बिहारशरीफ : प्रधानमंत्री आवास योजना की अंतिम सूची पर विवाद, पक्का मकान और सरकारी नौकरी वालों को लाभ देने का आरोप

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प्रधानमंत्री आवास योजना

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प्रधानमंत्री आवास योजना की अंतिम सूची को लेकर बिहारशरीफ के मेयार गांव में ग्रामीणों ने आपत्ति जताई है. उनका आरोप है कि पक्के मकान और सरकारी नौकरी वाले लोगों को सूची में शामिल किया गया है, जबकि जरूरतमंदों को बाहर रखा गया है. ग्रामीणों ने मामले की जांच की मांग की है.

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बिहारशरीफ. नूरसराय प्रखंड के ग्राम पंचायत राज मेयार में प्रधानमंत्री आवास योजना की अंतिम सूची को लेकर ग्रामीणों ने सवाल उठाये हैं. ग्रामीणों ने नूरसराय के प्रखंड विकास पदाधिकारी को आवेदन देकर सूची में शामिल लाभुकों की पात्रता की जांच कराने और जरूरतमंद परिवारों का पुनः सत्यापन कराने की मांग की है. ग्रामीणों का कहना है कि सूची तैयार करने में कुछ स्तर पर अनियमितता की आशंका है, इसलिए पूरे मामले की जांच आवश्यक है.

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पक्के मकान और सरकारी नौकरी वाले लोगों के नाम होने का आरोप

ग्रामीणों द्वारा दिये गये आवेदन में कहा गया है कि अंतिम सूची में कुछ ऐसे लाभुकों के नाम शामिल होने की जानकारी मिली है, जिनके पास पहले से पक्का मकान है. इसके अलावा सरकारी नौकरी करने वाले, पर्याप्त कृषि भूमि वाले तथा अपेक्षाकृत बेहतर आर्थिक स्थिति वाले कुछ परिवारों के नाम भी सूची में होने की शिकायत की गयी है.

ग्रामीणों का दावा है कि दूसरी ओर कुछ जरूरतमंद और पात्र परिवारों को सूची में जगह नहीं मिल पायी है. शिकायतकर्ताओं ने सूची में शामिल सभी लाभुकों की पात्रता का स्थल सत्यापन कराने की मांग की है.

जरूरतमंद परिवारों के पुनः सत्यापन की मांग

ग्रामीणों का कहना है कि प्रधानमंत्री आवास योजना का उद्देश्य जरूरतमंद परिवारों को आवास उपलब्ध कराना है. ऐसे में यदि किसी अपात्र व्यक्ति का नाम सूची में शामिल हुआ है या किसी पात्र परिवार को बाहर रखा गया है, तो जांच के बाद स्थिति स्पष्ट होनी चाहिए.

आवेदन में ग्रामीणों ने अंतिम सूची में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी की आशंका जताते हुए मामले की जांच और दोष पाये जाने पर नियमानुसार कार्रवाई की मांग की है.

डीएम और सीएम समेत अन्य को भी शिकायत भेजने का दावा

ग्रामीणों के अनुसार इस संबंध में पंचायत के मुखिया, सरपंच एवं अन्य पंचायत प्रतिनिधियों के माध्यम से जिलाधिकारी, नालंदा, मुख्यमंत्री तथा प्रधानमंत्री को भी शिकायत पत्र डाक के माध्यम से भेजा गया है. हालांकि ग्रामीणों द्वारा लगाये गये आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है.

पत्र मिलने पर होगी जांच : बीडीओ

इस संबंध में नूरसराय के प्रखंड विकास पदाधिकारी ने बताया कि उनके कार्यालय को अभी तक इस मामले से संबंधित कोई पत्र प्राप्त नहीं हुआ है. पत्र प्राप्त होने के बाद मामले की जांच कर नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी.

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