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buxar news : सरकारी अस्पतालों के पास ही अवैध क्लिनिकों की भरमार, नहीं हो रही कार्रवाई

Updated at : 08 Jan 2026 10:35 PM (IST)
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buxar news : सरकारी अस्पतालों के पास ही अवैध क्लिनिकों की भरमार, नहीं हो रही कार्रवाई

buxar news : इलाज के दौरान मरीज की मौत के बाद भी नहीं जा सकी जिम्मेदारों की नजर

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buxar news : ब्रह्मपुर. जिला प्रशासन ने शहर के सिविल लाइन इलाके में छापेमारी कर अवैध अस्पतालों के खिलाफ अभियान की शुरुआत तो कर दी है, लेकिन जिले के ग्रामीण इलाकों, खासकर ब्रह्मपुर और रघुनाथपुर में स्थिति अब भी जस की तस बनी हुई है.

शहर में प्रशासन का डंडा चलते ही जहां खलबली मची है, वहीं प्रखंड मुख्यालयों में अवैध नर्सिंग होम संचालक अब भी बेखौफ होकर स्वास्थ्य व्यवस्था को चुनौती दे रहे हैं. हैरानी की बात यह है कि रघुनाथपुर स्थित सरकारी अस्पताल और नगर पंचायत के मुख्य मार्गों पर कई ऐसे नर्सिंग होम संचालित हैं, जिनके पास न तो कोई वैध निबंधन है और न ही प्रशिक्षित स्टाफ. ब्रह्मपुर प्रखंड में हाल ही में इलाज के दौरान हुई मौतों के बावजूद प्रशासन की नजर इन इलाकों तक नहीं पहुंची है. स्थानीय लोगों का आरोप है कि इन अवैध नर्सिंग होम के संचालक सरकारी अस्पताल के ही कुछ बिचौलियों के साथ मिलकर मरीजों को गुमराह करते हैं और फिर मोटी रकम वसूल कर उनकी जान जोखिम में डालते हैं.

बिना मानक के हो रहे हैं बड़े ऑपरेशन

ब्रह्मपुर और बगेन जैसे क्षेत्रों में चल रहे इन नर्सिंग होम में मानकों की जमकर धज्जियां उड़ायी जा रही हैं. जिस तरह शहर में छापेमारी में एक्सपायरी दवाएं और बिना लाइसेंस के मेडिकल स्टोर मिले, वैसी ही स्थिति इन प्रखंडों की भी है. यहां न तो कोई लाइफ सपोर्ट सिस्टम है और न ही इमरजेंसी की स्थिति में कोई विशेषज्ञ डॉक्टर. मामूली सर्दी-खांसी से लेकर गंभीर सर्जरी तक का दावा करने वाले ये अस्पताल ””””डेथ जोन”””” साबित हो रहे हैं.

प्रशासन के रडार पर कब आयेंगे ये इलाके?

शहर में एसडीएम अविनाश कुमार की कार्रवाई के बाद अब ग्रामीणों की निगाहें प्रशासन पर टिकी है. सवाल यह उठता है कि क्या प्रशासन का ””””डंडा”””” केवल शहर के मठिया मुहल्ले तक ही सीमित रहेगा या ब्रह्मपुर और रघुनाथपुर में चल रहे उन अवैध केंद्रों पर भी गिरेगा, जो सीधे तौर पर मौत के सौदागर बने हुए हैं. सरकारी अस्पताल पहुंचने वाले भोले-भाले मरीजों को बरगलाकर निजी क्लिनिकों में ले जाने का आशा कार्यकर्ता का एक मुख्य सिंडिकेट सक्रिय है. बगेन गोला थाना क्षेत्र के एकराशि गांव निवासी राकेश चौधरी की पत्नी की मौत के बाद उसी गांव की आशा कार्यकर्ता की इस मामले में गिरफ्तारी भी हो चुकी है. हालिया मौतों के बाद भी संचालकों के हौसले बुलंद हैं और नियमों की धज्जियां उड़ाते दिखायी देते हैं. ग्रामीणों ने मांग की है कि ब्रह्मपुर, रघुनाथपुर और बगेन में भी औचक छापेमारी की जाये और अवैध क्लिनिकों को तुरंत सील किया जाये.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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SHAILESH KUMAR

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SHAILESH KUMAR is a contributor at Prabhat Khabar.

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