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फूड प्रोसेसिंग से महिलाओं की आमदनी होगी दोगुनी

Updated at : 29 Oct 2025 9:46 PM (IST)
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फूड प्रोसेसिंग से महिलाओं की आमदनी होगी दोगुनी

आत्मा द्वारा सम्बद्ध प्रज्ञा कृषक हित समूह तिलैया राजगीर की टीम कतरीसराय प्रखंड के भैदी गांव पहुंची, जहां आंगनबाड़ी केंद्र पर सरस्वती ग्राम संगठन की जिविका दीदीयों को एक दिवसीय फूड प्रोसेसिंग का प्रशिक्षण दिया गया.

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बिहारशरीफ. आत्मा द्वारा सम्बद्ध प्रज्ञा कृषक हित समूह तिलैया राजगीर की टीम कतरीसराय प्रखंड के भैदी गांव पहुंची, जहां आंगनबाड़ी केंद्र पर सरस्वती ग्राम संगठन की जिविका दीदीयों को एक दिवसीय फूड प्रोसेसिंग का प्रशिक्षण दिया गया. इस दौरान दो दर्जन से अधिक महिलाओं ने टमाटर का अचार बनाने, रख रखाव एवं पैक करने की विधियों को बारिकियों से सीखी. प्रशिक्षण में शामिल फूली देवी, रिंकी देवी, भासो देवी, अनीता देवी, गुलाबी देवी, रेणु देवी, सारो देवी, शकुंती देवी ने यह जानकर आश्चर्य व्यक्त करते हुए कही कि सभी चीजों की अचार देखा सुना था लेकिन टमाटर का अचार पहली बार देख सुन रही हूं. जीविका सीएम पिंकी देवी ने बताया कि यह कृषि पर आधारित घरेलू उद्योग काफी लाभदायक है. अभी टमाटर भले ही चालीस रुपए है, लेकिन एक समय ऐसा भी होता है, जब टमाटर का कोई भाव नहीं होता है. सस्ती के समय में पांच रुपए किलो टमाटर, 45 रुपए का तेल, नमक, मसाला आदि मिलाकर 50 रुपए में एक किलो अचार तैयार हो जाता है जिसकी कीमत दो से तीन सौ रुपए प्रति किलो हो जाता है. प्रशिक्षक प्राकृतिक खेती के जिला निगरानी समिति नालंदा के सदस्य सह प्रज्ञा कृषक हित समूह तिलैया राजगीर के अध्यक्ष व प्रशिक्षक वीर अभिमन्यु सिंह ने प्रशिक्षण देते हुए कहा कि अगर ग्रामीण महिलाओं को खाद्य प्रसंस्करण की दिशा में प्रशिक्षित कर प्लेटफार्म उपलब्ध कराया जाय तो उनकी आमदनी सिर्फ़ दोगुनी ही नहीं होगी बल्कि कई गुणा अधिक हो सकती है. ग्रामीण क्षेत्रों में कच्चा माल उपलब्ध हैजरुरत है, बस हुनर निखारने और प्लेटफ़ॉर्म उपलब्ध कराने की. श्री सिंह ने आगे कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार की अपार संभावनाएं हैं। जरुरत है घर घर में उद्योग स्थापित कराने की. ग्रामीण महिला कृषकों के लिए फूड प्रोसेसिंग गरीबी और बेकारी दूर करने का एक बेहतर विकल्प है. यह एक ऐसा उद्योग है जिसके लिए बहुत बड़ी साधन और संसाधन की जरूरत नहीं है. न ही जगह जमीन की जरुरत है और न ही बहुत बड़ी पूंजी निवेश करने की जरुरत है. इनके पास कच्चा माल उपलब्ध रहता है क्योंकि इनका जीवन कृषि पर निर्भर है. जरुरत है तो बस हौसला अफजाई करने और उत्साह बढ़ाने की. इसलिए फूड प्रोसेसिंग अपनाएं, घर घर में उद्योग लगाएं और अपनी आमदनी बढ़ायें. इस मौके पर भैदी गांव की सीएम पिंकी देवी, कंचन देवी, देवी, आरती कुमारी, बसंती देवी, किरण देवी, चिंता देवी, सरिता कुमारी, सीमा कुमारी, शीला देवी, सचित कुमारी, सिया देवी, जानकी देवी, सिया देवी, सुधा देवी, मनोरमा देवी, फूला देवी, सकीला देवी समेत दर्जनों महिलाएं मौजूद रहीं.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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SANTOSH KUMAR SINGH

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