डुमरांव में धान रोपनी ने पकड़ी रफ्तार, 66% खेती पूरी, बारिश थमने से बढ़ी किसानों की चिंता

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खेतों में धान रोपनी के बाद दिख रही हरियाली

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डुमरांव में धान की रोपनी 66% पूरी हो चुकी है। बेहतर पैदावार के लिए किसान खेतों में यूरिया खाद का छिड़काव कर रहे हैं। जानिए खेती से जुड़ी पूरी जानकारी।

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Buxar News : बक्सर के डुमरांव प्रखंड के अलग-अलग इलाकों में इन दिनों धान की रोपनी तेज रफ्तार से चल रही है. खेतों में सुबह से ही किसानों की हलचल दिख रही है और हर कोई समय पर खेती पूरी करने में जुटा है. कृषि विभाग के मुताबिक इस बार प्रखंड में 12,200 हेक्टेयर में धान की खेती का लक्ष्य तय किया गया है, जिसमें से अब तक करीब 8,052 हेक्टेयर यानी लगभग 66 प्रतिशत क्षेत्र में रोपनी पूरी हो चुकी है. बाकी बचे इलाकों में भी तेजी से काम जारी है, लेकिन बारिश रुकने के कारण किसानों की चिंता बढ़ गई है.

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गांव-देहात में इन दिनों खेतों का नजारा पूरी तरह बदल गया है. जहां कुछ किसान अभी भी रोपनी में लगे हैं, वहीं जिन किसानों ने यह काम पूरा कर लिया है, उन्होंने अब बेहतर पैदावार के लिए खेतों में यूरिया खाद का छिड़काव शुरू कर दिया है. किसानों का कहना है कि अगर समय पर खाद और पानी मिल जाए तो इस बार अच्छी फसल की उम्मीद है.

बारिश रुकी तो बढ़ी परेशानी

स्थानीय किसान वीरेंद्र सिंह मौर्य और सुरेंद्र सिंह बताते हैं कि कुछ दिन पहले हुई बारिश ने रोपनी के काम को काफी आसान बना दिया था. खेतों में पानी भरने से काम तेजी से हुआ, लेकिन जैसे ही बारिश थमी, हालात बदलने लगे. खासकर रजवाहा के अंतिम छोर पर बसे किसानों के लिए मुश्किलें बढ़ गई हैं.

इन किसानों को अब सिंचाई के लिए निजी ट्यूबवेल का सहारा लेना पड़ रहा है. इससे उनकी लागत बढ़ रही है और समय भी ज्यादा लग रहा है. किसानों का कहना है कि अगर जल्द बारिश नहीं हुई तो फसल पर असर पड़ सकता है. कई किसानों ने चिंता जताई कि डीजल पंप से सिंचाई करना हर किसी के बस की बात नहीं है.

मौसम ने दी राहत, लेकिन उमस बनी मुसीबत

इधर मौसम ने भी किसानों और आम लोगों को थोड़ी राहत दी है. पिछले दो-तीन दिनों से दिनभर पुरवाई हवा चल रही है और आसमान में बादल छाए रहते हैं. इससे तापमान में थोड़ी गिरावट आई है और लोगों को गर्मी से राहत मिली है.

हालांकि यह राहत ज्यादा देर टिक नहीं रही है. जैसे ही पुरवाई हवा रुकती है, उमस अचानक बढ़ जाती है और लोग पसीने से तरबतर हो जाते हैं. खेतों में काम कर रहे किसानों के लिए यह स्थिति और भी मुश्किल हो जाती है.

लक्ष्य के करीब पहुंचने की उम्मीद

कृषि समन्वयक राजीव रंजन ने बताया कि प्रखंड में तय लक्ष्य के अनुसार तेजी से काम चल रहा है और जल्द ही शेष क्षेत्रों में भी रोपनी पूरी कर ली जाएगी. उन्होंने किसानों से समय पर खाद और सिंचाई का ध्यान रखने की अपील की है, ताकि उत्पादन बेहतर हो सके.


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