चौसा की ऐतिहासिक रणभूमि अब पर्यटन मानचित्र पर चमकेगी, शेरशाह-हुमायूं युद्धस्थल के विकास की कवायद शुरू
चौसा गढ़ पर बना स्मारक | Prabhat Khabar Network
Buxar News : बक्सर का चौसा, जहां शेरशाह और हुमायूं के बीच ऐतिहासिक युद्ध हुआ था, अब पर्यटन के नक्शे पर उभरने वाला है. पर्यटन विभाग ने युद्धस्थल के विकास और सौंदर्यीकरण के लिए जिला प्रशासन से जानकारी मांगी है. इस पहल से ऐतिहासिक धरोहर के संरक्षण और क्षेत्र में पर्यटन को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है.
Buxar News : चौसा की ऐतिहासिक रणभूमि को पर्यटन मानचित्र पर विकसित करने की पहल शुरू हो गई है. नगर पंचायत चौसा के वार्ड संख्या एक में स्थित शेरशाह-हुमायूं युद्धस्थल के विकास और सौंदर्यीकरण को लेकर पर्यटन विभाग ने जिला प्रशासन से जानकारी मांगी है. विभाग के विशेष सचिव उदयन मिश्रा ने बक्सर जिलाधिकारी को पत्र भेजकर स्थल से संबंधित विस्तृत रिपोर्ट उपलब्ध कराने को कहा है.
जमीन के स्वामित्व से लेकर रखरखाव तक की मांगी जानकारी
पर्यटन विभाग ने निर्धारित प्रपत्र में जमीन के स्वामित्व, स्थल का नक्शा, अनापत्ति प्रमाण पत्र और निर्माण के बाद रखरखाव की व्यवस्था समेत अन्य आवश्यक जानकारी मांगी है. जिला प्रशासन की ओर से रिपोर्ट उपलब्ध कराए जाने के बाद स्थल के सौंदर्यीकरण और पर्यटन सुविधाओं के विकास की दिशा में आगे की प्रक्रिया शुरू होने की उम्मीद है.
मुख्य पार्षद के प्रस्ताव के बाद शुरू हुई पहल
यह पहल चौसा नगर पंचायत की मुख्य पार्षद किरण देवी के प्रस्ताव के बाद शुरू हुई है. उन्होंने सरकार से ऐतिहासिक युद्धस्थल के संरक्षण और सौंदर्यीकरण की मांग की थी. इसके बाद पर्यटन विभाग ने स्थल के विकास की संभावनाओं को लेकर जिला प्रशासन से आवश्यक जानकारी मांगी है.
दिशा की बैठक में भी उठा था युद्धस्थल के विकास का मुद्दा
इससे पहले 8 अप्रैल 2026 को हुई दिशा की बैठक में भी शेरशाह-हुमायूं युद्धस्थल के विकास का मुद्दा उठाया गया था. बैठक में शेरशाह सूरी के नाम पर तोरण द्वार बनाने, युद्ध के दौरान हुमायूं की जान बचाने वाले निजाम भिस्ती का तैलचित्र लगाने और परिसर के समग्र विकास की कार्ययोजना तैयार करने का निर्देश दिया गया था.
Also Read : बक्सर में बिजली कटने के विवाद में फायरिंग, युवक घायल, मौके पर पहुंचे एसडीएम
ऐतिहासिक धरोहर के संरक्षण की जगी उम्मीद
पर्यटन विभाग की इस पहल से स्थानीय लोगों में चौसा की ऐतिहासिक धरोहर के संरक्षण और विकास को लेकर उम्मीद जगी है. लोगों का मानना है कि युद्धस्थल का समुचित विकास होने से चौसा के ऐतिहासिक महत्व को नई पहचान मिलेगी और क्षेत्र में पर्यटन गतिविधियों को भी बढ़ावा मिल सकता है.
Also Read : बक्सर में प्रवेश करते ही दिखेगा गौरवशाली इतिहास, गोलंबर की दीवारों पर उकेरे जाएंगे रामायण काल के प्रसंग
आपके शहर में
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए