‘अहंकार का अंत निश्चित’, इस्लामपुर में भागवत कथा के दौरान कथाव्यास ने सुनायी गोवर्धन लीला

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कथा श्रवण करते गणमान्य लोग

इस्लामपुर में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के छठे दिन कथाव्यास डॉ. लवी मैत्रेयी शर्मा ने भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं का मार्मिक वर्णन किया. उन्होंने बताया कि कैसे माखन चोरी, कालिया मर्दन और गोवर्धन लीलाओं में प्रेम, समर्पण, अहंकार का त्याग और धर्म की रक्षा का संदेश छिपा है.

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shrimad bhagwat katha: श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर्व के अवसर पर आयोजित सप्तदिवसीय श्रीमद्भागवत कथा ज्ञानयज्ञ के छठे दिन वृंदावन से आयीं सुप्रसिद्ध कथाव्यास डॉ. लवी मैत्रेयी शर्मा ने भगवान श्रीकृष्ण की मनोहारी बाल लीलाओं का भावपूर्ण वर्णन किया. इस्लामपुर नगर के गया जी रोड स्थित वृंदावन वाटिका के विशाल सभागार में कथा श्रवण के लिए हजारों श्रद्धालु पहुंचे. कथा के दौरान पूरा वातावरण श्रीमद्भागवत के भक्तिरस में डूबा रहा और राधे-राधे व जय श्रीकृष्ण के जयघोष से गूंजता रहा.

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माखन चोरी लीला में छिपा प्रेम और समर्पण का संदेश

कथाव्यास डॉ. लवी मैत्रेयी शर्मा ने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीलाएं केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं हैं, बल्कि इनमें गहन आध्यात्मिक संदेश निहित है. उन्होंने माखन चोरी लीला का वर्णन करते हुए कहा कि भगवान अपने भक्तों के निर्मल और प्रेममय हृदय रूपी माखन को ही स्वीकार करते हैं. भगवान को निष्कपट प्रेम और समर्पण सबसे अधिक प्रिय है.

कालिया मर्दन से अहंकार त्यागने की सीख

कालिया नाग के मर्दन की लीला का वर्णन करते हुए कथाव्यास ने कहा कि कालिया विषैले अहंकार, क्रोध और दुष्प्रवृत्तियों का प्रतीक है. जब मनुष्य भगवान का आश्रय ग्रहण करता है, तो उसके जीवन से ये विकार दूर हो जाते हैं और जीवन पवित्र एवं मंगलमय बनता है.

गोवर्धन लीला में प्रकृति और धर्म की रक्षा का संदेश

गोवर्धन पूजा और गोवर्धन धारण लीला का वर्णन करते हुए डॉ. शर्मा ने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण ने इंद्र के अभिमान का नाश कर यह संदेश दिया कि अहंकार का अंत निश्चित है. प्रकृति, गौ सेवा और धर्म की रक्षा करना मानव जीवन का महत्वपूर्ण कर्तव्य है. उन्होंने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण अपने भक्तों की रक्षा के लिए सदैव तत्पर रहते हैं और संकट की प्रत्येक घड़ी में उनका संरक्षण करते हैं.

भक्ति, सेवा और विनम्रता को जीवन में अपनाने का आह्वान

कथाव्यास ने श्रद्धालुओं से भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं से प्रेम, करुणा, सेवा, विनम्रता और ईश्वर के प्रति अटूट विश्वास का संदेश ग्रहण करने का आह्वान किया. उन्होंने श्रद्धालुओं से अपने जीवन को धर्ममय और संस्कारयुक्त बनाने का संकल्प लेने की अपील की.

सामूहिक संकीर्तन में झूम उठे श्रद्धालु

कथा के समापन पर श्रीकृष्ण के मधुर भजनों का सामूहिक संकीर्तन हुआ. इसमें श्रद्धालु भक्ति भाव में झूम उठे. अंत में श्रद्धालुओं ने कथाव्यास का आशीर्वाद प्राप्त किया. आयोजन समिति के संयोजक महेंद्र सिंह यादव, व्यापार मंडल अध्यक्ष संजय साहू, भाजपा के पूर्व जिला महामंत्री विजय विश्वकर्मा, नगर मंडल महामंत्री बीरेंद्र यादव, अशोक यादव, मनीष कुमार और अरविंद यादव सहित अन्य ने श्रद्धालुओं के प्रति आभार व्यक्त किया. इसके बाद सामूहिक प्रसाद वितरण किया गया.

कई जनप्रतिनिधि भी कथा में हुए शामिल

इससे पूर्व श्रीमद्भागवत कथा महापुराण में खान एवं भूतत्व मंत्री प्रमोद चंद्रवंशी, स्थानीय सांसद कौशलेंद्र कुमार, जनता दल यूनाइटेड के राष्ट्रीय महासचिव व पूर्व विधायक ई. सुनील कुमार, विधान परिषद में सत्तारूढ़ दल के उप नेता राजेंद्र गुप्ता, विधान पार्षद रिंकू यादव, पूर्व विधान पार्षद राजेश कुमार सिंह उर्फ राजू यादव, राधामोहन शर्मा सहित कई जनप्रतिनिधि एवं गणमान्य लोग शामिल हुए.

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