नालंदा के इस स्कूल तक पहुंचने का रास्ता नहीं, पगडंडी के सहारे आते हैं बच्चे; जर्जर भवन और गहरा गड्ढा बना खतरा

Updated:
विज्ञापन

जर्जर स्कूल भवन | Prabhat Khabar Network

Harnaut Primary School : बिहार के हरनौत प्रखंड में प्राथमिक विद्यालय छोटी आमर के छात्र-छात्राओं को स्कूल तक पहुंचने के लिए कच्ची पगडंडी का सहारा लेना पड़ता है. जर्जर भवन और स्कूल के पास एक गहरे गड्ढे ने सुरक्षा पर सवाल खड़े कर दिए हैं.

विज्ञापन

Harnaut Primary School : नालंदा के हरनौत प्रखंड के कोलावां पंचायत में स्थित प्राथमिक विद्यालय छोटी आमर में छात्र-छात्राओं को स्कूल तक आने-जाने के लिए अब तक रास्ता नहीं मिल सका है. स्कूल में पढ़ने वाले छात्र-छात्राओं के साथ शिक्षकों को पूरे साल रास्ता नहीं होने का दंश झेलना पड़ रहा है.

स्कूल प्रभारी एचएम वीणा भारती के द्वारा इस संबंध में पदाधिकारियों को अवगत कराया गया था, लेकिन विद्यालय के रास्ते के संबंध में कोई कार्रवाई नहीं होने के कारण भारी परेशानी हो रही है.

प्रभारी प्रधानाध्यापिका द्वारा दी गई जानकारी

वहीं प्रभारी प्रधानाध्यापिका वीणा भारती ने बताया कि विद्यालय में कक्षा पहली से पांचवीं तक 106 विद्यार्थी नामांकित हैं, जिसमें 70-80 बच्चे उपस्थित रहते हैं, लेकिन न चारदीवारी है एवं न आने-जाने का रास्ता है. करीब दो फीट चौड़ी एक पगडंडी कच्चे रास्ते से बच्चे आते-जाते हैं.

उन्होंने कहा कि स्कूल भवन के कमरे भी जर्जर हो चुके हैं. बरसात के दिनों में जर्जर छत से पानी टपकता रहता है, जिससे पठन-पाठन में काफी असुविधा होती है.

छत का प्लास्टर उखड़ने और असुरक्षित माहौल

यहां तक कि छत से प्लास्टर भी उखड़-उखड़कर गिरते रहते हैं, जिससे छात्र-छात्राओं सहित शिक्षिकाएं स्कूल ऑवर में असुरक्षित महसूस करते हैं. यहां तक कि स्कूल भवन से दो मीटर आगे दस फीट गहरा तालाबनुमा एक गड्ढा है, जिसमें बरसात के दिनों में पानी लबालब भरा रहता है, जिसमें कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है.

ग्रामीणों की नाराजगी और नेताओं के झूठे आश्वासन

आसपास के ग्रामीणों से बात करने पर उन्होंने बताया कि स्कूल में मूलभूत सुविधाएं नहीं रहने के कारण वे अपने बच्चों को स्कूल में पढ़ने के लिए नहीं भेजते हैं. ग्रामीण बताते हैं कि इसके लिए कई बार नेताओं ने आश्वासन दिया, लेकिन आज तक समस्या का समाधान नहीं हो पाया है.

बीईओ का बयान और समाधान का आश्वासन

वहीं प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी (बीईओ) नितेश कुमार रंजन ने बताया कि मामला संज्ञान में नहीं है. मामले की जानकारी स्कूल प्रभारी से लेकर उसका समाधान किया जाएगा.

Also Read : गया जी : रेलवे कर्मचारियों के आश्रित पुत्रों के लिए राहत, 21 साल के बाद भी मिलेगी मेडिकल सुविधा


विज्ञापन
Prabhat Khabar News Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar News Desk

यह प्रभात खबर का न्यूज डेस्क है। इसमें बिहार-झारखंड-ओडिशा-दिल्‍ली समेत प्रभात खबर के विशाल ग्राउंड नेटवर्क के रिपोर्ट्स के जरिए भेजी खबरों का प्रकाशन होता है।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन