गंगा-कर्मनाशा के उफान से आधा दर्जन पंचायतें प्रभावित, चौसा-मोहनियां हाईवे पर बंद हुआ आवागमन

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नाव से घर जा रहे राहगीर

Buxar News : बक्सर के चौसा में गंगा और कर्मनाशा नदी की बाढ़ से जनजीवन अस्त-व्यस्त है. चौसा-मोहनियां मार्ग बंद होने से लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है.

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Buxar News : गंगा और कर्मनाशा नदी के उफान से चौसा प्रखंड की करीब आधा दर्जन पंचायतें बाढ़ की चपेट में आ गई हैं. अखौरीपुर गोला के पास चौसा-मोहनियां हाईवे पर बाढ़ का पानी चढ़ गया है. प्रशासन ने बैरियर लगाकर आवागमन बंद कर दिया है, इसके बावजूद चार पहिया और बड़े वाहन जोखिम उठाकर गुजर रहे हैं. गांवों में आवागमन के लिए लोगों को नाव का सहारा लेना पड़ रहा है. पिछले नौ दिनों से गंगा का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है. हालांकि, शनिवार को जलस्तर बढ़ने की रफ्तार में थोड़ी कमी देखी गई.

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गंगा के दबाव से कर्मनाशा भी उफान पर

गंगा के बढ़ते जलस्तर के दबाव से कर्मनाशा नदी भी उफान पर है. बाढ़ का सबसे अधिक असर बनारपुर, सिकरौल, रोहिनीभान और जलीलपुर गांवों पर पड़ा है. इन गांवों के उत्तरी टोले में पूरी तरह पानी भर गया है. सिकरौल की लिंक रोड पर करीब तीन फीट पानी बह रहा है, जिससे लोगों के आवागमन में परेशानी बढ़ गई है.

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हजारों एकड़ में लगी फसलें डूबीं

बाढ़ के पानी से हजारों एकड़ में लगी भिंडी, लौकी, परवल, नेनुआ, अरहर, ज्वार और धान की फसलें डूबकर बर्बाद हो गई हैं. इससे किसानों को लाखों रुपये के नुकसान का अनुमान है. वहीं, मवेशियों के लिए चारे का संकट भी गहरा गया है.

बाढ़ के पानी से गुजर रही कार | Prabhat Khabar Network
बाढ़ के पानी से गुजर रही कार | Prabhat Khabar Network

थर्मल पावर एरिया और कॉलेज परिसर तक पहुंचा पानी

बाढ़ का पानी थर्मल पावर एरिया और महर्षि च्यवन महाविद्यालय परिसर तक पहुंच गया है. चौसा-कोचस हाईवे पर भी पानी सड़क के बराबर पहुंच गया है. इससे इस मार्ग पर आवागमन को लेकर स्थिति गंभीर बनी हुई है.

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वाहनों को वैकल्पिक मार्ग से किया जा रहा डायवर्ट

चौसा-मोहनियां हाईवे पर पानी चढ़ने के बाद प्रशासन ने बैरियर लगाकर आवागमन बंद कर दिया है. इसके बावजूद कुछ चार पहिया और बड़े वाहन जोखिम लेकर इस मार्ग से गुजर रहे हैं. वहीं, वाहनों को चौबे की छावनी-कठतर होते हुए सरेंजा मेन रोड से डायवर्ट किया जा रहा है.

प्रशासन अलर्ट मोड में, ग्रामीण नाव के सहारे

बाढ़ प्रभावित गांवों में लोगों के आवागमन का मुख्य साधन नाव बन गया है. लगातार बढ़ते जलस्तर को देखते हुए प्रशासन अलर्ट मोड में है. ग्रामीण इलाकों में बाढ़ की स्थिति पर नजर रखी जा रही है.

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