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Buxar News : ब्रह्मपुर में इ-केवाइसी रजिस्ट्री प्रक्रिया में सुस्ती, सूचना के अभाव में भटक रहे किसान

Updated at : 07 Jan 2026 10:00 PM (IST)
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Buxar News : ब्रह्मपुर में इ-केवाइसी रजिस्ट्री प्रक्रिया में सुस्ती, सूचना के अभाव में भटक रहे किसान

केंद्र एवं राज्य सरकार द्वारा किसानों के लिए अनिवार्य की गयी इ-केवाईसी रजिस्ट्री प्रक्रिया ब्रह्मपुर प्रखंड में कछुआ गति से चल रही है.

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ब्रह्मपुर. केंद्र एवं राज्य सरकार द्वारा किसानों के लिए अनिवार्य की गयी इ-केवाईसी रजिस्ट्री प्रक्रिया ब्रह्मपुर प्रखंड में कछुआ गति से चल रही है. सरकारी दावों के विपरीत, धरातल पर सूचना तंत्र पूरी तरह विफल नजर आ रहा है. प्रखंड के किसानों को यह समझ नहीं आ रहा कि रजिस्ट्री के लिए वे कब और कहां संपर्क करें. प्रशासन की उदासीनता के कारण योजना पर संकट मंडरा रहा है. प्रखंड की विभिन्न पंचायतों से मिली रिपोर्ट के अनुसार अधिकांश किसानों को यह तक नहीं पता कि उनके गांव में कैंप कब लगेगा. प्रचार-प्रसार की कमी और विभागीय उदासीनता का असर यह है कि कई किसान अपनी ”किसान सम्मान निधि” रुकने का डर महसूस कर रहे हैं. वृद्ध किसान कड़ाके की ठंड में प्रखंड मुख्यालय और निजी साइबर कैफे के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन सर्वर डाउन होने के कारण उन्हें निराश होकर खाली हाथ लौटना पड़ रहा है. हरनाथपुर के किसान सुभाष राम और बगेन पंचायत के सुनील पासवान सहित कई अन्य किसानों ने बताया कि कैंप लगने की कोई निश्चित सूचना नहीं दी जाती. कभी कहा जाता है कि पंचायत भवन में काम हो रहा है, तो कभी अगले हफ्ते का आश्वासन देकर टाल दिया जाता है. किसानों ने प्रशासन से मांग की है कि गांव-गांव में ढोल पिटवाकर या सार्वजनिक स्थानों पर नोटिस चिपकाकर कैंप का शेड्यूल स्पष्ट रूप से साझा किया जाये. मुख्य समस्याएं स्पष्ट हैं: कृषि समन्वयकों और सलाहकारों के आने का कोई निश्चित समय तय नहीं है, ग्रामीण क्षेत्रों में नेटवर्क की समस्या और पोर्टल का बार-बार डाउन होना, तथा विभाग और किसानों के बीच संवाद का अभाव. इ-केवाइसी का उद्देश्य बिचौलियों को खत्म कर वास्तविक किसानों तक सीधे लाभ पहुंचाना है, लेकिन समय पर रजिस्ट्री नहीं होने पर आगामी किस्तों का भुगतान रुक सकता है. किसानों का कहना है कि प्रशासन की सुस्ती और योजना में विलंब से उन्हें आर्थिक बोझ बढ़ सकता है. ग्रामीणों का आक्रोश बढ़ रहा है और वे चाहते हैं कि सरकारी तंत्र योजना के हर पहलू की सही जानकारी समय पर प्रदान करे, ताकि उनकी मेहनत और फसल को सुनिश्चित लाभ मिल सके.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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SHAH ABID HUSSAIN

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By SHAH ABID HUSSAIN

SHAH ABID HUSSAIN is a contributor at Prabhat Khabar.

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