिनों की मेहमान साबित हुई. अतिक्रमण हटाने के तीसरे ही दिन सड़क किनारे फिर से ठेले और खमचे सज गये. खासकर गोला रोड बाजार की स्थिति सबसे ज्यादा चिंताजनक है. यहां सड़क के दोनों ओर तीन से चार फीट तक कब्जा कर फल और फास्ट फूड की दुकानें सजा दी गयी हैं. हालात ऐसे हैं कि बाइक और ऑटो तो दूर, पैदल चलना भी किसी चुनौती से कम नहीं रह गया है. जाम, धक्का-मुक्की और दुर्घटना का खतरा रोजमर्रा की बात हो गयी है. स्थानीय लोगों का कहना है कि नगर परिषद की कार्रवाई से कुछ समय के लिए उम्मीद जगी थी कि डुमरांव को जाम से निजात मिलेगी, लेकिन अतिक्रमणकारियों की मनमानी के आगे प्रशासन की सख्ती फीकी पड़ गई. लोगों ने यह भी आरोप लगाया कि अतिक्रमण हटाने में भी भेदभाव बरता गया और कुछ को जानबूझकर छोड़ दिया गया, जिससे दोबारा कब्जा करने का हौसला बढ़ा. अब सवाल यह है कि प्रशासन की चेतावनी जमीन पर कब उतरेगी, या फिर सड़कें यूं ही अतिक्रमणकारियों के हवाले रहेंगी? क्या कहते हैं अधिकारी फिर अतिक्रमण करने वालों पर नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जायेगी. स्थानीय थाना को पत्र भेजकर ऐसे लोगों को चिन्हित कर फाइन वसूलने का निर्देश दिया गया है. उन्होंने कहा कि जिलाधिकारी के आदेश मिलते ही शेष अतिक्रमणकारियों के साथ-साथ नया भोजपुर और पुराना भोजपुर को भी जल्द अतिक्रमण मुक्त कराया जायेगा. राहुलधर दूबे, कार्यपालक पदाधिकारी
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