ePaper

जिले में मोंथा चक्रवात ने दिखाया असर

Updated at : 31 Oct 2025 10:16 PM (IST)
विज्ञापन
जिले में मोंथा चक्रवात ने दिखाया असर

बिहारशरीफ.बंगाल की खाड़ी में उठा मोंथा चक्रवात शुक्रवार को जिले में अपना उग्र रूप दिखाया.

विज्ञापन

बिहारशरीफ. बंगाल की खाड़ी में उठा मोंथा चक्रवात शुक्रवार को जिले में अपना उग्र रूप दिखाया. जिले में गुरुवार की रात्रि से ही रुक-रुक कर हल्की बारिश शुरू हो गई थी, जो शुक्रवार की सुबह और तेज हो गई. जैसे-जैसे दिन चढ़ता गया वैसे-वैसे बारिश की रफ्तार भी बढ़ती गई. शुक्रवार को जिले में लगभग 25.7 मिलीमीटर बारिश रिकार्ड की गई है. दिनोंभर सूर्य देव का दर्शन नहीं हुआ है. इससे खेतों में खड़ी धान के फसलों को नुकसान पहुंचने की संभावना बढ़ गई है. यदि रात्रि में हवा की रफ्तार तेज होती है तो इससे तैयार फसल के गिरने की संभावना बढ़ गई है. इससे धान के फसल को भारी क्षति हो सकती है. इस संबंध में किसानों का कहना है खेतों में धान की फसल तैयार खड़ी है. यदि वर्षा के साथ-साथ तेज हवाएं चलती है तो धान के पौधे खेतों में गिर जाएंगे. जिससे धान के बीजों के खराब होने की संभावना बढ़ जाती है. इससे उपज दर के साथ-साथ धान के मूल्य में भी गिरावट आ जाएगी. इस वर्ष मौसम अनुकूल रहने के कारण किसानों को धान की अच्छी पैदावार होने की उम्मीद थी. यदि मौसम में जल्दी सुधार नहीं होता है तो किसानों को भारी क्षति हो सकती है. मौसम पूर्वानुमान के अनुसार अभी अगले दो दिनों तक जिले के मौसम में कोई विशेष सुधार होने की उम्मीद नहीं है. हालांकि यदि इस बीच तेज हवा और बारिश जारी रहती है तो किसानों की फसलों को भारी नुकसान पहुंच सकता है. अभी और वारिश होने की संभावना से जिले के किसानों में मायूसी देखी जा रही है. रहुई प्रखंड के किसान राजेन्द्र प्रसाद ने इस संबंध में बताया कि खेतों में धान की फसल बिल्कुल तैयार है. अब जल्दी ही इसकी कटाई शुरू होने वाली थी. यदि मौसम में जल्दी सुधार नहीं हुआ तो किसानों को काफी क्षति हो सकती है.

मंगलवार से ही हुआ है मौसम में बदलाव:-

जिले में मंगलवार से ही मोंथा चक्रवात का कुछ कुछ असर नजर आने लगा था. हालांकि मौसम में आये इस हल्के परिवर्तन को लोगों ने नजर अंदाज कर दिया. लेकिन वुधवार को जिले के आसमान में दिनों भर बादल छाए रहे तथा बीच-बीच में हल्की बूंदाबांदी के साथ ठंडी तेज हवाएं बहने लगी थी. इससे जिले के तापमान में गिरावट आई और लोगों को गर्मी से राहत मिली. हालांकि रात में तापमान में और गिरावट आने से लोगों को ठंड का एहसास होने लगा. जबकि गुरुवार को मौसम का मिजाज सूबह से ही बिगड़ने से जिले का अधिकतम तापमान 27 डिग्री तथा न्यूनतम तापमान 21 डिग्री सेंटीग्रेड तक पहुंच गया. इससे लोगों को चादर और गर्म कपड़ों की जरूरत पड़ने लगी. शुक्रवार को मोंथा चक्रवात का प्रभाव और उग्र हो गया है. शुक्रवार को दिनों भर बारिश होने से जिलेवासियों का जन जीवन अस्तव्यस्त हो गया है. ठंड बढ़ने से बच्चों तथा वृद्धो को घरों में दुबकना पड़ गया है, वहीं सडकों पर कीचड और पानी के कारण लोगों को राह चलना मुश्किल हो गया है. .

रबी फसल की बुआई में हो सकती है देरी:-

मौसम के उग्र रूप को देखते हुए जिले के किसानों को डर सता रहा है कि यदि चक्रवाती हवाएं और बारिश जल्दी नहीं रूकती है तो खेतों में खड़ी धान की फसल गिरकर बर्बाद हो जाएगी. इसके साथ ही साथ अधिक बारिश होने से खेतों में लंबे दिनों तक नमी बनी रहेगी. इससे धान की कटाई के साथ-साथ रवि फसल की बुवाई में भी देर हो जाएगी. इससे इन फसलों का उत्पादन भी प्रभावित हो जाएगी. अभी फिलहाल मौसम को देखते हुए रबी सीजन की तैयारियां भी ठप हो गई हैं. किसानों को अब आलू, सरसों और गेहूं की फसलों की बुआई को लेकर भी चिंता सता रही है.

जिले का विगत एक सप्ताह का औसत तापमान:-

तिथि ——- अधिकतम तापमान—— न्यूनतम तापमान

25 अक्टूबर——- 33.6 ———25.1

26 अक्टूबर——–33.8——— 25.6

27 अक्टूबर——- 33.2 ———- 25.9

28 अक्टूबर ———- 31.7 ———- 26.2

29 अक्टूबर——— 28.9 ——— 22.4

30 अक्टूबर——– 27.0 ———— 21.6

31 अक्टूबर——– 24.0 ———— 21.0

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

विज्ञापन
SANTOSH KUMAR SINGH

लेखक के बारे में

By SANTOSH KUMAR SINGH

SANTOSH KUMAR SINGH is a contributor at Prabhat Khabar.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन