पूर्व मध्य रेल के 58 ट्रेनों में की गयी है बायो टॉयलेट की व्यवस्था, पर्यावरण संरक्षण के साथ राजस्व की भी होगी बचत

पर्यावरण संरक्षण को लेकर पूर्व मध्य रेल द्वारा व्यापक पैमाने पर रेल विद्युतीकरण, ट्रेनों का मेमू रेक में परिवर्तन, एचओजी, बॉयो टॉयलेट आदि कार्यों का निष्पादन किया गया है.
पटना. पर्यावरण संरक्षण को लेकर पूर्व मध्य रेल द्वारा व्यापक पैमाने पर रेल विद्युतीकरण, ट्रेनों का मेमू रेक में परिवर्तन, एचओजी, बॉयो टॉयलेट आदि कार्यों का निष्पादन किया गया है.
पूमरे के मुख्य जनसंपर्क पदाधिकारी राजेश कुमार ने बताया कि पूमरे की एलएचबी कोचों से परिचालित होने वाली लगभग 58 ट्रेनों में हेड ऑन जेनरेशन सिस्टम लगा दिया गया है.
इनमें राजेंन्द्रनगर टर्मिनल-नयी दिल्ली राजधानी एक्सप्रेस, संपूर्ण क्रांति एक्सप्रेस, सहरसा-नयी दिल्ली वैशाली एक्सप्रेस, सहरसा-पटना जनहित एक्सप्रेस, गया-नयी दिल्ली महाबोधि एक्सप्रेस सहित अन्य प्रमुख ट्रेनें शामिल है.
इससे रेल राजस्व की भी बचत हो रही है.सभी ट्रेनों में बॉयो टॉयलेट लगाया गया है. रेल मंत्रालय द्वारा मिशन मोड में कार्य करते हुए ‘भारतीय रेल’ दुनिया की सबसे बड़ी हरित रेल बनने की ओर अग्रसर है.
इसे 2030 तक ‘जीरो कार्बन उत्सर्जक’ बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है. पूर्व मध्य रेल में कुल 4220 रूट किमी में से 3640 रूट किमी का विद्युतीकरण पूरा हो चुका है.
पांच मंडलों में से समस्तीपुर मंडल के कुछ रेलखंडों को छोड़कर शेष चार मंडल शत–प्रतिशत किये जा चुके हैं.
Posted by Ashish Jha
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By Prabhat Khabar News Desk
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