बिहारशरीफ में 'मुक्कामार' आत्मरक्षा प्रशिक्षण शुरू, तीन दिन तक छात्राओं को सिखाए जाएंगे सेल्फ डिफेंस के गुर

कार्यक्रम में शामिल बच्चे
Biharsharif News : बिहारशरीफ में रेड ब्रिगेड और रोटरी क्लब द्वारा आयोजित तीन दिवसीय मुक्कामार आत्मरक्षा प्रशिक्षण शिविर से बेटियों को मिलेगा आत्मरक्षा का संबल और आत्मविश्वास.
Biharsharif News : महिलाओं और बालिकाओं को आत्मनिर्भर, निडर और सुरक्षित बनाने के उद्देश्य से शुक्रवार को बिहारशरीफ के खंदकपर स्थित सेंट जोसेफ अकादमी में तीन दिवसीय 'मुक्कामार' महिला आत्मरक्षा प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ. कार्यक्रम का उद्घाटन रेड ब्रिगेड की संस्थापक उषा विश्वकर्मा, रोटरी क्लब ऑफ तथागत के अध्यक्ष महेश लोहानी, सचिव डॉ. नीरज कुमार तथा अन्य अतिथियों ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया. रोटरी क्लब ऑफ तथागत, बिहारशरीफ और रेड ब्रिगेड, लखनऊ के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस प्रशिक्षण शिविर में बड़ी संख्या में छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया. 31 जुलाई से 2 अगस्त तक चलने वाले इस कार्यक्रम में प्रतिभागियों को आत्मरक्षा की व्यावहारिक तकनीकों के साथ मानसिक दृढ़ता, त्वरित निर्णय क्षमता और विपरीत परिस्थितियों में स्वयं की सुरक्षा के उपाय सिखाए जाएंगे.
आत्मरक्षा आज हर बेटी की जरूरत : उषा विश्वकर्मा
रेड ब्रिगेड की संस्थापक उषा विश्वकर्मा ने कहा कि आज के समय में हर बेटी का आत्मरक्षा में प्रशिक्षित होना बेहद जरूरी है. उन्होंने कहा कि आत्मरक्षा केवल किसी हमले से बचने की कला नहीं, बल्कि आत्मसम्मान, आत्मविश्वास और स्वाभिमान के साथ जीवन जीने का आधार है. उन्होंने छात्राओं से भयमुक्त होकर अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रहने और हर परिस्थिति का साहसपूर्वक सामना करने का आह्वान किया.
व्यावहारिक प्रशिक्षण से होगा वास्तविक महिला सशक्तिकरण
रोटरी क्लब ऑफ तथागत के अध्यक्ष महेश लोहानी ने कहा कि महिला सशक्तिकरण केवल नारों से नहीं, बल्कि ऐसे व्यावहारिक प्रशिक्षणों से संभव है, जो बेटियों को आत्मनिर्भर बनाएं. उन्होंने कहा कि रोटरी क्लब शिक्षा, स्वास्थ्य और सामाजिक सेवा के साथ-साथ महिलाओं की सुरक्षा और सम्मान को बढ़ावा देने के लिए लगातार कार्य करता रहा है. 'मुक्कामार' जैसी पहल समाज में सकारात्मक बदलाव लाने का प्रभावी माध्यम बनेगी.
शिक्षा के साथ आत्मरक्षा भी जरूरी : डॉ. नीरज कुमार
रोटरी क्लब ऑफ तथागत के सचिव डॉ. नीरज कुमार ने कहा कि आज की बेटियों को शिक्षा के साथ आत्मरक्षा का प्रशिक्षण भी मिलना चाहिए. उन्होंने कहा कि यह प्रशिक्षण छात्राओं को शारीरिक और मानसिक रूप से मजबूत बनाएगा, जिससे वे किसी भी चुनौतीपूर्ण परिस्थिति में सही निर्णय लेकर स्वयं की रक्षा कर सकेंगी. उन्होंने विश्वास जताया कि इस शिविर से प्रशिक्षित छात्राएं आगे चलकर अन्य बालिकाओं के लिए भी प्रेरणा बनेंगी.
आत्मविश्वास और सुरक्षा जागरूकता बढ़ाना है उद्देश्य
कार्यक्रम की परियोजना अध्यक्ष रोटेरियन रूबी सिन्हा ने बताया कि तीन दिवसीय प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य महिलाओं और बालिकाओं में आत्मविश्वास विकसित करना, उन्हें आत्मरक्षा के व्यावहारिक कौशल से परिचित कराना तथा समाज में सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाना है. कार्यक्रम के सफल संचालन में रोटेरियन रश्मि दास और रोटेरियन कुमारी किरण की महत्वपूर्ण भूमिका रही.
बड़ी संख्या में रोटेरियन और गणमान्य लोग रहे मौजूद
कार्यक्रम में डॉ. अरविंद कुमार सिन्हा, डॉ. सुनीति सिन्हा, अमन कुमार, रत्नेश अमन, दिनेश कुमार, इंजीनियर विपिन कुमार भास्कर, अशोक कुमार सहित अनेक रोटेरियन, शिक्षाविद्, अभिभावक और गणमान्य नागरिक मौजूद रहे. उपस्थित लोगों ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि बदलते सामाजिक परिवेश में बेटियों को आत्मरक्षा का प्रशिक्षण देना समय की आवश्यकता है. ऐसे प्रयास महिलाओं को अधिक सुरक्षित, आत्मविश्वासी और सशक्त बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे.
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By Prabhat Khabar News Desk
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