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Bihar News: BPSC शिक्षिका ने सुसाइड नोट लिखकर फंदे से लटकर दे दी जान

Updated at : 27 Jan 2026 9:07 AM (IST)
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Bihar News 27 Jan 2026

सांकेतिक तस्वीर

Bihar News: बिहार के वैशाली में एक बीपीएससी टीचर की संदिग्ध मौत हो गई. किराए के कमरे में फंदे से लटका शव मिला. परिवार वालों ने सुसरालवालों पर गंभीर आरोप लगाते हुए शिकायत दर्ज कराई है.

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Bihar News: वैशाली जिले के कटहरा ओपी क्षेत्र के सेहान गांव से सामने आई इस दुखद घटना ने पूरे इलाके को गमगीन कर दिया है. BPSC शिक्षिका प्रिया भारती की मौत के बाद, बेटी का शव देखकर परिजनों के पैरों तले जमीन खिसक गई.

पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और सभी एंगल से जांच की जा रही है. एक तरफ मायके वालों ने ससुराल पक्ष पर हत्या का आरोप लगाया है, तो दूसरी तरफ प्रिया भारती का सुसाइड नोट सामने आया है, जिसमें उन्होंने किसी को जिम्मेदार नहीं ठहराया है.

सुबह-सुबह सामने आया दर्दनाक मंजर

सोमवार की सुबह जब परिवार वालों ने कमरे में प्रिया भारती को फंदे से लटका देखा, तो पूरे घर में अफरा-तफरी मच गई. कुछ ही देर में गांव में यह खबर फैल गई और सेहान गांव मातमी माहौल में डूब गया. पुलिस को सूचना दी गई, जिसके बाद मौके पर पहुंचकर शव को कब्जे में लिया गया और कानूनी प्रक्रिया शुरू की गई.

घटना के बाद मायके पक्ष ने ससुरालवालों पर गंभीर आरोप लगाए हैं. उनका कहना है कि प्रिया भारती के साथ घरेलू विवाद चल रहा था और इसी वजह से यह घटना हुई. पुलिस ने केस दर्ज कर लिया है और पारिवारिक विवाद के एंगल से भी जांच शुरू कर दी है.

पति बैंक अधिकारी, तीन महीने की मासूम बेटी

प्रिया भारती के पति ICICI बैंक में असिस्टेंट मैनेजर हैं. दोनों की एक तीन महीने की बेटी भी है. इस पहलू ने पूरे मामले को और ज्यादा संवेदनशील बना दिया है, क्योंकि एक नवजात बच्ची अपनी मां को हमेशा के लिए खो चुकी है.

सुसाइड नोट ने बदली जांच की दिशा

BPSC शिक्षिका प्रिया भारती द्वारा छोड़ा गया सुसाइड नोट अब पुलिस जांच का अहम हिस्सा बन गया है. नोट में उन्होंने साफ लिखा है कि वह लंबे समय से बीमारी से जूझ रही थीं और इसी वजह से उन्होंने यह कदम उठाया. उन्होंने अपनी मौत के लिए किसी व्यक्ति को जिम्मेदार नहीं ठहराया है. यह सुसाइड नोट पुलिस के लिए एक मजबूत दस्तावेज है, लेकिन साथ ही कई सवाल भी खड़े करता है.

पुलिस शुरुआती जांच में यह बात सामने आई है कि महिला का परिवार से किसी न किसी बात को लेकर विवाद चल रहा था. अब जांच का केंद्र यह है कि यह फैसला पूरी तरह व्यक्तिगत था या इसके पीछे कोई और दबाव काम कर रहा था.

हर एंगल से हो रही जांच

पुलिस का कहना है कि सुसाइड नोट, पारिवारिक बयान, मौके की स्थिति और मेडिकल रिपोर्ट, सभी बिंदुओं को ध्यान में रखकर जांच की जा रही है. यह मामला सिर्फ एक मौत की खबर नहीं है, बल्कि एक युवा शिक्षिका की व्यक्तिगत पीड़ा, पारिवारिक तनाव और समाज की जिम्मेदारी पर गंभीर सवाल खड़े करता है.

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Pratyush Prashant

लेखक के बारे में

By Pratyush Prashant

महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में एम.ए. तथा जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) से मीडिया और जेंडर में एमफिल-पीएचडी के दौरान जेंडर संवेदनशीलता पर निरंतर लेखन. जेंडर विषयक लेखन के लिए लगातार तीन वर्षों तक लाडली मीडिया अवार्ड से सम्मानित रहे. The Credible History वेबसाइट और यूट्यूब चैनल के लिए कंटेंट राइटर और रिसर्चर के रूप में तीन वर्षों का अनुभव. वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल, बिहार में राजनीति और समसामयिक मुद्दों पर लेखन कर रहे हैं. किताबें पढ़ने, वायलिन बजाने और कला-साहित्य में गहरी रुचि रखते हैं तथा बिहार को सामाजिक, सांस्कृतिक और राजनीतिक दृष्टि से समझने में विशेष दिलचस्पी.

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