बिहारशरीफ: बंध्याकरण के नाम पर मरीजों से पैसे लेने का आरोप, बिहारशरीफ में दो आशा कार्यकर्ताओं से मांगा गया स्पष्टीकरण

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सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बिंद | Prabhat Khabar Network

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सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बिंद में बंध्याकरण ऑपरेशन के नाम पर कथित अवैध राशि वसूली का मामला तूल पकड़ रहा है. मरीजों के परिजनों द्वारा आशा कार्यकर्ताओं पर लगाए गए आरोपों में अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है, जिससे नाराजगी बढ़ रही है.

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बिहारशरीफ. सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बिंद में बंध्याकरण ऑपरेशन के नाम पर मरीजों के परिजनों से कथित अवैध राशि वसूली का मामला एक माह बाद भी कार्रवाई के इंतजार में है. आशा कार्यकर्ताओं पर लगे आरोपों में अब तक ठोस कार्रवाई नहीं होने से मरीजों और उनके परिजनों में नाराजगी बढ़ती जा रही है.

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बताया जाता है कि बंध्याकरण ऑपरेशन कराने सीएचसी पहुंचीं तीन महिलाओं के परिजनों ने दो आशा कार्यकर्ताओं पर प्रत्येक मरीज से 1600 रुपये लेने का आरोप लगाया था. जक्की गांव निवासी धर्मशीला देवी और सुकरी देवी तथा कथराही निवासी मंती देवी के परिजनों ने इस संबंध में प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी से शिकायत की थी.

दो आशा कार्यकर्ताओं पर राशि लेने का आरोप

शिकायत में आशा कार्यकर्ता काशीश कुमारी और रीता देवी पर राशि लेने का आरोप लगाया गया था. मामला सामने आने के बाद अस्पताल प्रशासन ने दोनों आशा कार्यकर्ताओं से स्पष्टीकरण मांगा था. हालांकि शिकायत के करीब एक माह बीत जाने के बाद भी कार्रवाई नहीं होने से शिकायतकर्ताओं में असंतोष है.

पीड़ित परिजनों का आरोप है कि मामले में अस्पताल के कुछ कर्मियों की मिलीभगत से कार्रवाई को टालने का प्रयास किया जा रहा है. उनका कहना है कि यदि आरोप गंभीर हैं, तो जांच पूरी कर दोषियों पर कार्रवाई होनी चाहिए.

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सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बिंद

कार्रवाई नहीं होने से मरीजों में चर्चा

इधर, कार्रवाई नहीं होने से बंध्याकरण कराने वाले मरीजों और उनके परिजनों के बीच भी चर्चा तेज हो गयी है. पीड़ित परिजनों ने मामले की शिकायत सिविल सर्जन से करने की बात कही है.

अंतिम स्पष्टीकरण मांगा गया : प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी

इस संबंध में प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ उमाकांत प्रसाद ने बताया कि दोनों आशा कार्यकर्ताओं से अंतिम स्पष्टीकरण मांगा गया है. संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर कार्रवाई के लिए सिविल सर्जन को पत्र भेजा जाएगा.

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