बिहार: नगर निकाय अफसरों की सुरक्षा में तैनात होंगे सशस्त्र होमगार्ड, हथियार लाइसेंस के आवेदनों को भी मिलेगी प्राथमिकता
AI से बनाई गई सांकेतिक तस्वीर
Bihar News: बिहार सरकार ने नगर निकायों के आयुक्तों और पदाधिकारियों की सुरक्षा को लेकर महत्वपूर्ण कदम उठाया है. अब उनकी सुरक्षा पहले से ज्यादा मजबूत होगी, जिसमें हथियार लाइसेंस आवेदनों को प्राथमिकता और सशस्त्र होमगार्ड की तैनाती शामिल है. यह निर्णय हाल की घटनाओं के मद्देनजर लिया गया है.
Bihar News: बिहार सरकार ने नगर निकायों में तैनात नगर आयुक्तों और नगर कार्यपालक पदाधिकारियों की सुरक्षा को लेकर महत्वपूर्ण फैसला लिया है. नगर विकास एवं आवास विभाग ने राज्य के सभी जिलाधिकारियों (DM) और पुलिस अधीक्षकों (SSP/SP) को विशेष निर्देश जारी किए हैं. अब इन अधिकारियों की सुरक्षा व्यवस्था पहले से अधिक मजबूत की जाएगी.
हथियार लाइसेंस के आवेदनों का होगा प्राथमिकता से निपटारा
विभाग के विशेष सचिव शाहिद परवेज की ओर से जारी निर्देश में कहा गया है कि कई नगर आयुक्त और नगर कार्यपालक पदाधिकारी सुरक्षा कारणों से हथियार लाइसेंस की मांग कर रहे हैं.
ऐसे में भविष्य में इन अधिकारियों की ओर से आने वाले हथियार लाइसेंस के आवेदनों का निपटारा प्राथमिकता के आधार पर किया जाएगा. सभी डीएम को इस संबंध में आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया है.
जरूरत के अनुसार तैनात होंगे सशस्त्र होमगार्ड
सरकार ने नगर निकायों की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए सशस्त्र होमगार्ड की तैनाती का भी फैसला लिया है.
इसके लिए सभी एसएसपी और एसपी को निर्देश दिया गया है कि वे संबंधित नगर निकायों की सुरक्षा स्थिति का आकलन करें. जहां जरूरत हो, वहां सशस्त्र होमगार्ड की प्रतिनियुक्ति सुनिश्चित की जाए.
सुरक्षा का खर्च नगर निकाय ही उठाएंगे
सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि नगर निकायों में तैनात किए जाने वाले सशस्त्र होमगार्ड का पूरा खर्च संबंधित नगर निकाय ही वहन करेंगे. इस व्यवस्था का उद्देश्य अधिकारियों को सुरक्षित माहौल में काम करने का अवसर देना है.
हाल की घटनाओं के बाद लिया गया फैसला
हाल के दिनों में कई जिलों में नगर निकाय अधिकारियों पर हमले और हत्या की घटनाओं के बाद सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ी है. इसी को देखते हुए नगर विकास एवं आवास विभाग ने यह कदम उठाया है. विभाग का मानना है कि सुरक्षा मजबूत होने से अधिकारी बिना डर के अपने दायित्व निभा सकेंगे.
बीडीओ ने भी दोहराई सुरक्षा की मांग
बिहार ग्रामीण विकास सेवा संघ ने भी अधिकारियों की सुरक्षा का मुद्दा फिर उठाया है. मंगलवार को संघ की ऑनलाइन बैठक हुई. इसमें सुरक्षा और सेवा संबंधी मांगों पर सरकार की ओर से अब तक कोई निर्णय नहीं होने पर नाराजगी जताई गई.
बिहार की ताजा खबरों के लिए यहां क्लिक करें
हड़ताल पर भी हो सकता है फैसला
संघ ने कहा कि यदि सरकार जल्द मांगों पर विचार नहीं करती है तो रविवार को सभी बीडीओ की बैठक बुलाई जाएगी. इस बैठक में आगे की रणनीति तय होगी. जरूरत पड़ने पर हड़ताल का फैसला भी लिया जा सकता है.
'बिना सुरक्षा के जोखिम भरा काम कर रहे हैं बीडीओ'
संघ के अध्यक्ष प्रशांत ने कहा कि हाल के आंदोलनों के दौरान कई बीडीओ पर जानलेवा हमले हुए. इसके बावजूद उनके पास सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं हैं. उन्होंने कहा कि जोखिम वाले कार्यों के दौरान अधिकारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना सरकार की जिम्मेदारी है. इसी मांग को लेकर संघ लगातार आवाज उठा रहा है.
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
लेखक के बारे में
By अभिनंदन पांडेय
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए










