Bihar Politics: जो सही मायनों में लालूवादी होगा,वो बोलेगा- राजद कार्यकारिणी से पहले रोहिणी आचार्य ने एक्स पर लिखा

Updated:
विज्ञापन

Rohini Acharya

WhatsApp चैनल से जुड़ेंगूगल पर प्रभात खबर चुनें

Bihar Politics: राष्ट्रीय कार्यकारिणी की अहम बैठक से ठीक पहले आरजेडी में सियासी तापमान अचानक बढ़ गया है. लालू प्रसाद यादव की बेटी रोहिणी आचार्य के एक सोशल मीडिया पोस्ट ने पार्टी के भीतर चल रही खींचतान को खुलकर सामने ला दिया है. उनके शब्दों में नाराजगी भी है, चेतावनी भी और नेतृत्व को सीधी चुनौती भी.

विज्ञापन

Bihar Politics: राष्ट्रीय जनता दल की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक से पहले रोहिणी आचार्य का बयान पार्टी के लिए असहज करने वाला साबित हो रहा है. उन्होंने बिना किसी का नाम लिए पार्टी की मौजूदा कमान और उसके आसपास मौजूद लोगों पर हमला बोला है.

विज्ञापन

रोहिणी ने साफ कहा कि जो सही मायनों में ‘लालूवादी’ होगा, वह पार्टी की बदहाली के खिलाफ आवाज उठाएगा, न कि चुप्पी साधेगा. उनका यह बयान ऐसे वक्त आया है जब आरजेडी में नेतृत्व परिवर्तन और संगठनात्मक बदलाव की चर्चाएं तेज हैं.

लालूवाद को खत्म करने की साजिश

रोहिणी आचार्य ने पार्टी की स्थिति को ‘बदहाल’ और ‘चिंताजनक’ बताते हुए कहा कि अब असली कमान ऐसे लोगों के हाथ में चली गई है जो ‘घुसपैठिए’ और ‘साजिशकर्ता’ हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि इन्हें विरोधी ताकतों ने खास मकसद से भेजा है, ताकि लालू प्रसाद की विचारधारा यानी ‘लालूवाद’ को कमजोर किया जा सके. उनका कहना है कि पार्टी के भीतर वही लोग हावी हो रहे हैं, जिन्हें न तो आंदोलन की समझ है और न ही संघर्ष की विरासत का सम्मान.

नेतृत्व की चुप्पी पर सीधा सवाल

रोहिणी का सबसे तीखा हमला नेतृत्व की कार्यशैली पर किया है. उन्होंने कहा कि सवालों से भागना और भ्रम फैलाना किसी भी मजबूत नेतृत्व की पहचान नहीं हो सकती. उनका इशारा साफ तौर पर तेजस्वी यादव की ओर माना जा रहा है. रोहिणी ने लिखा कि अगर नेतृत्व चुप्पी साधे रहता है, तो यह मान लिया जाएगा कि वह साजिश करने वालों के साथ खड़ा है. उनके मुताबिक, जो लोग लालूवाद की बात करते हैं, उनके साथ दुर्व्यवहार और अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल किया जा रहा है, जो पार्टी की मूल सोच के खिलाफ है.

रोहिणी का बयान पार्टी के भीतर गहरी होती दरार को उजागर करता है. उनका इशारा उन चेहरों की ओर है जो तेजस्वी यादव के कोर ग्रुप का हिस्सा माने जाते हैं और जिन पर पुराने लालूवादी नेताओं को किनारे करने का आरोप लगता रहा है. ऐसे में यह बयान सिर्फ भावनात्मक नहीं, बल्कि एक राजनीतिक संदेश भी है.

बैठक में गूंज सकते हैं सवाल

आरजेडी इस समय कार्यकारिणी की बैठक करने में में जुटी है. ऐसे वक्त में रोहिणी का यह हमला नेतृत्व के लिए नई चुनौती बन सकता है. अब देखना यह होगा कि राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में इन सवालों की कितनी गूंज सुनाई देती है और पार्टी इन आरोपों से कैसे निपटती है.

Also Read: Bihar Politics: RJD में लालू की मौजूदगी में आज तेजस्वी युग की शुरुआत? या मीसा भारती को मिलेगी राजद में बड़ी जिम्मेदारी

आपके शहर में

विज्ञापन

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन