बक्सर : फूड पॉइजनिंग के बाद डुमरांव में मिठाई दुकानों पर प्रशासन का शिकंजा, तीन दर्जन से अधिक प्रतिष्ठान रडार पर
डुमरांव के मिष्ठान भंडार पर छापेमारी करते एसडीएम राजीव कुमार | Prabhat Khabar Network
डुमरांव में फूड पॉइजनिंग की घटना के बाद प्रशासन सख्त. मिठाई दुकानों पर छापेमारी और लाइसेंस की जांच शुरू, दुकानदारों में मचा हड़कंप.
कृष्णाब्रह्म थाना क्षेत्र के अरियांव गांव में फूड पॉइजनिंग की घटना के बाद डुमरांव अनुमंडल में मिठाई कारोबार प्रशासन के रडार पर आ गया है. एक मिष्ठान भंडार को अस्थायी रूप से सील किये जाने के बाद अब अनुमंडल प्रशासन ने पूरे क्षेत्र में मिठाई दुकानों की सघन जांच का निर्णय लिया है. इसके लिए डुमरांव, नया भोजपुर, पुराना भोजपुर, कृष्णाब्रह्म, ब्रह्मपुर, सिमरी समेत अन्य क्षेत्रों की मिठाई दुकानों की सूची तैयार की जा रही है.
मिठाई दुकानों की जांच के लिए खाद्य संरक्षा अधिकारी को पत्र
एसडीएम राजीव कुमार ने बताया कि मिठाई दुकानों की जांच के लिए खाद्य संरक्षा अधिकारी को पत्र जारी कर दिया गया है. जल्द ही गठित टीम द्वारा चिह्नित प्रतिष्ठानों पर औचक छापेमारी की जायेगी. जांच का उद्देश्य खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता, साफ-सफाई और खाद्य सुरक्षा मानकों के अनुपालन की स्थिति का पता लगाना है.
औचक छापेमारी से दुकानदारों में हड़कंप
प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, शिकायतों, पूर्व जांच रिपोर्ट और स्थानीय स्तर से प्राप्त सूचनाओं के आधार पर दुकानों को चिह्नित किया जा रहा है. पहले चरण में रामपुर मठिया, पुराना भोजपुर, सिमरी रोड और डुमरांव शहर के मुख्य बाजार क्षेत्र की दुकानों को जांच के दायरे में रखा गया है. टीम अचानक पहुंचकर जांच करेगी, ताकि दुकानदारों को कार्रवाई की पूर्व सूचना नहीं मिल सके.
मिठाई खाने के बाद एक ही परिवार के नौ लोग हुए थे बीमार
अरियांव गांव में एक ही परिवार के नौ लोगों के बीमार पड़ने के बाद प्रशासन हरकत में आया. गांव के धनेश्वर सिंह द्वारा डुमरांव की एक मिठाई दुकान से खरीदी गयी मिठाई अगले दिन परिवार और पाटीदारों के बीच बांटी गयी थी. मिठाई खाने के कुछ देर बाद लोगों को उल्टी-दस्त की शिकायत होने लगी. सभी को अनुमंडलीय अस्पताल में भर्ती कराया गया. घटना की सूचना मिलने पर एसडीएम ने संबंधित दुकान की जांच करायी.
दुकान में गंदगी मिलने के साथ लाइसेंस भी नहीं दिखा सका संचालक
जांच के दौरान दुकान के किचन और बिक्री स्थल पर साफ-सफाई की स्थिति संतोषजनक नहीं मिली. कच्चे माल की गुणवत्ता को लेकर भी सवाल उठे. वहीं, संचालक वैध खाद्य लाइसेंस प्रस्तुत नहीं कर सका. इसके बाद दुकान को सील कर दिया गया. शुक्रवार को फूड सेफ्टी ऑफिसर द्वारा मिठाइयों के नमूने जांच के लिए पटना भेजे गये हैं. रिपोर्ट आने तक दुकान बंद रहेगी.
लाइसेंस से लेकर मिठाई की गुणवत्ता तक होगी जांच
एसडीएम ने कहा कि दुकानों में एफएसएसएआई लाइसेंस या रजिस्ट्रेशन, साफ-सफाई, शुद्ध पेयजल, कच्चे माल की गुणवत्ता, कर्मचारियों की स्वच्छता, ग्लव्स व कैप के इस्तेमाल और खाद्य पदार्थों के सुरक्षित भंडारण की जांच होगी. दूध, मावा, घी और तेल की गुणवत्ता के नमूने भी लिये जा सकते हैं. कच्ची और तैयार खाद्य सामग्री को अलग रखने तथा पहले बनी मिठाई को पहले बेचने यानी फीफो व्यवस्था का पालन भी देखा जायेगा.
नकली सरसों तेल को लेकर भी हुई छापेमारी
इधर, नकली सरसों तेल बनाने और बेचने की सूचना पर प्रशासन ने हाल में कई किराना दुकानों पर भी छापेमारी की थी. इस दौरान खाद्य पदार्थों में मिलावट की आशंका को लेकर नमूने लिये गये. प्रशासन का कहना है कि खाद्य सुरक्षा मानकों से खिलवाड़ करने वाले किसी भी प्रतिष्ठान को बख्शा नहीं जायेगा.
नियम तोड़ने पर जुर्माने से लेकर दुकान सील करने तक होगी कार्रवाई
खाद्य सुरक्षा विभाग और प्रशासन संयुक्त रूप से जांच अभियान चलाने की तैयारी में हैं. नियमों का उल्लंघन मिलने पर जुर्माना, लाइसेंस रद्द करने और दुकान सील करने तक की कार्रवाई की जायेगी. गंभीर मामलों में कानूनी कार्रवाई भी होगी. प्रशासन ने उपभोक्ताओं से संदिग्ध खाद्य पदार्थ या मिलावट की सूचना तत्काल अधिकारियों को देने की अपील की है.
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