बक्सर में 143 छात्राओं पर मंडराया स्वास्थ्य संकट, GNM हॉस्टल के सभी बाथरूम-शौचालय जाम

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फोटो- जीएनएम कॉलेज बक्सर | Prabhat Khabar Network

बक्सर GNM छात्रावास में नाली और शौचालय जाम होने से 143 छात्राओं के सामने स्वास्थ्य संकट खड़ा हो गया है। प्रशासन की लापरवाही से संक्रमण का खतरा बढ़ गया है।

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Buxar News : बक्सर के जीएनएम प्रशिक्षण संस्थान के छात्रावास में बदहाल स्वच्छता व्यवस्था ने 143 छात्राओं की मुश्किलें बढ़ा दी हैं. संस्थान के मुख्य द्वार के पास महीनों से नाली जाम है, जबकि छात्रावास के लगभग सभी बाथरूम और शौचालय अवरुद्ध होने से छात्राओं के सामने गंभीर स्वास्थ्य संकट खड़ा हो गया है. परिसर में गंदा पानी जमा होने से दुर्गंध फैल रही है और संक्रमण का खतरा भी बढ़ गया है.

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महीनों से जाम नाली, छात्रावास में बढ़ी परेशानी

संस्थान की प्रभारी प्राचार्य ने प्रबंध निदेशक, बिहार मेडिकल सर्विसेज इन्फ्रास्ट्रक्चर कॉरपोरेशन लिमिटेड (BMSICL), पटना को पत्र भेजकर तत्काल कार्रवाई की मांग की है. पत्र में बताया गया है कि मुख्य द्वार के पास नाली जाम होने के कारण छात्रावास का सीवेज सिस्टम भी प्रभावित हो गया है. बाथरूम और शौचालयों के अवरुद्ध होने से छात्राओं को दैनिक जरूरतों के लिए काफी परेशानी उठानी पड़ रही है.

19 अगस्त को अधिकारियों से हुई थी मुलाकात

प्रभारी प्राचार्य और हॉस्टल वार्डन ने 19 अगस्त को जीएमसीएच डुमरांव में BMSICL के प्रबंध निदेशक से मुलाकात कर पूरी समस्या से अवगत कराया था. इसके बाद सीजेएम प्रोजेक्ट विजय कुमार, मैनेजर अशोक कुमार, जीएम BMSICL साउथ राम मोहन सिंह और डीजीएम प्रोजेक्ट बक्सर प्रमोद कुमार राय को समस्या का जल्द समाधान करने का निर्देश दिया गया.

BMSICL की टीम ने किया निरीक्षण

निर्देश के बाद BMSICL बक्सर के मैनेजर प्रोजेक्ट सुमित कुमार की टीम ने 20 और 21 अगस्त को संस्थान का निरीक्षण किया. टीम ने बताया कि पहले नगर परिषद बक्सर को मुख्य नाली जाम की समस्या दूर करनी होगी. इसके बाद ही छात्रावास के बाथरूम और सीवेज सिस्टम को सुचारू रूप से संचालित किया जा सकेगा.

नगर परिषद पर भी लापरवाही के आरोप

इधर, संस्थान की ओर से नगर परिषद से भी कई बार मदद मांगी गई. प्रभारी प्राचार्य के अनुसार स्वच्छता पदाधिकारी रवि कुमार सिंह से मौखिक और टेलीफोनिक रूप से कई बार संपर्क किया गया. 24 अगस्त को बातचीत के दौरान श्रावणी मेला में कर्मचारियों के व्यस्त होने का हवाला दिया गया. इससे पहले नगर परिषद की ओर से विजय कुमार नामक कर्मी निरीक्षण के लिए पहुंचे थे और सोमवार तक समस्या के समाधान का आश्वासन दिया था, लेकिन स्थिति अब भी जस की तस बनी हुई है.

गंदे पानी और दुर्गंध से संक्रमण का खतरा

मुख्य द्वार के पास गंदा पानी जमा रहने से पूरे परिसर में तेज दुर्गंध फैल रही है. वहीं बाथरूम और शौचालयों के जाम होने से छात्राओं को दैनिक जरूरतों के लिए परेशान होना पड़ रहा है. लंबे समय से बनी इस स्थिति से संक्रमण फैलने का खतरा भी बढ़ गया है.

प्राचार्य ने मांगा प्राथमिकता के आधार पर समाधान

प्रभारी प्राचार्य ने BMSICL से नाली, सीवेज और बाथरूम की मरम्मत का काम प्राथमिकता के आधार पर शुरू कराने की मांग की है. साथ ही स्थायी समाधान होने तक 143 छात्राओं के साथ संस्थान के संचालन के लिए प्रशासनिक मार्गदर्शन उपलब्ध कराने का आग्रह किया है.

नगर परिषद ने सफाई को लेकर क्या कहा?

इस संबंध में नगर परिषद के स्वच्छता पदाधिकारी रवि कुमार सिंह ने बताया कि परिसर के अंदर की सफाई नगर परिषद के अंतर्गत नहीं आती है. उन्होंने कहा कि नालों की सफाई करा दी गई है. शौचालय की सफाई के लिए मशीन टंकी के पास नहीं पहुंच सकती, क्योंकि शौचालय भवन के दूसरे छोर पर है और वहां मशीन जाने के लिए पर्याप्त जगह नहीं है.

फोटो- जीएनएम कॉलेज बक्सर | Prabhat Khabar Network
फोटो- जीएनएम कॉलेज बक्सर | Prabhat Khabar Network


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