साइबर ठगी में शामिल साला-बहनोई सहित तीन गिरफ्तार

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साइबर ठगी में शामिल साला-बहनोई सहित तीन गिरफ्तार

जिले में भोले–भाले लोगों को बैंक लोन दिलाने के नाम पर झांसा देकर ठगी करने के आरोप में पुलिस में बड़ी कारवाई करते हुए इस धंधे में शामिल तीन साइबर ठगों को रंगेहाथ गिरफ्तार किया है.

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शेखपुरा. जिले में भोले–भाले लोगों को बैंक लोन दिलाने के नाम पर झांसा देकर ठगी करने के आरोप में पुलिस में बड़ी कारवाई करते हुए इस धंधे में शामिल तीन साइबर ठगों को रंगेहाथ गिरफ्तार किया है.गिरफ्तार किये गये तीन बदमाशों में साला-बहनोई शामिल है. साइबर थाना और कोसुंभा थाना पुलिस ने संयुक्त रूप में सदर प्रखंड के अमानतपुर गांव में छापेमारी कर तीन बदमाशों को लोगों से ठगी करते रंगेहाथ गिरफ्तार कर लिया है. छापेमारी का नेतृत्व साइबर थाना के अपर थानाध्यक्ष साकेत सौरभ और कुसुंभा थानाध्यक्ष अमरेश कुमार सिंह ने संयुक्त रूप में किया. गिरफ्तार किए गए तीनों बदमाशों में अमानतपुर गांव निवासी विक्रम प्रसाद के पुत्र रंजय कुमार तथा धनंजय कुमार तथा उनका दामाद मिथिलेश कुमार शामिल है. गिरफ्तार मिथिलेश कुमार निकटवर्ती लखीसराय जिले के अशोकधाम गांव निवासी बटेश्वर प्रसाद का पुत्र बताया गया है. इस बाबत साइबर थाना के अपर थानाध्यक्ष ने बताया कि पुलिस को गुप्त सूचना मिली कि अमानतपुर गांव एक गुप्त स्थान पर बैठकर कुछ बदमाश मोबाइल से ऑनलाइन वॉट्सएप कॉल कर ठगी कर रहे है. सूचना मिलते ही पुलिस टीम गांव पहुंचकर गिरफ्तार रंजन कुमार के घर के सामने बने गौशाला से तीनों साला-बहनोई को पकड़ लिया गया. 20 लाख रुपये से अधिक की कर चुका है ठगी

इनके पास से बरामद तीन मोबाइल में एक फर्जी सिम युक्त मोबाइल मिला. जबकि इनके द्वारा अलखैर इस्लामिक फाइनेंस कंपनी सहित अन्य बैंकों से लोन दिलाने का फर्जी पोस्टर और डेटा बेस मिला है. उन्होंने कहा कि इस गिरोह द्वारा अबतक मोबाइल धारकों से 20 लाख रुपए से अधिक की ठगी देश के विभिन्न राज्यों के मोबाइल धारकों से ठगी करने के साक्ष्य प्राप्त की गयी है. गिरफ्तार तीनों साइबर फ्रॉड के विरुद्ध स्थानीय थाना में एक प्राथमिकी दर्ज कर उन्हें जेल भेज दिया गया.मालूम हो कि शेखपुरा जिला साइबर ठगी के धंधे के लिए बदनाम हो चूका है. कई राज्यों की पुलिस यहां आकर साइबर ठगी के धंधे में शामिल लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है. लेकिन, साइबर ठगी का धंधा रुकने का नाम नहीं ले रहा है.

एप पर लोन का झांसा लोगों को आसानी से लेता है झांसे में

सोशल मिडिया के जरिए इंस्टेंट लोन एप लिंक भेजा जाता है और यह दावा किया जाता है कि बिना किसी डॉक्यूमेंट के लोन को तुरंत प्रोसेस कर देंगे.इस तरह के एप वाले बिना किसी गारंटर के पर्सनल लोन देने की बात कर बस आपको रजिस्ट्रेशन कराना होगा इसका झांसा देते हैं.इसी लालच में लोग ठगी के शिकार हो जाते हैं उन्हें लोन के लिए मोबाइल में कई परमिशन देनी होगी. इस तरह से एप की ओर से लिंक भेजा जाता है और लिंक क्लिक करते ही एप चला रहे गिरोह को आपके फोन का एक्सेस मिल जाता है. ध्यान रखें की सही लोन देने वाले बैंक या फाइनेशियल संस्थान बिना उचित डॉक्यूमेंट के लोंन नहीं देते हैं.

1930 नंबर पर करें शिकायत

साइबर ठगी के शिकार लोग जिले में संचालित साइबर थाना में अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं. साइबर ठगी के शिकार लोग देश के किसी भी हिस्से से फोन कर शिकायत दर्ज कर सकते हैं. साइबर शिकायतों के लिए एक अलग फोन नंबर 1930 है. अगर पीड़ित जल्द से जल्द शिकायत करे तो पुलिस जालसाजों से पैसे वसूल कर सकती है.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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