जिले से होकर बालू के ट्रक बिना नंबर व कालिख लगाकर कर हो रहे संचालित

जिले में वीर कुंवर सिंह पुल निर्माण के बाद बालू लदे ट्रकों के संचालन के साथ बड़े वाहनों का संचालन शुरू किया गया है.
बक्सर. जिले में वीर कुंवर सिंह पुल निर्माण के बाद बालू लदे ट्रकों के संचालन के साथ बड़े वाहनों का संचालन शुरू किया गया है. जहां प्रतिदिन हजारों की संख्या में बालू लदे वाहनों का संचालन यूपी के लिए हो रहा है. इस क्रम में बिना नंबरों के वाहनों के साथ ही नंबर प्लेट पर कालिख लगाकर संचालन किया जा रहा है. इन ट्रकों का संचालन जिले में बेरोक टोक के संचालित हो रहे है. इसपर परिवहन विभाग काफी लापरवाह दिख रहा है. जिसके कारण ढड़ल्ले से जिला से होकर आरा एवं नासरीगंज से सोन का बालू लेकर पहुंच रहे हैं. बक्सर वीर कुंवर सिंह सेतु से पार करने के लिए अनुकूल समय का इंतजार गोलंबर से पहले करते है. बक्सर पहुंच कर औद्योगिक क्षेत्र से चुरामनपुर तक फोरलेन के किनारे खड़ा कर दिया जाता है. जिसमें से ज्यादातर ट्रकों का नंबर किसी ने किसी रूप में छुपाया गया होता है. कई नंबरोंं पर कालिख लगा दिया गया है, तोे कई नंबरों पर जला मोबिल एवं काला ग्रीस लगाया है. इसके साथ ही मिट्टी, कई पर कपड़ा सटा दिया गया है. इससे ट्रकों का पहचान छुपा दिया जाता है. इससे न केवल दुर्घटना के समय ये बच निकलते हैं, बल्कि इससे सरकार को राजस्व की हानि भी प्रतिवर्ष काफी हो रहा है. जिस पर परिवहन विभाग की मिली भगत का आरोप भी लग रहा है. वहीं सूत्रों की मानें तो नौ बजे रात्रि के बाद इस प्रकार के वाहनों का ढड़ल्ले से संचालन हेाता है. वाहनों के मालिकों एवं बिचौलिया सक्रिय रहते है. इस दौरान सड़क किनारे खड़े आजमगढ़ के एक वाहन चालक ने बताया कि एक ही नंबर से कई वाहनों का संचालन हो रहा है. पुल पार करने के इशारे के बाद निकलते हैं ऐसे वाहन : लंबर पर सुबह में पहुंचने वाले गलत नंबरों के वाहन फोरलेन के खाली होने के बावजूद औद्योगिक क्षेत्र से चुरामनपुर तक सड़क के किनारे सज जाते है. जिनके पीछे न तो नंबर होता है और यदि नंबर लिखा है तो उसके साथ छेड़छाड़ किया गया होता है. वहीं वाहनों पर हाई सेक्यूरिटी के नंबर प्लेट होने वाले वाहनों के प्रदर्शित करने वाले काले कलर को खुरच दिया गया है. इसके साथ ही जला मोबिल, काला ग्रीस, कपड़ा या मिट्टी लगाकर वाहन चालक व मालिक द्वारा किया गया है. इस प्रकार के गलत वाहन बक्सर के पास पहुंच सड़क के किनारे खड़े हो जाते हैं. जो यूपी में जाने के लिए अनुकूल समय का इंतजार करते हैं. इन गलत नंबर के वाहनों को पार कराने वाले बिचौलिये की इशारे के बाद यूपी की ओर वीर कुंवर सिंह पुल पार करने के लिए रवाना होते हैं. इस पर सवाल उठने लगे है कि इस प्रकार की वाहनों का संचालन परिवहन विभाग के मिलीभगत से हो रही है या परिवहन विभाग की अनदेखी के कारण रहा है. ऐसे वाहनों से होती है राजस्व की क्षति : जिले में बालू लदे वाहन प्रतिदिन हजारों की संख्या में प्रतिदिन संचालित हो रहे है. जिसमें काफी संख्या में बालू लदे वाहन बिना नंबर प्लेट एवं नंबर प्लेट के साथ छेड़छाड़ कर संचालित कर रहे हैं. ऐसे वाहनों से प्रदेश को काफी मात्रा में राजस्व की क्षति होने की संभावना बनी रहती है. जिन पर परिवहन विभाग कार्रवाई के मामले में काफी सुस्ती बरत रहा है. जिससे इस तरह के वाहनों का जिला होकर उत्तर प्रदेश के लिए संचालन हो रहा है. क्या कहती हैं एमवीआइ जिले में नंबरों के साथ छेड़छाड़ कर संचालित होने वाले बालू समेत अन्य प्रकार के वाहनों पर लगातार कार्रवाई की जा रही है. ऐसे वाहनों पर साढ़े बारह हजार रुपये के हिसाब से जुर्माना की वसूली की जा रही है. इस तरह के वाहनों से राजस्व की क्षति होती है. जिसको देखते हुए इस प्रकार के वाहनों पर लगातार कार्रवाई की जा रही है. रितिका राज, एमवीआइ, बक्सर
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