बक्सर: ब्रह्मपुर अंचल के कई गांवों का खतियान गायब, सरकार ने ग्रामीणों से मांगी मदद

बक्सर जिले के ब्रह्मपुर अंचल से एक बड़ी समस्या सामने आई है, जहाँ दर्जनों गांवों के कैडस्ट्रल खतियान सरकारी अभिलेखागार से गायब या क्षतिग्रस्त हो गए हैं. इससे भूमि रिकॉर्ड को डिजिटल करने में गंभीर परेशानी हो रही है. अब राजस्व विभाग ने ग्रामीणों से सहयोग की अपील की है.
Brahmpur Land Records Missing : बक्सर जिले के ब्रह्मपुर अंचल से एक बड़ी और चौंकाने वाली खबर सामने आई है, जहां दर्जनों गांवों के कैडस्ट्रल सर्वे खतियान सरकारी अभिलेखागार से गायब या पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुके हैं. इस वजह से इन गांवों के भूमि रिकॉर्ड को डिजिटल प्लेटफॉर्म पर अपलोड करने में गंभीर परेशानी आ रही है. अब इस समस्या के समाधान के लिए राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने सीधे ग्रामीणों से सहयोग की अपील की है.
जानकारी के मुताबिक, जिले के कुल 187 मौजों के खतियान या तो उपलब्ध नहीं हैं या फिर इतने खराब हो चुके हैं कि उनका उपयोग संभव नहीं है. इनमें ब्रह्मपुर अंचल के कई प्रमुख गांव भी शामिल हैं. इससे जमीन से जुड़े काम जैसे नामांतरण, बंटवारा और अन्य कानूनी प्रक्रियाएं प्रभावित हो रही हैं.
Buxar News : डिजिटलीकरण में आ रही बड़ी बाधा
बिहार सरकार इन दिनों भूमि रिकॉर्ड को डिजिटल करने की दिशा में तेजी से काम कर रही है. लेकिन जिन गांवों के मूल खतियान ही नहीं मिल पा रहे हैं, वहां यह प्रक्रिया अटक गई है. सरकारी रिकॉर्ड में खतियान की प्रतियां नहीं होने के कारण ऑनलाइन पोर्टल पर डेटा अपडेट नहीं हो पा रहा है.
अधिकारियों का कहना है कि जब तक पुराने रिकॉर्ड नहीं मिलेंगे, तब तक इन गांवों के लोगों को डिजिटल सुविधा का पूरा लाभ नहीं मिल सकेगा. यही वजह है कि अब आम लोगों की मदद ली जा रही है.
इन गांवों के खतियान हैं गायब
राजस्व विभाग द्वारा जारी सूची के अनुसार, ब्रह्मपुर अंचल के नैनीजोर, देवकुली, महाराजगंज, जगदीशपुर, बघउच, सुघर छपरा और धुंध छपरा जैसे दियारा और सीमावर्ती इलाके सबसे ज्यादा प्रभावित हैं.
इसके अलावा नौवरार क्षेत्र के नन्दपुर नौवरार, बरैयां नौवरार, बलुआ नौवरार, दल्लुपुर नौवरार, परनही नौवरार, चटनी नौबरार, विदुरी नौवरार और सपही नौबरार भी इस सूची में शामिल हैं.
वहीं अन्य गांवों में चमरिया किला, चमरिया खुर्द, नन्दपुर, बभनी, धरौली, पिडारी, विशंभर, पिडाडीचक, भदवर, उधुरा, घुरुहुपुर, दल्लुपुर, परनही, कादरपुर, विशुनपुर, विशुनपुर मिल्की, कदरदही, वसुधरपात और रूपापाली जैसे कई नाम शामिल हैं.
ग्रामीणों को हो रही दिक्कत
खतियान के अभाव में इन गांवों के लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. वे न तो अपनी जमीन का सत्यापित रिकॉर्ड ऑनलाइन निकाल पा रहे हैं और न ही जरूरी सरकारी काम समय पर कर पा रहे हैं. इससे कई मामलों में विवाद और देरी की स्थिति बन रही है.
यहां जमा करें खतियान की प्रति
राजस्व विभाग ने साफ किया है कि जिन लोगों के पास अपने गांव का पुराना कैडस्ट्रल खतियान मौजूद है, वे उसकी एक प्रति अंचल कार्यालय ब्रह्मपुर में अंचलाधिकारी या संबंधित कर्मचारी को जमा कर सकते हैं. इसके अलावा जिला अभिलेखागार बक्सर में भी प्रति जमा करने की व्यवस्था की गई है.
क्यूआर कोड से मिलेगी पूरी जानकारी
विभाग ने लोगों की सुविधा के लिए क्यूआर कोड भी जारी किया है. इसके जरिए कोई भी व्यक्ति अपने गांव की स्थिति और पूरी सूची देख सकता है. मोबाइल से स्कैन कर जानकारी आसानी से प्राप्त की जा सकती है.
क्यों जरूरी है यह पहल
अधिकारियों के अनुसार, ग्रामीणों से प्राप्त खतियान की जांच के बाद उसे स्कैन कर भू-अभिलेख पोर्टल पर अपलोड किया जाएगा. इससे रिकॉर्ड हमेशा के लिए सुरक्षित हो जाएगा और भविष्य में किसी को भी जमीन से जुड़े दस्तावेज पाने में परेशानी नहीं होगी.
प्रशासन ने की सहयोग की अपील
प्रशासन ने जनप्रतिनिधियों, मुखिया और समाजसेवियों से भी इस अभियान में आगे आने की अपील की है. लोगों को जागरूक कर खतियान की प्रतियां जुटाने में मदद करने को कहा गया है, ताकि इस महत्वपूर्ण काम को जल्द पूरा किया जा सके.
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